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UN ने नया मैप जारी कर दिया धोखा! भारत के अरुणाचल को कैसा दिखाया?

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जरा सोचिए जिस प्रस्ताव के पक्ष में भारत ने वोट किया और उसके बाद उसे लगा बड़ा झटका। हम बात कर रहे हैं दुनिया के नए मैप की। यूएन ने दुनिया के नए मैप को जारी किया और इस नए मैप में भारत और चीन को बड़ा झटका लगा है। आपको बताते हैं कि नए मैप में भारत को और चीन को कैसे चिंता में डाल दिया गया है। दरअसल 4 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया के नए नक्शे को लेकर वोटिंग हुई। जिसमें भारत समेत 164 देशों ने पक्ष में वोट किया।

जबकि अमेरिका इसका विरोध करता दिखाई पड़ा। इसके अतिरिक्त छह देशों ने वोटिंग से दूरी बनाई थी। नए नक्शे को लेकर भारत ने भी कड़े शब्दों में कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों सहित भारत के संप्रभुक क्षेत्र को भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुसार ही दर्शाया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार का गलत या भ्रामक चित्रण अस्वीकार्य है। इन सबके बावजूद यूएन ने नए नक्शे पर गलती कर दी और अरुणाचल प्रदेश को जो कि भारत का हिस्सा है उसे विवादित क्षेत्र बता दिया। बीते दिनों जब संयुक्त राष्ट्र की तरफ से दुनिया का नया नक्शा जारी किया गया तो भारत भौचक्का रह गया क्योंकि इस नक्शे में भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को अलग-अलग इलाकों के तौर पर दिखाया गया। जबकि यह भारत का अविभाज्य हिस्सा है।

हालांकि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से है। लेकिन इसे विवादित क्षेत्र बता देना यह भारत के लिहाज से ठीक नहीं है। दुनिया का नया नक्शा पहली बार 1 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र महासभा यूएनजीए के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रकाशित हुआ। इसमें अरुणाचल प्रदेश की नागालैंड के साथ सीमा को हटा दिया गया था और इस क्षेत्र को असम और चीन की सीमा से लगे एक स्वतंत्र राज्य के रूप में दिखाया गया। इसी तरह नक्शे में अक्साई चीन को एक स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में दिखाया गया और पश्चिमी सीमा भारत से और पूर्वी सीमा चीन से लगती है। इसके कारण बदलावों के पीछे कई वजहों की बात कही गई। नक्शे में एक डॉटेड लाइन भी दिखाई पड़ रही है जो भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू कश्मीर को विभाजित करने वाली नियंत्रण रेखा यानी एलओसी को दर्शाती है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने नक्शे के फुटनोट में उल्लेख किया कि डॉटेड लाइन जम्मू कश्मीर में एलओसी का लगभग प्रतिनिधित्व करती है जिस पर भारत और पाकिस्तान सहमत हुए थे। इसमें यह भी कहा गया कि जम्मू कश्मीर की अंतिम स्थिति पर संबंधित पक्षों के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पिछले सप्ताह अफ्रीकी संघ समर्थित नक्शे को सही करें।

करेक्ट द मैप प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। इस प्रस्ताव में दुनिया के क्षेत्र विशेष रूप से अफ्रीका के अधिक सटीक और निष्पक्ष मानचित्र को दर्शाया गया था। यह नक्शा बाध्यकारी नहीं है। लेकिन माना यह जा रहा है कि दुनिया भर के बहुपक्षीय संस्थानों ने इसे दुनिया के मानक चित्रण के रूप में अपनाने की तैयारी की है। अफ्रीकी समूह की ओर से टोगो द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव का भारत ने [संगीत] समर्थन किया था। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली के रुख को स्पष्ट करते हुए यह कह दिया था कि यह वोट सम्मान क्षेत्र मानचित्र प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के मूल सिद्धांत पर था।

मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि हमने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रस्ताव किसी विशिष्ट नक्शे, प्रोजेक्शन या राष्ट्रीय सीमाओं के चित्रण का समर्थन नहीं करता। इसमें आगे यह कहा गया कि भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार भारत के संप्रभु इलाके को दिखाया जाना चाहिए जिसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्र या केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल है। किसी भी गलत और गुमराह करने वाले चित्रण को स्वीकार नहीं किया जाएगा और भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमारा रुख स्पष्ट, सुसंगत और गैर परक्राम्य है। यह बयान विदेश मंत्रालय दिल्ली की तरफ से जारी किया गया था। लेकिन अब एक बड़ा मामला इस बात से सामने आया है और बड़ा झटका लगा है यूएन के मैप में अरुणाचल प्रदेश के हिस्से को विवादित दिखाया गया है जिसको लेकर अब आगे भारत अपनी ओर से सुनिश्चित कार्रवाई करेगा वीडियो डेस्क अमर उजाला.com इसी प्रकार की वीडियोस देखने के लिए हमें सब्सक्राइब करना ना भूलें और एस्ट्रोलॉजी से जुड़ी लेटेस्ट जानकारी के लिए डाउनलोड करें my ज्योतिष ऐप [संगीत]

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