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चेतन ने उगला सारा सच, ऐसे हुई केतन अग्रवाल की मौ!त की प्लानिंग।

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है। यही जानने के लिए अह जो लोनावला ग्रामीण पुलिस है जो इस मामले की जांच कर रही है वह नीरज को लेकर गई थी। करीबन 1 घंटे तक क्योंकि चेतन के पिताजी जो बातें कह रहे हैं कि सिया को दूर-दूर तक वो नहीं जानते। हो सकता है। हो सकता है ।

माता-पिता को जानकारी ना हो। क्योंकि नीरज का फोन लेकर अगर चेतन वहां गया है और नीरज के फोन से अगर सिया के फोन पर कॉल हुआ है। तो यह कनेक्शन कहीं ना कहीं तो साबित होता है। या तो नीरज उसे जानता था या चेतन उसे जानता था।

फिर पिताजी जो कह रहे हैं उसमें कितनी सच्चाई है। हालांकि ये तमाम पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है। आप बने रहिए अपडेट जैसे ही कुछ आएगी हम आपके पास लौटेंगे। फिलहाल की गु्थी सुलझाने में पुलिस जो है वह जुटी हुई है।

लगातार इसमें पूछताछ की जा रही है। नीरज के बाद बताया यह भी जा रहा है सिया और चेतन से देर रात तक पुलिस ने पूछताछ की है।

केस के सभी पहलुओं को लेकर दोनों से पूछताछ हुई है। दोनों से सवाल जवाब अकेले में भी किए गए हैं और सिया और चेतन को आमने-सामने बिठाकर भी पूछताछ हुई है। सिया और चेतन जो बयान दे रहे हैं उसको क्रॉस चेक किया जा रहा है और दोनों को एक साथ बिठाकर भी सवाल जवाब किए जा रहे हैं।

ये जो पूरे है दरअसल इसमें जांच तेज हो रही है और लगातार जो अपडेट्स आ रहे हैं वो चौंकाने वाले हैं। ग्राफिक्स के जरिए आपको बताते हैं। आखिर 18 जून को हुआ क्या यह जरा समझिए क्योंकि 18 जून वही दिन था जब मंगेतर सिया गोयल के साथ रियलस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल लोहागढ़ किले पर घूमने के लिए गए थे। 18 जून 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे केतन का पुलिस को मिलता है। लोहागढ़ किले के पश्चिमी हिस्से से पुलिस ने केतन के को निकाला। किले के पास की झाड़ियों के बीच बताया जा रहा है केतन अग्रवाल का शव जो है वह पुलिस को पड़ा हुआ मिला। इस घटना के वक्त सिया गोयल भी मौके पर साथ में मौजूद थी।

सिया गोयल कारोबारी केतन अग्रवाल की मंगेतर बताई जाती है। दोनों की जल्द ही शादी होने वाली थी। जब पुलिस ने घटना को लेकर सिया से सवाल पूछा तो सिया ने पुलिस को यह बताया कि दोनों किले पर घूमने के लिए आए थे। सिया के मुताबिक लोहागढ़ किले पर घूमते वक्त केतन का पैर जो है वह फिसल गया।

किले पर पैर फिसलने की वजह से केतन गहरी खाई में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। सिया के इस बयान पर पुलिस ने आकस्मिक का मामला दर्ज कर लिया था और इसी बयान के आधार पर पुलिस ने केतन की मौत को शुरुआत में हादसा माना था। 18 जून को केतन अग्रवाल को जिस लोहागढ़ किले से लोहागढ़ किले से सैकड़ों फीट की ऊंची झाड़ियों से फेंक दिया गया था। नव भारत की टीम उस जगह पर पहुंची किले के नीचे घनी झाड़ियां और पेड़।

