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अरिजीत सिंह को मात देने वाला वो स्टार, जिसकी एक ‘गलती’ ने अर्श से फर्श पर ला पटका!

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मंजिल [संगीत] रुसवा [गाना गाने की आवाज़] है। साल 2013 में आई फिल्म आशिकी 2 की कहानी ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। आदित्य रॉय और श्रद्धा कपूर की शानदार जोड़ी को खूब सराहा गया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी। हम तेरे [गाना गाने की आवाज़] बिन अब रह नहीं [संगीत] सकते। कहानी और कास्ट के अलावा इस फिल्म के गानों ने हर किसी को अपना दीवाना बना लिया था। आशिकी 2 से बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह को देश भर में पहचान मिली। अब तुम ही [संगीत][गाना गाने की आवाज़] हो जिंदगी। आशिकी 2 में शामिल एक गाने को कंपोजर से सिंगर बने एक ऐसे सिंगर ने गाया जो उस वक्त अरिजीत सिंह पर भी भारी पड़ गए थे। वो सिंगर थे अंकित तिवारी जो एक वक्त बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर सिंगर्स में से एक हुआ करते थे। [संगीत] नमस्कार, प्रणाम, आदाब और आभार। मैं हूं आर जे प्रीति कमल और आप देख रहे हैं अपना पसंदीदा YouTube चैनल सिनेमा सफर। इस पेशकश में आज बात हो रही है एक वक्त बेहद मशहूर सिंगर रहे अंकित तिवारी की। है आशिकी 2 में एक गाना है सुन रहा है ना तू जिसे अंकित तिवारी ने आवाज दी थी। इस गाने ने उस वक्त धूम मचा दी थी। साथ ही इसके जरिए अंकित ने अरिजीत को कड़ी टक्कर दी थी। यह वो समय था जब अंकित बतौर सिंगर अरिजीत सिंह से ज्यादा पॉपुलर थे। मंजिलें रुसवा [गाना गाने की आवाज़] है। साल 2010 में हबीब फैसल की फिल्म 2 दूनी 4 से संगीत की दुनिया में कदम रखने वाले अंकित तिवारी महज 4 सालों में ही पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गए थे।

साल 2007 में मुंबई आकर लंबा संघर्ष करने के बाद आशिकी 2 के एक गाने ने अंकित को रातोंरात स्टार बना दिया। उनके पास फिल्मों में गानों के ऑफर्स की भरमार हो गई। देश विदेश से इस सिंगर के कंसर्ट की डिमांड आने लगी थी। एक कॉन्सर्ट के लिए अंकित तिवारी उस वक्त करीब 20 से ₹25 लाख तक चार्ज कर रहे थे। जो उस वक्त बॉलीवुड के टॉप 10 सिंगर्स की फीस के बराबर था। तेरी गलियां [संगीत] गलियां [गाना गाने की आवाज़] तेरी गलियां स्ट्रगलर रहे अंकित तिवारी। अब स्टार सिंगर और सेलिब्रिटी स्टेटस हासिल कर चुके थे। फिर एक गलती ने कैसे इनका पूरा करियर चौपट कर दिया। इनके हाथ आई फिल्में एक के बाद एक निकलती चली गई। कई प्रोजेक्ट्स कैंसिल हो गए। लोगों ने इनसे दूरी बना ली और आसमान छूने से पहले ही कैसे इस टैलेंटेड सिंगर का करियर जमींदोज हो गया। इसकी कहानी बहुत दिलचस्प और सबक देने वाली है। सनम [संगीत] तेरी कसम सनम तेरी कसम। बॉलीवुड से लगभग खत्म हो चुके करियर के बावजूद अंकित तिवारी का गायकी के प्रति जुनून इस कदर है कि वो कहते हैं मेरी ख्वाहिश है कि मैं स्टेज पर गातेगाते ही आखिरी सांस लेना चाहता हूं। मुझको इरादे [संगीत] दे दे तू कसले देवा दे दे। अंकित तिवारी ने उस दौर में पहचान बनाई जब बॉलीवुड संगीत में कई बड़े नाम सक्रिय थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी अलग और दिलकश सिंगिंग [संगीत] स्टाइल से लोगों के दिलों में