CJP प्रदर्शन पर CJI सूर्यकांत का होश उड़ाने वाला बयान ! पलटा खेल
कॉकरोच जनता पार्टी के हुड़दंगियों पर हुए लाठी के बाद सुप्रीम कोर्ट के एक बयान ने तहलका मचा दिया है। लाठीचार्ज के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि लाठी चार्ज पर तुरंत एक सुनवाई हो। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया है। लेकिन उसके बाद जो हुआ वो शानदार था। दरअसल एक वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच के सामने एक जनहित याचिका लगाई थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि छात्रों की ओर से महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जा रहे हैं। वो नीट परीक्षा सही तरीके से कराने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में सुधार जैसे मुद्दों की बात कर रहे हैं। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता के वकील को रोकते हुए कहा कि थैंक यू वेरी मच। इसके बाद वकील ने कहा कि छात्रों पर लाठी हुआ है। हमारे पास पुलिस की कथित बर्बरता के वीडियो भी हैं। यदि संभव हो तो मामले की सुनवाई गुरुवार को कराई जाए क्योंकि छात्र अभी भी प्रभावित हैं। इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि हमें वीडियोस में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास यह वीडियो देखने का समय नहीं है।
हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए। आपको याद दिला दें कि 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं जो बाद में मीडिया सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमले करने लगते हैं। इसी टिप्पणी के बाद पर्दे के पीछे बैठे अभिजीत दीपके को कंट्रोल करने वाली ताकतों ने Instagram पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम का एक अकाउंट बनवाया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत को बहुत बुरा भला कहा गया। हद तो तब पार हो गई जब लंदन में एक लेक्चर के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के सामने एक महिला चिल्लाने लगी। यह खुद को कॉकरोच जनता पार्टी की समर्थक बोल रही थी। इसका नाम कल्पना विल्सन है जो उमर खालिद की रिहाई की भी मांग कर चुकी है। इस महिला ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत का अपमान किया। बहरहाल यह सारा विवाद नीट पेपर लीक के बाद शुरू हुआ। लेकिन अब जो सच्चाई हम आपको बताने जा रहे हैं, वह आपके होश उड़ा देगी। हमारे देश में पेपर लीक एक दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई रही है।
कांग्रेस के समय में भी पेपर लीक होते रहे लेकिन कांग्रेस ने इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। बीजेपी के समय में भी पेपर लीक हुए लेकिन बीजेपी सरकार ने इस पर काफी ठोस कदम उठाए। नीट एग्जाम दोबारा सफलतापूक आयोजित किया गया। नतीजे भी आए। लेकिन आप जाते-जाते इन आंकड़ों पर एक बार जरूर नजर डालिए। 2004 में सीबीएसई ऑल इंडिया प्रीमेडिकल पेपर लीक हुआ। 2006 में सीबीएसई 12th क्लास का अकाउंट्स पेपर लीक हुआ। 2007 में ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एग्जाम का पेपर लीक हुआ। 2008 में प्रीमेडिकल टेस्ट पेपर लीक हुआ।
2011 में उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग एग्जाम पेपर लीक हुआ। इसके बाद 2012 में एम्स एंट्रेंस एग्जाम पेपर लीक हुआ। 2013 में महाराष्ट्र एचएससी पेपर लीक हुआ। इसके बाद 2013 में राजस्थान यूनिवर्सिटी का पेपर लीक हुआ। 2013 में ही राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन का पेपर भी लीक हुआ। 2014 में सीबीएसई का 10वीं क्लास का गणित का पेपर लीक हुआ। 2014 में सीबीएसई 12वीं क्लास का इकोनॉमिक्स का पेपर भी लीक हुआ। कांग्रेस के समय के ऐसे कई उदाहरण आपको मिल जाएंगे। लेकिन उस समय किसी ने किसी का इस्तीफा नहीं मांगा और ना ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उस समय की सरकार चलाने वालों ने खुद इस्तीफा दिया। लेकिन आज यह धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और पीएम मोदी से इस्तीफा मांग रहे हैं।