घटना के बाद रेस्क्यू टीम ने केतन के शव को इसी जगह से रेस्क्यू किया था। तो यह तस्वीर जो हम आपको दिखा रहे हैं। यह तस्वीर जरा देखिए। यही वो 350 फीट गहरी खाई है जो बताया जा रहा है। जहां केतन गिरा था और पुलिस को उसका शव मिला था। यह तस्वीर हम आपको दिखा रहे हैं। लोहगढ़ किले के नीचे झाड़ियों में केतन जो है वो झाड़ियों के बीच फंसा हुआ उसकी पुलिस ने निकाला और उसके बाद सियासत सवाल जवाब हुए। लेकिन अब जांच जब हो रही है तो कुछ और ही कहानी सामने आ रही है।

18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया के साथ लोगड़ फोर्ट पर घूमने के लिए आया था। लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी होने वाली पत्नी ही अपने प्रेमी के साथ साजिश रचकर उसकी हत्या कर देगी और हम इस समय उसी किले के नीचे जो खाई में एक पूरा जंगल बन गया है उस लोकेशन पर आपको दिखा रहे हैं जहां पर घायल अवस्था में बेहद गंभीर अवस्था में केतन अग्रवाल पुलिस को मिला था। यह पूरी अगर आप देखें वीडियो जर्नलिस्ट विजय सावले आपको दिखाएंगे। नीचे का जो आप हिस्सा देख रहे हैं किले के ठीक नीचे वाला वहां पर सिर्फ आपको झाड़ियां मोटे-मोटे पेड़ जंगली झाड़ियां यह सब दिखाई देंगी और जिस समय यहां पर पुलिस रेस्क्यू करने के लिए पहुंची थी तो उसे काफी ज्यादा दिक्कतें हुई थी।

आप यह जो पूरा पैसेज देख रहे हैं रास्ते का इसे बनाया गया है इस उस लोकेशन तक पहुंचने के लिए जो ऊपर की तरफ है बताया जा रहा है जो पुलिस के सोर्सेस ने बताया है कि ठीक इसके पीछे की जो झाड़ी है जो पेड़ आप देख रहे हैं उसके आगे की तरफ चकि ऊपर जाना काफी ज्यादा मुश्किल भरा है इसीलिए हम आपको नीचे से समझाने की कोशिश करते हैं।

इसी झाड़ी के अंदर वह गंभीर अवस्था में मिला था और वहां से उसे रेस्क्यू करके तुरंत निकाल के पास के अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। आप पूरा लोकेशन देखिए। आप जहां भी कैमरे की नजर से देखेंगे सिर्फ झाड़ियां ही झाड़ियां घने जंगल नुमा पेड़ यहां पर आपको दिखाई देंगे और अगर इसमें कोई इंसान गिर जाए इतनी ऊंचाई से अगर आप पहाड़ के ऊपर जो बना किला है उसकी ऊंचाई देखेंगे तो कम से कम 800 फीट ये गहरी जो खाई है आपको नजर आएगी और इतनी नीचे गिरने के बाद किसी शख्स का बच पाना बेहद मुश्किल है और यही दुर्भाग्य था केतन का कि उसकी भी जान नहीं बची है।

फिलहाल पुलिस इस जगह से रेस्क्यू करने के बाद फॉरेंसिक की टीम जो है वह भी अब इस मामले में जो फॉरेंसिक एविडेंसेस हैं उसे कलेक्ट करने की कोशिश में जुट चुकी है और वह भी टीम यहां पर बुधवार की शाम को पहुंची थी। कई सारी चीजें उसने यहां से कलेक्ट किए थे क्योंकि यह वो लोकेशन है जहां पर इस हत्या को अंजाम दिया गया था। तो पुणे के लोगढ़ फोर्ट की तस्वीरें आप देख रहे थे। जहां हमारे सहयोगी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और बताया कि कितनी गहरी वो खाई है। झाड़ियों में ही केतन का जो है वो शव पड़ा मिला है। जिस घटना को सिया गोयल ने एक हादसा बताया।