जगह बनाई। साथ ही उन्होंने यह साबित किया कि एक कलाकार, संगीतकार और गायक दोनों भूमिकाओं में सफल हो सकता है। साहब [संगीत] बड़ा हटीला और बीवी बड़ी रंगीली। अंकित तिवारी ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक गाने गाए, लेकिन एक घटना ने उनका रफ्तार भरता करियर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। करियर के पीक पर यानी 2014 [संगीत] में उनके साथ एक ऐसी घटना हुई जिसने उन्हें अंदर से तोड़ कर रख दिया। इस घटना का असर इस कदर हुआ कि अंकित तिवारी ने 2015 के बाद कोई गाना नहीं गाया। इस कदर प्यार [गाना गाने की आवाज़] है। अंकित की आवाज में दर्द, गहराई और इमोशंस का ऐसा तालमेल है जिसने करोड़ों श्रोताओं के दिलों को छुआ है। [संगीत] सुन रहा है ना तू और तेरी गलियां जैसे गीतों ने उन्हें हिंदी फिल्म संगीत के सबसे चर्चित गायकों और संगीतकारों में शामिल कर दिया। इसके बावजूद क्यों उन्हें संगीत प्रेमियों के बीच एक अंडररेटेड कलाकार माना जाता है? क्या है इसकी वजह? जानेंगे इस पेशकश में आगे।

आखिर क्यों इस सिंगर कंपोजर को इनकी प्रतिभा के मुकाबले ज्यादा मौके नहीं मिले? आखिर [संगीत] कैसे कड़े संघर्ष के बाद वो दिन भी आया जब उन्हीं लोगों ने बुलाकर अंकित तिवारी से गाने गवाए जिन्होंने एक वक्त यह कहकर उन्हें खारिज कर दिया था कि तुम्हारी आवाज में दम नहीं है। दिल [संगीत] दरबद। 2014 में स्टार सिंगर और सेलिब्रिटी स्टेटस हासिल करने के बाद इसी साल एक वक्त ऐसा भी आया जब पुलिस की कस्टडी में एक बेहद [संगीत] संगीन आरोप में अंकित तिवारी को जेल जाना पड़ा। यह इल्जाम था तलाकशुदा और एक बच्चे की मां से शादी का झांसा देकर कई महीने तक एक बड़ी कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर काम करने वाली उस महिला ने क्या वाकई ₹3 करोड़ देने से मना करने पर अंकित पर यह इल्जाम लगाया था या फिर इस सिंगर ने कामयाबी और स्टारडम के नशे में आकर बड़ी गलती कर दी थी। आखिर इस मामले का अंजाम क्या हुआ? इन सारी बातों पर विस्तार से आने से पहले जान लेते हैं। अंकित तिवारी के कामयाब कंपोजर सिंगर बनने की कहानी। तू है के नहीं। अंकित तिवारी का जन्म 6 मार्च 1986 को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में हुआ था। जहां इनकी फैमिली का एक म्यूजिक ग्रुप हुआ करता था। जिसका नाम था राजू सुमन एंड पार्टी। इनके माता-पिता इस संगीत मंडली को चलाया करते थे। घर पर म्यूजिक माहौल होने के कारण अंकित [संगीत] बचपन से ही संगीत की दुनिया में कुछ करना चाहते थे। बेटे की दिलचस्पी को देखते हुए उनके माता-पिता ने अंकित को पेशेवर रूप से प्रशिक्षण देने का फैसला किया। पियानो, ध्रुपद और वेस्टर्न सिंगिंग के साथ ही इन्हें विनोद कुमार द्विवेदी से शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण दिलाया जाने लगा। ट्रेनिंग का असर यह हुआ कि अंकित 7 साल की उम्र में ही ढोलक और तबला बजाने लगे थे। और आठ की उम्र में हारमोनियम बजाना सीख लिया था। संगीत की शिक्षा लेने के साथ यह अपनी पढ़ाई पर भी पूरा फोकस करते रहे। ये आग [संगीत] का दरिया है डूब के जाना। अंकित ने कानपुर में ही कई म्यूजिक कंपटीशन जीते। साथ [संगीत] ही वह अपने पेरेंट्स की भजन मंडली में माता रानी के भजन गाया करते थे। डीबीएस कॉलेज से ग्रेजुएशन पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित ने ग्वालियर के एक रेडियो स्टेशन में प्रोडक्शन हेड के तौर पर ज्वाइन कर लिया। कुछ समय यहां काम करने के बाद इन्होंने म्यूजिक की दुनिया में करियर [संगीत] बनाने की इच्छा से मुंबई आने का फैसला किया। दिसंबर 2007 में अंकित अपने बड़े भाई अंकुर तिवारी के साथ मुंबई आ गए। जहां ना तो म्यूजिक इंडस्ट्री में कोई इनकी जान पहचान थी और ना ही कोई गॉडफादर। माया नगरी में अंकित को अपने भाई के साथ लंबे समय तक बहुत संघर्ष [संगीत] करना पड़ा। घर से कुछ पैसा आ जाता तो मुश्किलें आसान हो जाती। लेकिन दोनों भाइयों ने अपने दम पर मुंबई में रहने का फैसला किया। जब कई महीने तक काम नहीं मिला तो कई बार इनकी मां ने वापस कानपुर आने की सलाह दी। लेकिन अंकित एक मौके की तलाश में थे। कई दिन और रातें ऐसी बीती कि भूखा तक रहना पड़ा। मौसम के बदलते [संगीत] हर रूप में एक इंटरव्यू में अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए अंकित ने बताया था कि मुंबई में मेरे साथ भाई गिरी भी हुई थी। मुझे जबरन घर से निकाल दिया गया था। मैं यमुनानगर के पास रहता था। मेरा गैस चूल्हा और एक फ्रिज मकान मालिक ने रख लिया और तीन गुंडे बुलाकर मुझे तत्काल घर से निकाल दिया गया। हम दोनों भाई कई दिन तक पूरा सामान टेमो के पीछे रखकर घर ढूंढते रहे। उसी समय यूपी के रहने वाले एक ब्रोकर ने बहुत मदद की। उसने कहा कि मैं अगले 4 घंटे में आपको घर दिलाऊंगा। गोरे गांव में एक बैंक के अपोजिट मुझे घर मिला और हमने फिर नए सिरे से स्ट्रगल शुरू किया। करीब 2 साल संघर्ष करने के बाद अंकित को प्रदीप सरकार की एक फिल्म जरूर मिली लेकिन वह बन ही नहीं पाई।

ऐसे में प्रदीप सरकार ने अंकित को रेडियो के लिए जिंगल पर काम करने का मौका दिया। इसी बीच इन्होंने कुछ टीवी प्रोग्राम्स के लिए बैकग्राउंड स्कोर तैयार किया। साल 2010 में म्यूजिक कंपोजर के तौर पर अंकित को पहली फिल्म 2 दूनी 4 मिली। लेकिन इस फिल्म से इन्हें कोई पहचान नहीं मिल सकी और एक [संगीत] बार फिर संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ना पड़ा। ऐसा है दर्द [गाना गाने की आवाज़] मेरा। संघर्ष के दिनों में एक बार ऐसा भी हुआ कि अंकित ने कानपुर वापस लौटने की ठान ली थी। दरअसल करियर के शुरुआती दिनों में इन्हें एक बड़े बैनर की फिल्म मिली थी जिसमें कुछ नामी संगीतकारों के साथ मिलकर यह काम कर रहे थे। काम के दौरान फिल्म के मैनेजमेंट से अंकित का कुछ मतभेद हो गया। लेकिन फिर भी इन्होंने पूरी लगन के साथ उस फिल्म के लिए धुने तैयार की और फिल्म पूरी होने के बाद अपनी मर्जी से उनका साथ छोड़ दिया। जब फिल्म रिलीज हुई तो अंकित यह देखकर दंग रह गए कि कास्टिंग में से उनका नाम गायब कर दिया गया है। जबकि यह अपने घर वालों और कई दोस्तों से बता चुके थे कि इस फिल्म के कुछ गानों में इन्होंने म्यूजिक दिया है। इसका [संगीत] सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि अंकित के दिल पर क्या गुजरी होगी। [संगीत] इस वाक्य के बाद मुंबई से अंकित का मोह भंग हो गया और इन्होंने बोरिया बिस्तर बांधकर कानपुर वापस लौटने की तैयारी कर ली। जीवन के उस मुश्किल दौर में अंकित के बड़े भाई अंकुर तिवारी ने न सिर्फ हौसला दिया बल्कि इस बात के लिए मोटिवेट भी किया कि मुझे तुम्हारी काबिलियत और मेहनत पर पूरा भरोसा