72 घंटे का मौसम का खेल एक बार फिर देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। कहीं लू की मार है तो कहीं बादलों की हलचल से राहत और आफत दोनों की दस्तक दिख रही है।
उत्तर भारत इस समय तेज गर्मी की चपेट में है और सूरज की तपिश ने दिन के साथ रातों को भी भारी बना दिया है। कई राज्यों में लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह गर्मीअभी थमने वाली नहीं है। आने वाले कई दिनों तक उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और दोपहर के समय हालात और ज्यादा कठिन हो रहे हैं।
सड़कें गर्म हवा से तप रही हैं और दोपहर में सन्नाटा सा माहौल देखने को मिल रहा है। इसी बीच पहाड़ी इलाकों में मौसम का रुख बदलने की तैयारी है। 21 से 22 मई के बीच वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इसके असर सेहिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लेह और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में तेज़ [संगीत] हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
कुछ जगहों पर ओले गिरने और हल्की बर्फबारी की भी संभावना बताई गई है। पहाड़ों में अचानक बदलता मौसम एक बार फिर लोगों के लिए चुनौती बन सकता है। खासकर यात्रा करने वालों के लिए। मैदानी इलाकों में भी मौसम धीरे-धीरे करवट लेता दिखेगा।
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 24 घंटे के बाद हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार के सीमावर्ती जिलों में धूल भरी आंधी चल सकती है। इसके साथ कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। गर्मी के बीच अचानक आने वाली यह आंधी लोगों को राहत भी दे सकती है.
लेकिन इसके साथ खतरा भी बना रहेगा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करती रहेंगी।
यूपी और राजस्थान में भी तापमान बढ़ने की चेतावनी दी गई है। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है और लू का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं है। स्काइमेट के अनुसार यहां साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो रहा है जिससे कई इलाकों में तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है और कई जगहों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण भारत में भी स्थिति अलग नहीं है। तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खेतों और ग्रामीण इलाकों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर देश का मौसम [संगीत] एक साथ कई रंग दिखा रहा है। उत्तर भारत में जहां लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पहाड़ों और पूर्वोत्तर में बारिश और तेज हवाओं का असर दिख रहा है। अगले 72 घंटे बेहद अहम रहने वाले हैं क्योंकि इसी दौरान मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 14 राज्यों में वज्रपात, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।