छत्रपति शिवाजी महाराज इजराइल ने अपने और भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा ऐलान किया है जिसे सुनकर कुछ मुस्लिम देश बौखला जाएंगे। कई कन्व्टेड मुस्लिम तो समझ ही नहीं पाएंगे कि क्या मचा है। इजराइल ने ऐलान किया है कि वह मराठा साम्राज्य के महान शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की एक भव्य मूर्ति अपने देश में लगाने जा रहा है।
आप जानते ही हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने औरंगजेब की सत्ता को चुनौती दी थी। औरंगजेब को तड़पने और मरने के लिए छोड़ दिया था। अब इजराइल उन्हीं महान छत्रपति शिवाजी महाराज को पहली बार अपने देश में लाना चाहता है। इजराइल चाहता है कि उसके देश के लोगों को भी पता चले कि छत्रपति शिवाजी महाराज की ताकत क्या थी।
इजराइल अपने देश के लोगों को यह भी बताना चाहता है कि कैसे यहूदी लोगों ने छत्रपति शिवाजी की सेना में मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। । लेकिन पहले देखिए कि इजराइल ने छत्रपति शिवाजी की मूर्ति को लेकर ऐलान क्या किया है। मुंबई में इजराइल के काउंसिल जनरल यानीव रेिवाच ने ऐलान किया है कि हम छत्रपति शिवाजी की एक भव्य मूर्ति बनवा रहे हैं।
यह सब कुछ हम भारत या दुनिया के किसी देश को खुश करने के लिए नहीं कर रहे बल्कि हम एक सांस्कृतिक बदलाव लाना चाहते हैं ताकि इजराइल के लोगों को भी भारत के इतिहास के बारे में पता चले।
हम छत्रपति शिवाजी पर छपी किताबों को हिब्रू भाषा में ट्रांसलेट करवा रहे हैं ताकि शिवाजी महाराज की महानता और शौर्य की गाथाएं यहूदियों को भी पढ़ने को मिले।
लेकिन उससे पहले जान लीजिए कि कैसे भारत के वामपंथियों ने इतिहास में छेड़छाड़ कर पीढ़ियों तक बच्चों को चवन्नी छाप मुगलों के नाम याद करवाए। जिन शिवाजी महाराज ने मुगलों को विलुप्ति की कगार पर लाकर छोड़ दिया। उनके बारे में वामपंथियों ने कुछ नहीं बताया। बहरहाल हम आपको बता दें कि जब लगभग पूरी दुनिया में यहूदियों पर अत्याचार हो रहे थे।
तब भारत ही वह देश था जिसने यहूदियों को संरक्षण दिया। भारत वो इकलौता देश है जहां पर यहूदियों के खिलाफ कभी अत्याचार नहीं हुए। उनसे नफरत नहीं की गई। बताया जाता है कि 175 ईसा पूर्व में प्रताड़ना झेल रहे बेने इजराइल समुदाय के कुछ लोग महाराष्ट्र वाले इलाके में पहुंच गए। अपनी कला की परंपराओं और सैन्य कौशल के लिए पहचाने जाने वाले बेने इजराइल समुदाय के लोगों ने क्षेत्रीय सेनाओं में सेवा की। जिनमें मराठा राज्य से जुड़ी सेनाएं भी शामिल थी।
छत्रपति शिवाजी महाराज ने बेने इजराइली लोगों की सैन्य क्षमताओं को पहचाना और उनमें से कुछ को अपनी सेना में शामिल भी कर लिया। जब मराठा शासक मुगलों को चुनौती दे रहे थे। उस समय यहूदी सैनिकों ने भी छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना में पूरा योगदान दिया। बहरहाल अब आपको सुनवाते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज पर इजराइल ने क्या बयान दिया है।
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