सीजेपी ने प्रोटेस्ट किया और आरोप दोनों तरफ से लगे। सीजेपी यानी कॉकरेज जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जातियां की। इसके बाद पुलिस ने भी तमाम आरोप लगाए। लेकिन सबसे पहले आपको बताता हूं सीजेपी ने अब क्या किया है।
दरअसल उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की को लेकर बड़ा आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि जो बच्चे 18 साल से नीचे हैं उनको आपने हिरासत में ले रखा है। तुरंत उनको छोड़िए और जिनका कोई बैकग्राउंड नहीं उनको छोड़िए।
इस तरह का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने पारित किया है। यानी साफ-साफ कह दिया है कि कोई भी बच्चा इस तरह से उसको अंदर नहीं किया जा सकता। अगर सिर्फ वो प्रोटेस्टर्स है उसके खिलाफ कोई बैकग्राउंड नहीं है। यह कहा है और जो एफआईआर एफआईआर उन पर हुई हो उसको जो दंडात्मक कारवाई हो उस पर रोक लगा दी है। क्या कहा है पहले आपको बता दूं कि कई सारी याचिकाएं दाखिल हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जो सीजीआई है उन्होंने क्या कहा कि पैेट गन के इस्तेमाल, इलेक्ट्रिक बैटन, गंभीर रूप से घायल, प्रदर्शनकारियों, वकीलों और मीडिया कर्मियों पर हमलों जैसे मुद्दे का उल्लेख किया। इस दौरान राहत भी मिली। एफआईआर पर दंडात्मक कारवाई परलोक लगा दी गई और सात राज्यों को नोटिस भेजा गया। ये कहा गया है कि आप अपने-अपने स्टेट्स में बताइए कि क्या-क्या आपने कारवाई की कब तक आप छोड़ेंगे। तो ये अपने आप में एक बड़ी चीज सुप्रीम कोर्ट ने की।
सीजीआई सूर्यकांत जस्टिस जयमाला और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने यह आदेश सुनाया और जिसमें ये ये सिर्फ मामला दिल्ली तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा ये मध्य प्रदेश नागपुर बिहार तक में इस तरह की घटनाएं हुई और इसको लेकर अब एक ओवरऑल जो स्ट्रक्चर है जो आर्डर है वो पास किया सुप्रीम कोर्ट में जिसमें इसमें कहा है। लेकिन ये कहानी का एक पहलू है।
पहले आपको बताता हूं कि इस मामले में जो याचिकाकर्ता के वकील थे गोपाल शंकर नारायण। उन्होंने कोर्ट को बताया कि ये पूरे देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा मामला है और सिर्फ दिल्ली की घटना नहीं है। और ये भी बताया कि इसमें एक 19 साल के लड़के की रोशनी पैेट गन के इस्तेमाल किए जाने का मामला है। ये भी उल्लेख किया गया।
तमाम तरीके की बातें की गई और अब इसको लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में अक्सर कुछ अनचाहे लोग शामिल हो जाते हैं जो अपने एजेंडे के साथ आते हैं और बाद में खुद ही आयोजकों जैसा व्यवहार करने लगते हैं। दूसरी तरफ पुलिस के पुलिसकर्मियों के परिवारों की तरफ से भी याचिका दाखिल की गई जिसमें कहा गया कि पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया। ये एक अलग आस्पेक्ट है जो दाखिल किया गया है।