तेज हवाओं की वजह से केतन अग्रवाल का पैर फिसलने की वजह बताई। उसकी कहानी पर केतन की बहन को भरोसा नहीं। क्योंकि केतन की बहन के दिमाग में जो सवाल आ रहे थे उनका जवाब लगातार उसकी बहन खोज रही थी। आखिर कैसे मिला उसे अपने भाई की मौत का सीक्रेट? जरा वो आपको समझाते हैं। समझिए केतन की बहन को हादसे की कहानी जो है वो अधूरी सी लगी। केतन कैसे गिरा? उसे बचाया जा सकता था जैसे सवाल बहन के मन में थे। अंतिम संस्कार के चार दिन बाद केतन के घर जब सिया पहुंची, केतन की बहन ने सिया से अलग ले जाकर बातचीत की।

लोहगढ़ में हुई घटना के बारे में फिर से सीक्वेंस जानने की कोशिश की सिया से। उससे सवाल जवाब किए। केतन की बहन के कई सवालों के जवाब सिया जो है वो नहीं दे पाई। केतन की बहन के सवालों का जवाब सिया ने गोलमोल तरीके से दिया। गोलमोल बातों से केतन की बहन का शक जो है वो गहरा हो गया। सिया के बर्ताव की जानकारी उसने परिवार को दी। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने केस में फिर से केस को शुरू किया। ढूंढना शुरू किया कि क्या सिया जो कह रही है वह बात सही है या कुछ और ही कहानी है। लौहगढ़ और आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

जांच के दौरान एक संदिग्ध शख्स पुलिस को नजर आया। गर्मी के मौसम में संदिग्ध ने हुडी पहनी हुई थी। उसका चेहरा जो है वो छिपा हुआ था और यही वजह है कि पुलिस को शक हुआ। संदिग्ध के कानों में हेडफोन था। यही पुलिस की पहली कड़ी थी। पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जो है वह तेज हो चुकी है।

केतन अग्रवाल से जुड़ी बड़ी खबर जो इस वक्त मिल रही है आपको बता दें। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी अब जांच में जुट गई है। केतन की हत्या की गु्थी सुलझाने के लिए फॉरेंसिक टीम स्पॉट पर पहुंची थी। फॉरेंसिक टीम हादसे वाली जगह पहुंची। जमीन की जांच की सबूत इकट्ठा किए गए हैं। जहां से बताया जा रहा है कि केतन जो है वो गिरा था।

उसे धक्का दिया गया सिया द्वारा और चेतन द्वारा ऐसे आरोप लगे हैं। उस जगह पर दरअसल यह टीम पहुंची है और वहां भी बताया जा रहा है कि टीम ने सबूत जुटाए हैं। पुलिस की जांच चल रही थी। टीम हादसे वाली जगह पर पहुंची है। आज सुबह की यह तस्वीर हम आपको दिखा रहे हैं। जांच जो है वह तेज हो चुकी है। फिलहाल सिया और चेतन जो है वह पुलिस रिमांड पर हैं। लगातार इन दोनों से अलग-अलग भी पूछताछ हो रही है और दोनों को आमने-सामने बिठाकर भी सवाल जवाब किए जा रहे हैं।

हालांकि पिक्चर जो है वो पूरी तरह से क्लियर नजर आ रही है। जो अभी तक इंफॉर्मेशन पुलिस ने जुटाई है। उसके मुताबिक सिया ने ही साजिश जो है वो रची थी। सिया और चेतन दोनों इनवॉल्व इसमें रहे हैं। और पहले भी एक बार कोशिश जो है वो की गई थी केतन को मारने की। लेकिन उस वक्त यह प्लान जो है वो सक्सेसफुल नहीं हुआ। फिर प्लान बी जो है वो सिया ने बनाया। सिया और केतन कितने इनवॉल्व रहे प्लान में? प्लान किसने एग्जीक्यूट किया? धक्का किसने दिया? क्या कुछ हुआ उस वक्त तमाम साक्ष्य जो है वो पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे हैं।

साथ ही साथ कोर्ट ने जो है वो सिया और केतन को पुलिस रिमांड पर चेतन को पुलिस रिमांड पर भेजा है। इन दोनों से पूछताछ हो रही है। केतन अग्रवाल की हत्या आखिरकार कैसे हुई इसकी जांच की जा रही है। अतुल सिंह हमारे सहयोगी हमारे साथ इस वक्त जुड़ चुके हैं। अतुल आज सुबह फॉरेंसिक की टीम उस स्पॉट पर पहुंची जहां से कहा जा रहा है कि धक्का दिया था सिया ने। हालांकि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

