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चीन में हुआ बड़ा हादसा, एक साथ 82 लोगो की हुई मौ!त

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चीन से एक ऐसा खौफनाक हादसा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। उतरी चीन के शंगसी प्रांत की कोयला खदान शुक्रवार की शाम अचानक का जाल बन गई। जमीन से सैकड़ों फीट नीचे एक ऐसा हुआ कि एक-एक कर लाशें ही लाशें बिछ गई। अब तक 42 मजदूरों की की पुष्टि हो चुकी है।

लेकिन जमीन के नीचे उस वक्त क्या हुआ जब 247 मजदूर वहां काम कर रहे थे। आइए जानते हैं इस दर्दनाक हादसे की पूरी हकीकत। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वक्त था शुक्रवारकी शाम 7:29 शंगसी प्रांत की ल्यूसेन्यू कोयला खदान में रोजाना की तरह काम चल रहा था। शिफ्ट बदलने वाली थी और खदान के अंदर कुल 247 मजदूर मौजूद थे।

तभी अचानक खदान के एक हिस्से में जोरदार गैस विस्फोट होता है। धमाका इतना जोरदार था कि खदान का ढांचा अचानक बह गया और सैकड़ों मजदूर मलबे और जहरीली गैस के बीच जमीन केनीचे ही फंस गए।

स्थानीय इमरजेंसी टीमों ने रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। शनिवार सुबह तक कई लोगों को बाहर तो निकाल लिया गया लेकिन तब तक 42 घरों के चिराग बुझ चुके थे और कई मजदूर अब भी लापता है। शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है वह बेहद डरावनी है। धमाके के तुरंत बाद खदान के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइडगैस का स्तर डेंजर मार्क से कई गुना ऊपर चला गया। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कार्बन मोनोऑक्साइड एक साइलेंट किलर है। एक ऐसी जहरीली गैस जिसकी ना तो कोई गंधहोती है और ना ही कोई रंग।

जमीन के नीचे फंसे मजदूरों को अंदाजा भी नहीं हुआ होगा और इस गैस ने धीरे-धीरे उनका दम घोट दिया। अधिकारियों के मुताबिक रेस्क्यू किए गए कई मजदूरों की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है। वहीं इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली किियांग ने खुद मोर्चा संभाला। जिनपिंग ने आदेश दिया है कि रेस्क्यू [संगीत] में पूरी ताकत झोंक दी जाए। अधिकारियों से घायलों के बेहतर इलाज और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चीन के राष्ट्रपति ने हादसे के कारणों की गहन जांच करने और कानून के अनुसार कड़ी जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया है। उधर हादसे के बाद आननफानन खदान कंपनी के बड़े अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया। लेकिन सवाल चीन की सरकारी मीडिया पर भी उठ रहे हैं। जिसने पहले मरने वालों का आंकड़ा सिर्फ आठ बताया था और अचानक यह आंकड़ा 42 पार कैसे पहुंच गया? पिछले एक दशक में चीन का यह खदान हादसा माना जा रहा है।

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