लेकिन अब सवाल ये उठता है कि जो आदेश आया है इसका क्या मतलब है? सवाल यह उठता है कि यह तो एक पहलू है। लेकिन इस दौरान दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा जो उनके सोर्सेस से खबर मिल रही है, वह यह बता रहे हैं कि करीबन ढाई हजार ऐसे लोग शामिल थे प्रोटेस्ट में जिनका क्रिमिनल बैकग्राउंड है। यानी सीजेपी का प्रोटेस्ट था ये। 20 तारीख को जब वो संसद की तरफ जा रहे थे तो आप सोचिए जब बहुत सारे सीसीटीवी फुटेज बहुत सारे और सोर्सेस से जब सारी जानकारी एकत्र की गई तो पता चला। जो पुलिस ने खुलासा किया वो आपको बता दूं जो काफी अहम माना जा रहा है वो यह है कि फेशियल रिकॉग्निशन से और दूसरे टेक्निकल टूल से करीबन 2800 ऐसे लोग थे जिनके क्रिमिनल बैकग्राउंड सामने आए हैं जो जंतरमंतर साइट पर थे 20 से 25 तारीख के बीच में। इसके अलावा 989 जो लोग थे वह हीनियस क्राइम में इन्वॉल्व है।
जिसमें भी शामिल है, भी शामिल है। और आप सोचिए सवाल ये उठता है कि यह प्रोटेस्ट में कैसे आ गए? इनको किसने बुलाया? और क्या ये अपनी मर्जी से आए या किसी ने इनको बुलाया? और यह प्रोटेस्ट में आकर क्यों इन्होंने दंगा फैलाया? क्या ये वही लोग हैं जिन्होंने दंगा फैलाया? यह भी एक बहुत इंपॉर्टेंट बात है। लेकिन सवाल यह उठता है पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वाकई यही लोग थे जिन्होंने दंगा किया जिन्होंने पुलिस के ऊपर कारवाई की? लेकिन यह कहानी का दूसरा पहलू है। जैसे कि यह बात भी सच है कि प्रोटेस्टर्स पर भी जो कारवाई है वह की गई पुलिस के द्वारा और इसकी हमने कई तस्वीरें देखी, कई वीडियोस देखे और वो वीडियो भी वायरल है। लेकिन अब जिस तरह से पुलिस ने ये खुलासा किया है उसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच आपको बता दूं एक जो अहम खबर आ रही है सुप्रीम कोर्ट से वो ये कि कल जब सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी। एक वकील ने जनहित याचिका दाखिल की गई थी तो उसमें यह कहा था कि पुलिस दरअसल आंदोलन में थोड़ा बहुत जो प्रोटेस्टर्स हैं वो ये कहा जाए कि उसमें आपको किसने आदेश दे दिया उनके खिलाफ इतनी कठोर कारवाई का एक हिंट दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने और आज आप सोचिए जब कांग्रेस जनता पार्टी से संबंधित याचिकाएं जब सामने आई तो भी यह बात सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर में कही और 18 साल के बच्चों को पहले रिलीज़ किया ये कहा कि जिनका क्रिमिनल बैकग्राउंड है उनको रिलीज़ कीजिए लेकिन सवाल ये उठता है कि कई ऐसे भी के लोग थे जो दिल्ली पुलिस ने भी इसमें एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने बताया किस तरह से पुलिस पर 20 से 25 तारीख के बीच में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग टाइम पर विरोध प्रदर्शन किया गया।
यहां तक कि पुलिस ने इतना तक कहा कि पहले बल प्रयोग नहीं किया गया। पहले चेतावनी दी गई लेकिन जब वो नहीं माने प्रोटेस्टर्स तब बल प्रयोग किया गया। इस तरह की बात पुलिस कह रही है। चलिए अब इस मामले में सबसे अहम चीज ये होगी क्या सारे केसेस वापस लिए जाते हैं? क्योंकि जो सीजेपी की मांग है वो यही है कि सारे केस वापस लिए जाने चाहिए। जो लोग अरेस्ट है, डिटेंड है उनको छोड़ना चाहिए।
इसके अलावा जो दोषी पुलिसकर्मी हैं उनके खिलाफ कारवाई होनी चाहिए। लेकिन इस बीच अदालतों में भी कई सारी याचिकाएं दाखिल हो रही है। जहां पुलिस की तरफ से भी याचिकाएं दाखिल की जा रही है, सीजेपी की तरफ से भी दाखिल की जा रही है। इंडिपेंडेंट लोग भी याचिकाएं दाखिल कर रहे हैं। तो ऐसे में कोर्ट क्या इन पर अलग-अलग ऑर्डर पास करता है? देखने वाली बात होगी। जाते-जाते इस मामले में हालांकि अभी तक यह आश्वासन जरूर मिला है सरकार की तरफ से कि किस तरह एफआईआर वापस ली जाएगी। इसको लेकर सौरव दास का क्या कहना है जो सीजेपी के प्रवक्ता है सुनिए। दोस्तों रात के 1:00 बज रहे हैं एंड अभी हम लोगों ने जो दिल्ली पुलिस के रिप्रेजेंटेटिव्स थे जो एक तरह से इंटरलोकटर की तरह काम कर रहे थे हमारे डिस्कशंस के लिए वो आए थे हमसे मिलने एंड हम लोगों से पूछा कि क्या-क्या प्रॉब्लम्स आ रहे हैं।