वहां भी कुछ सबूत मिले हैं। क्या कुछ जानकारी मिल पा रही है आपको? जी देखिए इस मामले में अब तक जो इलेक्ट्रॉनिक एविडेंसेस थे वो पुलिस इकट्ठा कर रही लेकिन अब फॉरेंसिक जो है टीम को भी इसमें इन्वॉल्व कर दिया गया है। ताकि अह इस मामले को लेकर जो जांच उनकी चल रही है उसमें जो सबूत है सिया के खिलाफ और चेतन चौधरी के खिलाफ उन्हें और पुख्ता किया जा सके। इसी वजह से फॉरेंसिक की टीम भी उस जगह पर गई जहां पर एग्जैक्टली अह जो अह केतन अग्रवाल था उसका जो अह घायल अवस्था में झाड़ियों में अह गिरने के बाद वह अटका हुआ था। वहां पर वह टीम पहुंची है और वहां से कई सारे एविडेंसेस कलेक्ट किए गए हैं। क्या एग्जैक्टली मिला है उसका अभी जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन ये सारे पहलू जो है कोशिशें इस वजह से की जा रही हैं ताकि इस मामले को और पुख्ता किया जाए। हालांकि लगातार जो वाले हैं उनका कहना है कि उस समय मेरा बेटा जो केतन अग्रवाल है और सिया है उससे काफी दूरी पर था और उसके पास सिर्फ सिया खड़ी थी। यानी कि वो एक तरह से ब्लेम सिया के ऊपर कर रहे हैं कि उनका बेटा निर्दोष है।

इस मामले में अगर कहीं कुछ दावे हैं पुलिस का पुलिस की जांच अभी चल रही है। सच्चाई क्या है ये सामने आ जाएगा और दोनों इस वक्त रिमांड पर है। आप बने रहिए अतुल हमारे साथ। इस बीच एक और बड़ी खबर केतन अग्रवाल हत्याकांड से जुड़ी हुई मिल रही है। चेतन की दुकान पर काम करने वाले से पूछताछ पुलिस ने की है। पुणे पुलिस ने नीरज नाम के शख्स से पूछताछ की है। नीरज वो शख्स जो चेतन की दुकान पर काम करता है। 3 साल से चेतन की दुकान पर नीरज काम कर रहा था। पुलिस ने इससे पूछताछ की है। सूत्र यह बता रहे हैं कि आरोपी चेतन ने नीरज का फोन लिया था। नीरज के फोन का इस्तेमाल हुआ था 18 जून को जिस दिन केतन की हत्या हुई। चेतन कथित तौर पर नीरज का फोन अपने साथ लेकर लोहागढ़ किले गया था। पुलिस को शक है कि इस फोन का इस्तेमाल सिया को कॉल करने के लिए भी कई बार किया गया होगा। इसलिए नीरज से पूछताछ हुई है। अतुल हमारे सहयोगी लगातार हमारे साथ बने हुए हैं। अतुल यह जो नीरज नाम का शख्स है जो कि चेतन की दुकान पर काम करता है और अगर ऐसा हुआ है कि उसका मोबाइल लेकर लोहागढ़ चेतन गया है तो जाहिर सी बात है .

इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जो जुटा रही है पुलिस उसमें एक बहुत बड़ा क्लू पुलिस के हाथ लगेगा और नीरज की गवाही भी मायने रखती है। जी देखिए इस मामले में जो इलेक्ट्रॉनिक एविडेंसेस हैं वो बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट प्ले रोल कर रोल प्ले कर रहे हैं। क्योंकि जो कॉल रिकॉर्ड्स निकाले गए हैं उसमें करीबन 2000 से ज्यादा बार इन दोनों के आपस में बातचीत हुए हैं। कॉल रिकॉर्ड्स में नंबर दोनों के जो है दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इस घटना में जो 18 जून को केतन अग्रवाल की मौत हुई है। उसकी हत्या हुई है। उस दौरान इस जांच में यह भी सामने आया था कि जिस फोन का लगातार इस्तेमाल आरोपी चेतन चौधरी कर रहा था वो आईएमईआई नंबर और जो फोन था वो उसका रेगुलर फोन नहीं था। तो पुलिस ने जांच करनी शुरू की। उसके जो है पास में उसके दुकान पे काम करने वाले साथ-साथ वो जिन लोगों के साथ उठता बैठता है वो सारे जो है डाटा निकालने के बाद ये पता चला कि ये जो नीरज है जो लंबे समय से चेतन चौधरी के घर जो दुकान है उस पर काम करता है.

