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CJP प्रोटेस्ट में PM को लेकर ऐसा क्या बोल गई ये लड़की, सरकार ने लिया खतरनाक एक्शन।

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नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली का जंतरमंतर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ था। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के बैनर तले हजारों छात्र सड़कों पर उतरे थे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। लेकिन इस बड़े और छात्र आंदोलन के बीच एक ऐसा विवादित वीडियो सामने आया है जिसने अब एक नए राजनीतिक और कानूनी घमासान को जन्म दे दिया है।

दरअसल प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कुछ ऐसी कठित आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दी जिसे लेकर बवाल मच गया है। मामला इतना बढ़ गया कि इस महिला के खिलाफ पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है।

लेकिन पुलिस ने एक आम एफआईआर की जगह जीरो एफआईआर दर्ज की है। आइए आज के इस वीडियो में समझते हैं कि आखिर उस महिला ने क्या कहा था। ये जीरो एफआईआर क्या होती है और अब इस मामले में आगे क्या होने वाला है। आखिर उस दिन जंतरमंतर पर क्या हुआ था। नीट परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। मंच से लगातार सरकार, शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी।

इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लग गया। इस वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी मंच पर खड़ी होकर सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद सख्त और कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। वीडियो में महिला द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और लहजे को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। एक वर्ग का कहना था कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है।

लेकिन देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। वहीं वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद कई राजनीतिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इसकी कड़ी निंदा की और पुलिस से सख्त कारवाई की मांग भी शुरू कर दी। शिकायतों का दबाव बढ़ता देख पुलिस हरकत में आई लेकिन पुलिस के सामने एक तकनीकी अड़चन थी। घटना दिल्ली के जंतरमंतर की थी लेकिन शिकायतें देश के अलग-अलग हिस्सों और अलग-अलग पुलिस थाने में पहुंच रही थी। ऐसे में पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस महिला के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की।

अब आप सोच रहे होंगे कि यह जीरो एफआईआर क्या होती है? देखिए आमतौर पर जब कोई अपराध होता है तो उसकी एफआईआर उसी थाने में दर्ज की जाती है जिसके अधिकार क्षेत्र में वह घटना हुई हो। लेकिन अगर अपराध गंभीर है और शिकायतकर्ता किसी दूसरे थाने में पहुंच जाता है तो पुलिस यह कहकर उसे वापस नहीं भेज सकती कि यह हमारे इलाके का मामला बिल्कुल नहीं है। ऐसे में पुलिस तुरंत एक एफआईआर दर्ज करती है जिसे कोई सीरियल नंबर नहीं दिया जाता बल्कि उसे जीरो नंबर से दर्ज किया जाता है।

इसी को जीरो एफआईआर कहते हैं। जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद वो पुलिस स्टेशन उस केस को तुरंत उस संबंधित थाने में ट्रांसफर कर देता है जहां असल में घटना घटी थी। इस मामले में भी ठीक ऐसा ही हुआ है। महिला के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद अब इस मामले को आगे की कानूनी कारवाई और जांच के लिए दिल्ली पुलिस यानी कि जंतरमंतर क्षेत्र के संबंधित थाने को ट्रांसफर किया जा रहा है। अब दिल्ली पुलिस इस वीडियो की सत्यता की जांच करेगी। महिला की पहचान पुख्ता करेगी और यह तय करेगी कि क्या उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द कानूनी दायरे में हेट स्पीच, मानहानि या समाज में शांति भंग करने की श्रेणी में आते हैं या फिर नहीं। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स को भी नोटिस जारी किया है कि जंतरमंतर प्रदर्शन से जुड़ी और अपमानजनक पोस्टों को हटाया जाए और उन्हें पोस्ट करने वाले यूज़र्स की जानकारी साझाlकी जाए।

नेट पेपर लीक एक ऐसा मुद्दा है जिससे लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा है और उनका गुस्सा पूरी तरह से जायज है। लेकिन यह घटना एक बार फिर इस बहस को जन्म देती है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन और ऐसी आपत्तिजनक भाषा के बीच की वह बारीक लकीर कहां खींचती है?

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