है। ऐसी छोटी-छोटी बातों से निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद अंकित के भाई ने ही मैनेजमेंट का काम संभाला। उन्होंने कुछ फिल्म निर्देशकों और प्रोडक्शन हाउस से जुड़े लोगों का फोन नंबर ढूंढा और अंकित को काम दिलाने के लिए हर जगह खुद फोन किया। इसी दौरान तगमांशु धुलिया से अंकित का परिचय हुआ और उन्होंने इन्हें साल 2011 में आई अपनी फिल्म साहब बीवी और गैंगस्टर का टाइटल सॉन्ग गाने का मौका दिया जिसे [संगीत] लोगों ने काफी पसंद किया। इस फिल्म से ही अंकित का सिंगिंग डेब्यू हुआ। है अजब सा चक्कर [संगीत] चले अंकित तिवारी बॉलीवुड में लगातार संघर्ष कर रहे [संगीत] थे। साल 2013 में आई फिल्म आशिकी 2 में अंकित तिवारी को कंपोजर के तौर पर मौका मिला। इस फिल्म में जीत गांगुली और मिथुन भी म्यूजिक डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। इस फिल्म में अंकित ने एक गाना भी गाया जो जबरदस्त हिट रहा। इसी गाने ने अंकित को रातोंरात मशहूर कर दिया। इस फिल्म के लिए अंकित को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। वहीं सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए उनका नामांकन भी फिल्मफेयर में हुआ था। इसी तरह आईफा अवार्ड में भी आशिकी 2 के लिए अंकित को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का अवार्ड मिला। यह अवार्ड उन्होंने जीत गांगुली और मिथुन के साथ साझा किया था। आईफा में भी अंकित तिवारी सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के तौर पर चुने गए थे, लेकिन अवार्ड उन्हें नहीं मिल पाया था। इस तरह देखा जाए तो फिल्म आशिकी 2 ने उन्हें बॉलीवुड में बतौर गायक संगीत निर्देशक स्थापित कर दिया। फिल्म आशिकी 2 के बाद उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में संगीत दिया और गाने गाए जिसमें काची, पुरानी जींस, सिंघम रिटर्न्स, पीके समेत एक विलन जैसी तमाम फिल्में शामिल रहीं। जिसका गाना तेरी गलियां बहुत पॉपुलर रहा। तेरी गलियां गलियां तेरी [गाना गाने की आवाज़] गलियां [संगीत] 2014 में अंकित तिवारी अपने करियर के पीक पर थे। उनके पास फिल्मों की भरमार थी और देश विदेश में खूब कंसर्ट कर रहे थे।

तभी फरवरी 2014 में एक ऐसी खबर आई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। एक महिला जो अंकित की पूर्व प्रेमिका भी थी, उसने उन पर बलात्कार और छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा [संगीत] दर्ज करा दिया। मई 2014 में इस मामले में अंकित और उनके भाई अंकुर तिवारी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपों के मुताबिक अंकित ने 2012 से 2013 के बीच अपनी तत्कालीन प्रेमिका के साथ कथित तौर पर शादी का झांसा देकर कई बार रेप किया। उनके भाई पर भी धमकी देने के आरोप लगे। इस खबर ने बॉलीवुड में हड़कंप मचा दिया। जो सिंगर अपनी रोमांटिक गायकी के लिए जाना जाता था वो अब एक गंभीर विवाद में फंस गया था। यार मिलते हैं प्यार [संगीत] मिलते [गाना गाने की आवाज़] हैं हमको यारों। यह सब कुछ अचानक नहीं हुआ बल्कि इसकी पटकथा करीब डेढ़ साल पहले लिखी गई थी। पूरी कहानी यूं थी कि साल 2012 के अक्टूबर महीने में एक दुर्गा पूजा कार्यक्रम में एक कॉमन फ्रेंड के जरिए 28 साल की एक महिला से अंकित की मुलाकात हुई। जो एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर काम कर रही थी। NDTV को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाने वाली महिला ने विस्तार से बताया था कि अंकित ने उनसे चार-प मुलाकातों के बाद ही लोखंडवाला की एक कॉफी शॉप में शादी के लिए प्रपोज किया था। तब मैंने उनसे कहा था कि हमारा रिश्ता नहीं चल पाएगा क्योंकि मेरा पहले तलाक हो चुका है और मेरी एक बेटी भी है। इसके बावजूद उन्होंने मुझसे कहा कि वह अपने परिवार को इसके लिए राजी कर लेंगे। महिला ने आगे बताया कि अंकित ने उन्हें अपनी मां से भी मिलवाया। इंटरव्यू में महिला ने आगे बताया कि यह 21 जुलाई 2013 की बात है। जिस दिन उनकी बहन का जन्मदिन था, मैंने उन्हें पार्टी में बुलाया था, वह रात करीब 11:30 बजे घर आए थे। उन्होंने मुझे ड्रिंक लेने के लिए राजी किया और मुझे दूसरे कमरे में ले गए। उन्होंने मुझे और ज्यादा शराब पिलाई। मेरे मुंह पर हाथ रख दिया और मेरे साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। मेरी बहन ने तो उन्हें कमरे से बाहर निकलते हुए भी देखा था। भीग लूं भीग लूं आज मैं। अगले दिन जब महिला की बहन को इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने अंकित को फोन किया और घर बुलाकर बात की। तब उन्होंने मुझसे शादी करने का वादा किया। लेकिन कुछ दिन बाद वह मुझे यह कहकर ब्लैकमेल करने लगे कि मैंने उस रात की पूरी घटना का वीडियो बना लिया है। [संगीत] अगर तुमने इस बारे में किसी से बात की तो मैं इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दूंगा। [संगीत] महिला ने बताया कि बदनामी के डर से वह चुप रही और उसने यह रिश्ता जारी रखा। उसने आगे बताया कि अंकित बार-बार यह दावा करता रहा कि वह उससे शादी करेगा लेकिन जब भी वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता तो वह उस वीडियो क्लिप का जिक्र छेड़ देता। इस स्थिति से तंग आकर उस महिला ने कानपुर जाकर अंकित तिवारी

के माता-पिता से बात की। इसके बाद स्थितियां और बिगड़ती चली गई। महिला ने यहां तक आरोप लगाया कि एक बार तो अंकित के मैनेजर भाई अंकुर ने उसे थप्पड़ मारा और घर से बाहर धकेल दिया। अगले दिन अंकित ने माफी मांग ली और [संगीत] अपना रिश्ता जारी रखा। लेकिन जब अंकुर को इस बात का पता चला तो उसने कथित तौर पर चाकू दिखाकर महिला को धमकाया और कहा कि वह उसके भाई की जिंदगी से निकल जाए वरना वो उसका मर्डर कर देगा। महिला का दावा था कि कई अवार्ड जीतने के बाद अंकित का बर्ताव बदल गया था। वो उनसे झगड़ा करता ही अपनी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप लगाता। बतौर पीड़ित महिला फरवरी 2014 में उसे पता चला कि अंकित की सगाई होने वाली है तो वह कानपुर गई। वहां जाकर पता चला कि अंकित की कोर्ट मैरिज की सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थी। बस डॉक्यूमेंट्स [संगीत] जमा करना ही बाकी था। महिला जब अंकित और उसके परिवार के कुछ सदस्यों से मिली तो उनके बीच बहस शुरू हो गई और कथित तौर पर अंकित ने उसे थप्पड़ मार दिया। खैर, इस हंगामे के बाद शादी रोक दी गई। इसके बाद वह वापस मुंबई आ गई और फरवरी 2014 में ही बरसोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा दी। जांच पड़ताल के बाद 8 मई को पुलिस ने अंकित को समेत कई धाराओं के तहत गिरफ्तार [संगीत] कर लिया। मुझको हुआ। इधर