उसके मोबाइल का इस्तेमाल किया गया है और उससे करीबन 20 से ज्यादा बार कॉल किए गए थे। किस नंबर पे कॉल किए गए थे इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन इस्तेमाल उसके ही मोबाइल का उसने किया था और पूरे दिन वो मोबाइल अपने साथ रखा था घटना वाले दिन पर और यही वजह थी कि उसमें क्या वो सिया को जानता था नीरज किस तरीके के दोनों के रिश्ते थे चेतन चौधरी के और सिया के साथ इस मामले में उसको और क्या जानकारी है यही जानने के लिए जो लोनावला ग्रामीण पुलिस है जो इस मामले की जांच कर रही है वो नीरज को लेकर गई थी करीबन 1 घंटे तक उससे पूछताछ भी हुई है उसका चेतन के पिताजी जो बातें कह रहे हैं कि सिया को दूर-दूर तक वो नहीं जानते। हो सकता है। हो सकता है माता-पिता को जानकारी ना हो। क्योंकि नीरज का फोन लेकर अगर चेतन वहां गया है और नीरज के फोन से अगर सिया के फोन पर कॉल हुआ है तो यह कनेक्शन कहीं ना कहीं तो साबित होता है। या तो नीरज उसे जानता था या चेतन उसे जानता था।

फिर पिताजी जो कह रहे हैं उसमें कितनी सच्चाई है। हालांकि ये तमाम पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है। आप बने रहिए। अपडेट जैसे ही कुछ आएगी हम आपके पास लौटेंगे। फिलहाल हत्याकांड की गु्थी सुलझाने में पुलिस जो है वह जुटी हुई है। लगातार इसमें पूछताछ की जा रही है। नीरज के बाद बताया यह भी जा रहा है सिया और चेतन से देर रात तक पुलिस ने पूछताछ की है। केस के सभी पहलुओं को लेकर दोनों से पूछताछ हुई है। दोनों से सवाल जवाब अकेले में भी किए गए हैं और सिया और चेतन को आमने-सामने बिठाकर भी पूछताछ हुई है। सिया और चेतन जो बयान दे रहे हैं उसको क्रॉस चेक किया जा रहा है और दोनों को एक साथ बिठाकर भी सवाल जवाब किए जा रहे हैं। ये जो पूरे हत्याकांड है दरअसल इसमें जांच तेज हो रही है और लगातार जो अपडेट्स आ रहे हैं वो चौंकाने वाले हैं। ग्राफिक्स के जरिए आपको बताते हैं। आखिर 18 जून को हुआ क्या? यह जरा समझिए। क्योंकि 18 जून वही दिन था जब मंगेतर सिया गोयल के साथ रियलस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल लोहागढ़ किले पर घूमने के लिए गए थे।

18 जून 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे केतन का शव पुलिस को मिलता है। लोहागढ़ किले के पश्चिमी हिस्से से पुलिस ने केतन के शव को निकाला। किले के पास की झाड़ियों के बीच बताया जा रहा है। केतन अग्रवाल का जो है वह पुलिस को पड़ा हुआ मिला। इस घटना के वक्त सिया गोयल भी मौके पर साथ में मौजूद थी।

