सर हम करने आए हैं। गुजरात में ने खुद पुलिस को किया फोन। आपने अक्सर सुना होगा कि चोरी होने के बाद लोग पुलिस को फोन करते हैं लेकिन गुजरात के वलसाड़ में कहानी बिल्कुल उल्टी निकली। यहां करने पहुंचे दो बदमाशों ने खुद पुलिस को फोन करके कहा सर हम करने आए हैं लेकिन बाहर लोगों ने शटर बंद कर दिया है। हमें बचा लीजिए।
जिस पुलिस से बचकर करने पहुंचे थे, आखिर उसी पुलिस को अपनी सुरक्षा के लिए बुलाना पड़ा। मामला वलसाड़ जिले के उमरगांव सब डिवीजन के संजान गांव का है। जहां बीजे ज्वेलर्स नाम की दुकान में दो आरोपी देर रात करने पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक दोनों ने दुकान का कुंदा काटकर अंदर घुसने की कोशिश की। उनके पास के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी थे और दुकान के अंदर से कुछ आभूषण भी निकाल लिए गए थे।
लेकिन दोनों अपना प्लान पूरा कर पाते उससे पहले ही उनकी एक गलती भारी पड़ गई। दुकान के पास मौजूद लोगों को कुछ संदिग्ध हलचल महसूस हुई और चलने की आवाज भी सुनाई दी। पास के दुकानदार निखिल भाई की नींद खुली तो उन्होंने अपने दोस्त आकाश भाई और दुकान के मालिक मनीष को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलते ही मनीष अपने भाई नीरज के साथ दुकान पर पहुंचे। तब तक आसपास के लोग भी वहां जमा हो चुके थे। लोगों ने दुकान का शटर आधा खुला देखा तो वह समझ गए कि अंदर कुछ तो गड़बड़ है।
इसके बाद उन्होंने समझदारी दिखाते हुए शटर को बाहर से बंद कर दिया। अब हालात पूरी तरह बदल चुके थे। करने के लिए अंदर घुसे दोनों बदमाश खुद दुकान के अंदर हो चुके थे और बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। दोनों ने बाहर निकलने का रास्ता तलाशा लेकिन कोई रास्ता नहीं मिला। बाहर मौजूद लोगों के हाथों में लाठियां भी थी और भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। को डर था कि कहीं वे बाहर निकलें तो लोग उनकी कर सकते हैं। ऐसे में उन्होंने खुद को दुकान के अंदर बंद कर लिया और आखिरकार जिस पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे उसी पुलिस को 112 हेल्पलाइन पर फोन कर दिया। फोन पर एक आरोपी ने पुलिस से कहा सर हम करने आए थे। लेकिन लोगों ने शटर गिरा दिया है। प्लीज हमें बचा लीजिए। पुलिस के लिए भी यह कॉल अपने आप में हैरान करने वाली थी क्योंकि की शिकायत करने वाला कोई दुकानदार नहीं बल्कि करने आया आरोपी ही था। कॉल मिलते ही नाइट पर तैनात पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उस समय दुकान के बाहर कुछ लोग लेकर खड़े थे और शटर खोलने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सुरक्षित बाहर निकाला और हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने मौके से चोरी के लिए लाए गए औजार और दुकान से निकाले गए कुछ आभूषण भी बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिनेश सोनकर और विपिन पाठक के रूप में हुई है। अब पुलिस इस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है। डीएसपी बी दवे के मुताबिक पुलिस दोनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करेगी।
साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या दोनों पहले से ही किसी ऐसी वारदात में शामिल रहे हैं या किसी बड़े गिरोह से संबंध रखते हैं। संजान का इलाका भी इस मामले में अहम है क्योंकि यह गुजरात की सीमा के साथ-साथ महाराष्ट्र, दादरा और नगर, हवेली और दमन के करीब है।
सीमावर्ती इलाके होने की वजह से आरोपियों के लिए वारदात के बाद दूसरे राज्य केंद्र, शासित प्रदेश की तरफ निकल जाना आसान हो सकता है। इसीलिए पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। इस पूरी घटना का वीडियो और खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी।
कई लोगों ने इसे चोरों की उल्टी चोरी बताते हुए मजाक अंदाज में कहा कि आमतौर पर पुलिस चोरों को पकड़ती है। लेकिन यहां ने खुद पुलिस को बुला लिया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि के लिए पूरी तैयारी करके आए बदमाश आखिर में खुद ही अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस पर निर्भर हो गए।
हालांकि मजाक से अलग इस घटना ने यह भी दिखाया है कि स्थानीय लोगों की सतर्कता से संभावित बड़ी समय रहते रोकी जा सकती है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की इस कोशिश के पीछे सिर्फ यह दो लोग थे या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।
इस घटना में कहानी भले ही किसी फिल्मी सीन जैसी लगे लेकिन इसके पीछे एक गंभीर सबक है। सतर्क नागरिक अपराध को रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन कानून अपने हाथ में लेना किसी भी हालत में सही नहीं है। इसीलिए सतर्क रहिए लेकिन कार्यवाही कानून को करने दीजिए।