एक भिखारी के घर से 30 बोरा कैश मिला है। 30 बोरा कैश। ये तस्वीर आप देख रहे हैं। कैश ही कैश आपको नजर आ रहा है। ये कैश भिखारी के घर से मिला है। अब देखिए जरा उसके बाद सिक्कों की गिनाई शुरू हुई। सिक्के निकाले गए एक-एक कर उनकी गिनती हो रही है। आपको बताऊं एक भिखारी के घर से इतना पैसा कैसे मिला? सभी अचंभित हैं।
भिखारी से करोड़ों का कैश मिलने का मामला कर्नाटक के मांडिया का है। यहां की हूरून निसा लंबे समय से भीख मांगकर गुजारा कर रही थी। सोचिए वो 10/10 के कमरे में किराए के कमरे में अकेली रह रही थी। रविवार को गंभीर बीमारी की वजह से अचानक उनकी हो गई। के बाद कमरे की तलाशी ली गई तो करोड़ों का कैश मिला। बताया जा रहा है नगदी से भरी 30 से ज्यादा बोरियां कमरे में रखी थी। इन पैसों की गिनती हुई तो 10 बोरियों में 8 से ₹1 लाख कैश निकले हैं। जबकि अभी भी 20 से ज्यादा बोरियों में मिले पैसों की गिनती बाकी है।
घर से बरामद सारी नकदी को पास की मस्जिद को सौंप दिया गया है। स्थानीय नेताओं ने महिला भिखारी के रिश्तेदारों को भी जानकारी दी। उनका कहना है कि आगे पैसों की गिनती उनकी मौजूदगी में होगी और फिर तय किया जाएगा कि यह पैसा किसे सौंपा जाएगा।
2011 की जनगणना के मुताबिक भारत में 4 लाख से ज्यादा भिखारी हैं। इसमें 2121000 पुरुष और 1,19,000 महिला भिखारी हैं। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा करीब 81,244 भिखारी हैं। इसके बाद नंबर उत्तर प्रदेश का है जहां 65,835 भिखारी मौजूद हैं। फिलहाल कर्नाटक में महिला भिखारी से मिले कैश की चर्चा पूरे देश में हो रही है।
अब आपको बताऊं कि यह तो वह महिला है जिसके पास से 20 बोरे मिले हैं। अब देश में जो करोड़पति भिखारी हैं वो कौन-कौन है उनकी तस्वीर भरत जैन मांगीलाल और पप्पू कुमार इसमें कई वो भी हैं जो अब कहते हैं नहीं। वह तो भीख नहीं मांगते। लेकिन देखिए भीख मांग कर कितनी और कैसे कमाई की है इन लोगों ने वो मैं आपको । जरा कौन-कौन उस लिस्ट में है। इन्हें इन्हें दुनिया का सबसे अमीर भिखारी माना जाता है। जिन्हें आप देख रहे हैं इस वक्त 54 साल के भरत 40 साल से भीख मांग रहे हैं और इनके पास 7 करोड़ की संपत्ति होने का दावा है। कहा जाता है कि मुंबई में वो दो फ्लैट के मालिक हैं।
जबकि ठाणे में दो दुकानें हैं जिनसे किराया आता है। यह हैं मंगीलाल। इंदौर के चर्चित करोड़पति भिखारी और फाइनेंसर। वह इंदौर के मशहूर सर्राफा बाजार में 8 साल से भीख मांग रहे हैं। कहते हैं वह हर दिन ₹1000 से ₹2000 कमाकर ब्याज पर पैसा दे देते हैं। प्रशासन ने उनका रेस्क्यू किया। उन्हें निकाला तो संपत्ति का खुलासा हुआ। पता चला कि इनके पास तीन मंजिला मकान हैं। तीन घरों के मालिक हैं ये। इनके इसके अलावा इनके पास तीन ऑटो हैं। एक कार भी मौजूद है।
एक और नाम इन्होंने हादसे में पैर कटने के बाद पप्पू 8 साल से पटना में भीख मांग रहे हैं। दावा किया जाता है कि वह करीब 1 करोड़25 लाख की संपत्ति के मालिक हैं। पटना में पप्पू कुमार के पास दो जगहों पर कीमती जमीन मौजूद है। जबकि उनका बेटा एक मशहूर इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहा है। हर दिन वो भीख मांगकर 700 से 1000 से ज्यादा कमा लेते हैं। अब आपको दिखाऊं यह तो देश की बात हो गई।
दुनिया में कौन सा मुल्क भिखारिस्तान है और भीख मांगने में आगे है वो इकलौता देश है। नंबर एक देश है पाकिस्तान। पाकिस्तानी अपने देश में भी भीख मांगते हैं और वीजा पासपोर्ट लेकर विदेशों में भी भीख मांगते हैं। एक बात सुनिए कहां से हैं आप? बेगैरत किस्म के लोग हैं ये। किधर भाग रही हो आप? किधर से हैं आप? मुझे बताएं आप कहां से हैं? दुनिया में नंबर एक भिखारी पाकिस्तान आखिर कैसे बन गया? बहुत से मुल्क पाकिस्तान के भिखारियों से परेशान है। उसमें सऊदी अरब भी है। भिखारियों के मामले में दुनिया का नंबर एक देश है पाकिस्तान। यहां करीब 3 करोड़ 80 लाख के आसपास भिखारी हैं।