सिया गोयल कारोबारी केतन अग्रवाल की मंगेतर बताई जाती है। दोनों की जल्द ही शादी होने वाली थी। जब पुलिस ने घटना को लेकर सिया से सवाल पूछा तो सिया ने पुलिस को यह बताया कि दोनों किले पर घूमने के लिए आए थे। सिया के मुताबिक लोहागढ़ किले पर घूमते वक्त केतन का पैर जो है वह फिसल गया। किले पर पैर फिसलने की वजह से केतन गहरी खाई में जा गिरा और उसकी मौत हो गई।

सिया के इस बयान पर पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया था और इसी बयान के आधार पर पुलिस ने केतन की को शुरुआत में हादसा माना था। 18 जून को केतन अग्रवाल को जिस लोहागढ़ किले से लोहागढ़ किले से सैकड़ों फीट की ऊंची झाड़ियों से फेंक दिया गया था। नव भारत की टीम उस जगह पर पहुंची किले के नीचे घनी झाड़ियां और पेड़। घटना के बाद रेस्क्यू टीम ने केतन के शव को इसी जगह से रेस्क्यू किया था। तो यह तस्वीर जो हम आपको दिखा रहे हैं। यह तस्वीर जरा देखिए। यही वो 350 फीट गहरी खाई है जो बताया जा रहा है।

जहां केतन गिरा था और पुलिस को उसका शव मिला था। यह तस्वीर हम आपको दिखा रहे हैं। लोहगढ़ किले के नीचे झाड़ियों में केतन जो है वो झाड़ियों के बीच फंसा हुआ उसकी शव पुलिस ने निकाला और उसके बाद सियासत सवाल जवाब हुए। लेकिन अब जांच जब हो रही है तो कुछ और ही कहानी सामने आ रही है। 18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया के साथ लोगड़ फोर्ट पर घूमने के लिए आया था। लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी होने वाली पत्नी ही अपने प्रेमी के साथ साजिश रचकर उसकी कर देगी और हम इस समय उसी किले के नीचे जो खाई में एक पूरा जंगल बन गया है उस लोकेशन पर आपको दिखा रहे हैं जहां पर घायल अवस्था में बेहद गंभीर अवस्था में केतन अग्रवाल पुलिस को मिला था। यह पूरी अगर आप देखें वीडियो जर्नलिस्ट विजय सावले आपको दिखाएंगे। नीचे का जो आप हिस्सा देख रहे हैं किले के ठीक नीचे वाला वहां पर सिर्फ आपको झाड़ियां मोटे-मोटे पेड़ जंगली झाड़ियां यह सब दिखाई देंगी और जिस समय यहां पर पुलिस रेस्क्यू करने के लिए पहुंची थी तो उसे काफी ज्यादा दिक्कतें हुई आप यह जो पूरा पैसेज देख रहे हैं.

रास्ते का इसे बनाया गया है इस उस लोकेशन तक पहुंचने के लिए जो ऊपर की तरफ है बताया जा रहा है जो पुलिस के सोर्सेस ने बताया है कि ठीक इसके पीछे की जो झाड़ी है जो पेड़ आप देख रहे हैं उसके आगे की तरफ चकि ऊपर जाना काफी ज्यादा मुश्किल भरा है इसीलिए हम आपको नीचे से समझाने की कोशिश करते हैं। इसी झाड़ी के अंदर वो गंभीर अवस्था में मिला था और वहां से उसे रेस्क्यू करके तुरंत निकाल के पास के अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। आप पूरा लोकेशन देखिए। आप जहां भी कैमरे की नजर से देखेंगे सिर्फ झाड़ियां ही झाड़ियां घने जंगल नुमा पेड़ यहां पर आपको दिखाई देंगे और अगर इसमें कोई इंसान गिर जाए इतनी ऊंचाई से अगर आप पहाड़ के ऊपर जो बना किला है उसकी ऊंचाई देखेंगे तो कम से कम 800 फीट ये गहरी जो खाई है आपको नजर आएगी और इतनी नीचे गिरने के बाद किसी शख्स का बच पाना बेहद मुश्किल है और यही दुर्भाग्य था केतन का कि उसकी भी जान नहीं बची है।