हम लोगों ने बताया कि जो वादे किए थे सरकार ने हमें आशंका है कि वो शायद वादे नहीं रखे जाएंगे। तो वो साथ में यह गवर्नमेंट ऑफ बिहार होम डिपार्टमेंट का जो प्रेस रिलीज है जिसमें उन्होंने बोला है कि सारे एफआईआर वापस लिए जाएंगे प्रोटेस्टर्स के खिलाफ एंड फ्यूचर में भी कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। वो प्रेस रिलीज लेके आए थे एंड साथ-साथ हम लोग बैठ के ये डिस्कस कर रहे थे कि कौन-कौन से दूसरे गवर्नमेंट्स हो सकते हैं स्टेट गवर्नमेंट्स जो ऐसे सिमिलर नोटिफिकेशंस निकाले जिससे प्रोटेस्टर्स को कोई हार्म ना आए। तो ऐसे ही कॉकरोच जनता पार्टी हम लोग पूरे दिन एंड जब से यह प्रोटेस्ट शुरू हुआ है हम लोग प्रोटेस्टर्स के लिए काम कर रहे हैं। एंड अभी हम लोगों ने काफी लंबा डिस्कशन किया। ऑलमोस्ट डेढ़ दो घंटे हो गए करते हुए अभी हम लोग निकल रहे हैं। एंड सरकार ने गारंटी दिया है कि कल तक जितने भी हमारे यू नो अप्र्रीहेंशंस थे कि ये स्टेट में कुछ हो जाएगा, वो स्टेट में हो जाएगा।
उन सबका नोटिफिकेशंस निकल आएगा। एंड प्रोटेस्टर्स एक तरीके से सेफ रहेंगे। फ्यूचर में भी उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं होगा। कल हमें और ज्यादा डिटेल्स पता लगेगी। और हमें यह भी चीज बोली गई है कि जो भी ये नोटिफिकेशंस आ रहे हैं इवन आफ्टर दैट इफ वी सी अगर हमारे पास कोई भी कंप्लेंट आ रही है कि नहीं लिए गए हैं केस वापस तो वी कैन यू नो उनसे बात कर सकते हैं हम लोग। वो मेक श्योर करेंगे कि सारी चीजें उनके तरफ से हो। उन्होंने हमें ये भी बोला है कि जो भी बाकी स्टेट्स के जितने वो हमें चाहते हैं हम कल सुबह तक उनको बता दें। ऑफ कोर्स अभी रात हो गई है तो हम देखेंगे कि बाकी कौन-कौन से स्टेट है। मैंने ट्वीट भी करा है उसके बारे में। सो इफ यू हैव एनी इनफेशन प्लीज गिव इट टू अस। हम मेक श्योर करेंगे कि एक भी प्रोटेस्टर जिसने प्रोटेस्ट करा है अपने-अपने शहरों में उन किसी के भी खिलाफ कोई भी कानूनी कारवाई ना हो।
हम डे वन से सारे प्रोटेस्ट प्रोटेस्टर्स के साथ खड़े हैं। कॉकरोच जनता पार्टी एज अ मूवमेंट हम लोग कभी अबेंडन नहीं करेंगे किसी भी प्रोटेस्टर को। मैं रत्ना, आशु, अभिजीत, वैष्णवी सब लोग पूरे टाइम लगे पड़े हैं कि कोई भी प्रोटेस्टर को कोई हार्म नहीं आना चाहिए। ऐसे ही हम लोग एक साथ आगे बढ़ते रहेंगे। युवा शक्ति जिंदाबाद। एक और चीज है जो लीगल हेल्प का जो भी चल रहा था.
अभी तक उसमें यह चीज है कि हमने इंडिविजुअली जो भी लॉयर्स जिनको भी हेल्प कर रहे हैं ऑफ कोर्स अभी हमारे पास टीम नहीं है जो हम बनाएंगे लेटर। बट जितने भी लॉयर्स जहां रिप्रेजेंट कर रहे थे हम उनको रीच आउट कर रहे थे और उनसे पल-पल की खबरें जो हमें मिल सकती थी वो अपने हमने अपना बेस्ट ट्राई करा और अभी हमने मेक श्योर भी करा कि वो सारे लॉयर्स ने भी जो एफर्ट डाला है वो जो है वो खराब ना हो और हमें एक अश्योरेंस मिले जो राइटिंग में हमें ऑलरेडी मिल चुका