अंकित और उनके परिवार के मुताबिक उस महिला ने ₹3 करोड़ की डिमांड की थी। जिसके लिए मना करने पर यह पूरा मामला सामने [संगीत] आया। साथ ही यह भी कहा गया कि उस महिला ने खुद के तलाकशुदा होने और एक बच्ची की मां होने की बात अंकित से [संगीत] छुपाई थी। इसकी सफाई में महिला ने कहा था कि जब मैं अंकित से रिलेशनशिप में आई तो वह खुद स्ट्रगल कर रहा था। मैं एक कंपनी में अच्छी सैलरी ले रही थी। मैंने उन्हें फोन खरीद कर दिया। उनके मोबाइल बिल भी भरे। उस वक्त तक तो अंकित ने खुद ₹1 करोड़ भी नहीं कमाए होंगे। तो मैं उनसे ₹3 करोड़ की डिमांड क्यों करती? खैर, गिरफ्तारी के करीब 15 दिन बाद अंकित तिवारी और उनके भाई को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

साल 2015 में आरोप लगाने वाली महिला ने दूसरी शादी कर ली। अंकित के परिवार की ओर से महिला पर केस वापस लेने के लिए कई बार संपर्क किया गया। कुछ हद तक बात बनी भी, [संगीत] लेकिन फिर मामला बिगड़ गया। बदमाशियां रात भर। खैर यह केस चलता रहा लेकिन 27 अप्रैल 2017 को सेशन कोर्ट ने अंकित तिवारी और उनके भाई को बरी कर दिया। साथ ही इस मामले में कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के साथ ही गवाहों ने भी अपने बयान बदल दिए। इसके अलावा सबूतों के अभाव में अभियोजन पक्ष इस केस को साबित करने में नाकाम रहा। अंकित तिवारी 3 साल बाद भले ही इस केस में बरी हो गए, लेकिन उनका सबसे बड़ा नुकसान हो चुका था। आरोप लगने के बाद धीरे-धीरे उनका करियर खत्म हो चुका था। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद कहा था कि इस विवाद के बाद [संगीत] बॉलीवुड में कई लोगों ने उनसे दूरी बना ली। उनके कई प्रोजेक्ट्स रुक गए और जो काम अंतिम चरण में थे उन्हें भी

रद्द कर दिया गया। इंडस्ट्री में उनका बहिष्कार सा हो गया। जिसका नतीजा यह रहा कि उनका करियर बिल्कुल खत्म हो गया। अंकित ने स्वीकार किया कि इस दौर में उन्हें बहुत कुछ खोना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कुछ करीबी दोस्तों और परिवार के समर्थन ने उन्हें इस बेहद मुश्किल दौर से निकलने में मदद की। इंतजार मत जा रे मत जा मत [संगीत] जा रे। खैर साल 2018 में अंकित तिवारी ने पल्लवी शुक्ला से शादी की। दोनों की अरेंज मैरिज रही। आगे चलकर दोनों से एक बेटी हुई। अंकित ने अपनी पत्नी के साथ साल 2022 में एक रियलिटी शो स्मार्ट जोड़ी में भी हिस्सा लिया था। विवाद के बाद अंकित ने अपने करियर को फिर से पटरी पर लाने की तमाम कोशिशें की। [संगीत] वह छोटे शहरों में कॉन्सर्ट्स और परफॉर्मेंस के जरिए अपने फैंस के बीच सक्रिय रहे। लेकिन इन सबसे उन्होंने थोड़े बहुत पैसे जरूर बनाए लेकिन मेन स्ट्रीम म्यूजिक में उनकी वापसी नहीं हो सकी। अंकित की कहानी हमें सिखाती है कि शोहरत की चमक के दरमियान एक [संगीत] छोटी गलती भी आपकी पूरी जिंदगी और करियर को बर्बाद कर सकती है। [संगीत] यकीनन इस सिंगर में टैलेंट था जो एक विवाद की बेदी पर बलि चढ़ गया। एक ही इशारे पे दिल चीज तुझे दे दी। दे दी। तो यह थी सिंगर कंपोजर अंकित तिवारी की कहानी। यह पेशकश कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइएगा। कार्यक्रम पसंद आया हो तो चैनल को लाइक सब्सक्राइब जरूर करें। आपसे फिर होगी मुलाकात।

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