मैं बाहर से कमजोर हूं मगर अंदर से बहुत मजबूत हूं। 20 जुलाई कत्ल नहीं रहा तो मैं भूत बन के आऊंगा। 17 जुलाई एनवायरमेंटलिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन का 20वां दिन है। डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। 16 जुलाई को वांगचुक का चेकअप करने वाले डॉक्टर सतीश लांबा ने कहा कि उनका वजन 9 किलो से भी ज्यादा गिर चुका है। वो मेंटली अलर्ट हैं लेकिन मसल्स कमजोर हो रही हैं। डॉक्टर ने कहा कि उनके जरूरी ऑर्गन पर अब असर पड़ सकता है।
हालांकि वांगशु का कहना है कि उनका शरीर भले ही कमजोर हो रहा हो लेकिन उनके इरादे अभी भी मजबूत हैं और उनकी भूख हड़ताल तब तक चलेगी जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती। मैं बाहर से कमजोर हूं मगर अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे उम्मीद है आप लोग अंदर बाहर दोनों से बहुत मजबूत होंगे। तो ये मजबूती हमें चाहिए। 30 जुलाई को तो फिर मैं किसी भी तरह 30 जुलाई तक जिंदा रहूंगा और नहीं आए और नहीं आए और 20 जुलाई का कल नहीं रहा तो मैं भूत बनके आऊंगा।
16 जुलाई को कई बड़े नेता सोनम वांगचुक से मिलने दिल्ली के जंतरमंतर पहुंचे थे। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने जंतरमंतर जाकर मांग रखी कि देश का शिक्षा मंत्री सोनम वांगचुक को बनाना चाहिए। सुनिए अरविंद केजरीवाल का पूरा बयान। धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना चाहिए लेकिन सोनम वांगचुक को देश का एजुकेशन मिनिस्टर बनाना चाहिए। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी वांगचुक को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वांगचुक इतने दिनों से भूखे बैठे हैं लेकिन सरकार हिल तक नहीं रही। 18 दिन हो गए अभी उनको 19वां दिन शायद चल रहा है। 9 किलो के आसपास वजन उनका कम हुआ है। उनकी तबीयत पर इसका असर पड़ रहा है।
लेकिन हुकूमत तस से मस्त नहीं कि किसी तरह वो उन्हें अपील करें कि अपना भूख हड़ताल वो रोक दें। सियासत अपनी जगह लेकिन कहीं ना कहीं इंसानियत और रहम के लिए भी जगह होनी चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोनम वांगचुक की हेल्थ को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी डाली गई थी कि वह मामले में हस्तक्षेप करें, दखल दें। आज तक से जुड़े संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और जस्टिस तेजस की बेंच ने इस केस की सुनवाई की। बेंच ने कहा कि वांगचू के हेल्थ पर नजर रखी जाए और उनका रेगुलर चेकअप होता रहे। पॉलिटिक्स और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग वांगचू के सपोर्ट में आ रहे हैं। उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन वांगचू का स्टैंड क्लियर है कि जब तक सरकार मांगे पूरी नहीं करेगी उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
16 जुलाई को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जय आंगमो का बयान सामने आया था। द हिंदू से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि दिल्ली की गर्मी उनका यानी वांगचुक का शरीर तोड़ रही है, कमजोर कर रही है। गीतांजलि ने इंटरव्यू में कहा था कि सोनम वांगचुक अभी सिर्फ नमक और पानी के सहारे हैं। दिल्ली में उन्हें भूख हड़ताल करते हुए 17 दिन हो गए हैं। लेकिन यहां की गर्मी और उमस की वजह से यह 17 दिन लद्दाख के 34 दिनों के बराबर महसूस हो रहे हैं। लद्दाख में उनकी मांसपेशियां कभी इतनी कमजोर नहीं हुई थी जितनी दिल्ली का मौसम उनके शरीर पर असर डाल रहा है। ज्यादा असर डाल रहा है। डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि वांगचुक के ऑर्गन्स पर असर पड़ सकता है। इसलिए उन पर 24ों घंटे नजर रखी जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आंदोलनकारियों की जो मांग है वो यह है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए। इस खबर में इतना ही। सारे अपडेट्स हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। मेरा नाम है विभा। देखते रहिए द लंडन टॉप। शुक्रिया।