फिलहाल पुलिस इस जगह से रेस्क्यू करने के बाद फॉरेंसिक की टीम जो है वह भी अब इस मामले में जो फॉरेंसिक एविडेंसेस हैं उसे कलेक्ट करने की कोशिश में जुट चुकी है और वह भी टीम यहां पर बुधवार की शाम को पहुंची थी। कई सारी चीजें उसने यहां से कलेक्ट किए थे क्योंकि यह वो लोकेशन है जहां पर इस हत्या को अंजाम दिया गया था। तो पुणे के लोगढ़ फोर्ट की तस्वीरें आप देख रहे थे। जहां हमारे सहयोगी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और बताया कि कितनी गहरी वो खाई है। झाड़ियों में ही केतन का जो है वो शव पड़ा मिला है। जिस घटना को सिया गोयल ने एक हादसा बताया। तेज हवाओं की वजह से केतन अग्रवाल का पैर फिसलने की वजह बताई। उसकी कहानी पर केतन की बहन को भरोसा नहीं क्योंकि केतन की बहन के दिमाग में जो सवाल आ रहे थे उनका जवाब लगातार उसकी बहन खोज रही थी। आखिर कैसे मिला उसे अपने भाई की मौत का सीक्रेट? जरा वो आपको समझाते हैं। समझिए केतन की बहन को हादसे की कहानी जो है वो अधूरी सी लगी।

केतन कैसे गिरा? उसे बचाया जा सकता था जैसे सवाल बहन के मन में थे। अंतिम संस्कार के चार दिन बाद केतन के घर जब सिया पहुंची। केतन की बहन ने सिया से अलग ले जाकर बातचीत की। लोहगढ़ में हुई घटना के बारे में फिर से सीक्वेंस जानने की कोशिश की। सिया से उससे सवाल जवाब किए। केतन की बहन के कई सवालों के जवाब सिया जो है वो नहीं दे पाई। केतन की बहन के सवालों का जवाब सिया ने गोलमोल तरीके से दिया। गोलमोल बातों से केतन की बहन का शक जो है वो गहरा हो गया। सिया के बर्ताव की जानकारी उसने परिवार को दी। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने केस में फिर से केस को शुरू किया। ढूंढना शुरू किया कि क्या सिया जो कह रही है वह बात सही है या कुछ और ही कहानी है। लौगढ़ और आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच के दौरान एक संदिग्ध शख्स पुलिस को नजर आया। गर्मी के मौसम में संदिग्ध ने हुडी पहनी हुई थी। उसका चेहरा जो है वो छिपा हुआ था और यही वजह है कि पुलिस को शक हुआ। संदिग्ध के कानों में हेडफोन था। यही पुलिस की पहली कड़ी थी। पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जो है वह तेज हो चुकी है। केतन अग्रवाल हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर जो इस वक्त मिल रही है आपको बता दें पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी अब जांच में जुट गई है। केतन की हत्या की गु्थी सुलझाने के लिए फॉरेंसिक टीम स्पॉट पर पहुंची थी। फॉरेंसिक टीम हादसे वाली जगह पहुंची। जमीन की जांच की सबूत इकट्ठा किए गए हैं। जहां से बताया जा रहा है कि केतन जो है वो गिरा था। उसे धक्का दिया गया सिया द्वारा और चेतन द्वारा ऐसे आरोप लगे हैं।

उस जगह पर दरअसल यह टीम पहुंची है और वहां भी बताया जा रहा है कि टीम ने सबूत जुटाए हैं। पुलिस की जांच चल रही थी। टीम हादसे वाली जगह पर पहुंची है। आज सुबह की यह तस्वीर हम आपको दिखा रहे हैं। जांच जो है वह तेज हो चुकी है।

फिलहाल सिया और चेतन जो है वह पुलिस रिमांड पर हैं। लगातार इन दोनों से अलग-अलग भी पूछताछ हो रही है और दोनों को आमने-सामने बिठाकर भी सवाल जवाब किए जा रहे हैं। हालांकि पिक्चर जो है वो पूरी तरह से क्लियर नजर आ रही है। जो अभी तक इंफॉर्मेशन पुलिस ने जुटाई है। उसके मुताबिक सिया ने ही साजिश जो है वो रची थी।

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