जो कि पाकिस्तान की कुल आबादी का करीब 16% है। भीख मांगना यहां 4 लाख करोड़ का कारोबार बन चुका है। जबकि पाकिस्तानी भिखारी दुनिया के लिए मुसीबत बन गए हैं। सऊदी अरब यूएई में पकड़े जाने वाले 90% भिखारी पाकिस्तानी 5 महीनों में खाड़ी देशों ने 22,000 पाकिस्तानियों को वापस भेजा है। यह दावा पाकिस्तानी मीडिया की एक रिपोर्ट में किया गया है। इन लोगों को भीख मांगने और अवैध घुसपैठ के कारण खाड़ी देशों से निकाला गया। पाकिस्तान से सबसे ज्यादा भिखारी सऊदी अरब भीख मांगने जाते हैं और ये लोग उमरा, टूरिस्ट या वर्क वीजा से सऊदी अरब पहुंच जाते हैं और फिर वहां जाकर भीख मांगने के काम में शामिल हो जाते हैं।
फिलहाल पाकिस्तान के भिखारी दुनिया की बड़ी मुसीबत बन गए हैं। आइए अब खबरों में आगे बढ़ते हैं। देश की बात करते हैं और लगातार बरसात से कैसे स्थिति खराब हो रही है। रिकॉर्ड बरसात और बारिश में पब्लिक परेशान। देखिए जरा हालात क्या है? ये तस्वीर देखिए गाजियाबाद की तस्वीर है। एक पूरा ऑटो पानी में पलट गया। आराम से जल्दी पकड़िए पकड़ो। आराम से आराम से कोई बात नहीं। डरो मत ना डरो मत ना। इंजन बंद करते इंजन। अरे ड्राइवर की क्या गलती है इसमें? अब देखिए अगली तस्वीर मैं आपको दिखाऊं। ये तस्वीर आप देख रहे हैं संगम विहार की। संगम विहार दिल्ली की तस्वीर स्कूल वैन फंस गई पानी में बच्चियां धक्के लगा रही हैं। अब एक और तस्वीर आपको दिखाऊं।
हृदय विधारक है। इस शख्स की बच्ची गिर गई। नाले में बच्चा बह गया। और देखिए कचरे में यह शख्स अपने बच्चे को तलाश रहा है। कचरे में देश की राजधानी दिल्ली की तस्वीर है ये। पैंट पकड़ पट ऐसे ही। अब आपको तस्वीर दिखा रहा हूं मैं दिल्ली से सटे गुरुग्राम की। ये देखिए हाईटेक सिटी कहा जाता है गुरुग्राम। देखिए ऊपर गाड़ियां खड़ी है। नीचे बस पानी में फंसी हैं। ये स्कूल बसों की हालत आप देख रहे हैं। ऊपर फ्लाई ओवर है जिसमें ट्रैफिक जाम है। नीचे बसें पानी में जामखड़ी। अब देखिए उत्तराखंड के पौड़ी से तस्वीर आई है। लैंडस्लाइड हुआ है और लैंडस्लाइड के बाद पूरा रास्ता बंद हो गया। आगे रे रे ओए ओ ओए आंध्र प्रदेश। अब उसके बाद देखिए स्थिति ये है। उत्तराखंड की तस्वीर मैं आपको दिखाऊं। एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शुरू किया। बहुत से लोग नदी में फंस गए थे। उसके बाद देखिए लोगों को एक-एक कर एसडीआरएफ की टीम हटाने और बचाने की कोशिश कर रही है। और एक और तस्वीर आपको दिखाऊं। देखिए किस तरह से ललितपुर में क्या हुआ। यूपी की तस्वीर आप देख रहे हैं। तेज धार में बाइक बह गई है। पानी का बहाव इस कदर तेज था।
पकड़ ले पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ लाइट लाइट बनाओ ना हमने ना बोला पकड़ ले पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ पकड़ ले पकड़ ले तो आप देख रहे थे बारिश के बाद बड़े-बड़े शहरों के क्या हालात हो जाते हैं। आइए अब बारी है लाइफ का फंडा की। क्या है खास? जिंदगी में सहनशीलता और धैर्य को सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। लेकिन कब यह ताकत आपकी कमजोरी बन जाता है। आचार्य चाणक्य ने इसे लेकर बहुत अहम फंडा दिया।
आचार्य चाणक्य ने कहा धैर्यस्य सीमा संती यदि अतिक्रमति तरह ही कायरता उच्चते। मतलब धैर्य की भी अपनी सीमाएं हैं। अगर यह जरूरत से ज्यादा हो जाए तो लोग कायरता समझने लगते हैं। जैसे खुद के या किसी के साथ अन्याय होते देखने पर भी शांति के नाम पर चुप रहेंगे तो वो कायरता होगी। इसी तरह कोई बार-बार आपका अपमान करें और आप विवाद से बचने के नाम पर सहन करते रहें तो यह अपमान और को बढ़ावा देने जैसा होगा। जैसे महाभारत में कृष्ण भगवान ने शिशुपाल की 99 गालियां सहन की थी।
लेकिन शमी गाली के बाद धैर्य नहीं एक्शन दिखाया और सुदर्शन चक्र से उसका वध कर दिया। अहम मौकों पर आलस या डर की वजह से चुप रहना धैर्य नहीं मूर्खता है। जैसे आप किसी इमरजेंसी में फंस जाएं और मदद मांगने की बजाय चुप रहेंगे तो आपका ही नुकसान होगा। इस तरह आचार्य चाणक्य ने अहम फंडा दिया जब धैर्य के पीछे रणनीति ना होकर कोई डर या l सहना हो तो वो धैर्य कायरता होती है। इसलिए धैर्य भी एक सीमा तक ही रखना चाहिए।