Cli

गांव के आकाश’ को राष्ट्रपति ने न्योता भेजा है वजह जानकर आप भी खुश हो जाएंगे !

Uncategorized

मनोरमा नदी जिसे भगवान राम से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के लिए भी जाना जाता है। धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खो रही थी। नदी की बदहाल स्थिति देखकर आकाश और उनकी टीम ने लगातार 4 महीने तक श्रमदान किया। टीम ने करीब 400 मीटर हिस्से की सफाई कर नदी को संवारा और ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए जागरूक भी किया। जिसका नतीजा यह हुआ कि मनोरमा नदी अपनी रवानगी में लौट आई। जैसे हमारी नदी का जो माहौल है अभी बहुत ही ज्यादा जब हम लोग सफाई का काम शुरू नहीं किए थे

उससे पहले नदी की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब थी। हम लोग जब बरगद के पेड़ के नीचे बैठते थे तो बहुत ही दुर्गंध आती थी। अजीब लगता था कि नदी हम नदी हमारी 10 साल पहले कैसे हुआ करती थी और अभी का हाल कैसे हो चुका है। तो हम लोगों ने सोचा मैंने अपने साथियों से बात किया। छोटे-छोटे बच्चे थे उनसे बात किया कि हम लोग चलते हैं.

नदी सफाई करते हैं। देखते हैं आगे क्या होता है। थोड़े दिन सफाई करेंगे और देखते हैं परिणाम क्या निकलता है। तो हम लोगों ने सफाई का काम शुरू किया और कुछ दिनों तो नदी की सफाई का काम किया और धीरे-धीरे हमारी नदी साफ होने लगी। वहां से कचरा और पॉलिथीन, प्लास्टिक, जलकुभी और तमाम प्रकार की चीजें मिलने लगी। कांच भी टूटे हुए मिलते थे जिससे हमारी टीम के कई लोगों का हाथ भी कट गया था। .

लेकिन फिर भी हम लोग रुके नहीं और हम लोग अपने काम को जारी रखे और हम लोगों ने लगातार 120 दिनों तक नदी सफाई का काम किया। आकाश और उनकी टीम की यह पहल गांव की सीमाओं तक नहीं रुकी। उनकी मेहनत की चर्चा जब देश तक पहुंची तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात कार्यक्रम में इस मुहिम की सराहना की। पीएम मोदी ने आकाश के प्रयासों को जन भागीदारी और जल संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया। बस्ती के आकाश गुप्ता अपने गांव की मनोरमा नदी को देखकर बहुत दुखी होते थे। क्योंकि जिस नदी को उन्होंने बचपन में साफ और जीवन देखा था। समय के साथ उस नदी में प्लास्टिक जमा होने लगा। गंदगी बढ़ती चली जा रही थी।

श्रीमान आकाश ने तय किया कि शिकायत नहीं करेंगे। एक नई शुरुआत करेंगे। शिकायत नहीं शुरुआत मंत्र बन गया। उन्होंने अपने दोस्तों को साथ लिया। सिर्फ जाल था, फावड़ा था, टोकरी थी और सबसे बड़ी ताकत थी कुछ बदलने का संकल्प। ये युवा नदी में उतरते थे। जलकुंभ भी निकालते थे। प्लास्टिक और कचरा बाहर लाते थे। कई बार एक दिन में 50 60 किलो तक कचरा नदी से निकाला गया। धीरे-धीरे मनोरमा नदी का वह हिस्सा फिर से साफ दिखने लगा। अब इस मुहिम के नायक आकाश गुप्ता को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। 15 अगस्त के राष्ट्रीय समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन से उन्हें विशेष निमंत्रण मिला है। जैसे ही डाक विभाग के अधिकारियों ने आकाश को निमंत्रण पत्र सौंपा, लजघटा गांव से लेकर पूरे बस्ती जिले तक खुशी की लहर दौड़ गई।

बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है कि हमारी नदी सफाई का अभियान पूरे देश भर में सुना जा रहा है और देखा जा रहा है कि हम लोग कैसे अपनी मेहनत करके अपने की सफाई का काम किए हैं और राष्ट्रपति जी ने हमें अह प्रेसिडेंट आवास पे एट होम रिसेप्शन में इनवाइट किया है। तो हमें बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। मेरी टीम, मेरे गांव और मेरे परिवार और मेरे पूरे प्रदेश को बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है कि बस्ती जिले से मैं चुना गया हूं इस अ प्रधान राष्ट्रपति जी के आवास पर निमंत्रण के लिए।

बहुत ही ज्यादा गौरव की बात है और बहुत ही ज़्यादा अच्छा लग रहा है। सात लोग हैं जिसमें मुझे इनवाइट किया गया है प्रेस प्रेसिडेंट आवास में एट होम रिसेप्शन में जहां पर मैंने बात किया कि हमारी टीम पूरी आए वहां पर लेकिन उन्होंने कुछ कहा कि आप सिर्फ सिंगल ही आ सकते हैं और कोई नहीं आ सकता आपके साथ। तो यह भी प्रॉब्लम थी लेकिन बार-बार मैंने उनसे कहा लेकिन ऐसा कुछ हो नहीं। आकाश गुप्ता ने राष्ट्रपति भवन से मिले इस निमंत्रण को अपनी पूरी टीम और बस्ती के लोगों का सम्मान बताया है। उनका कहना है कि यह सम्मान उन्हें पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए और ज्यादा काम करने की प्रेरणा देगा। मनोरमा नदी को बचाने की उनकी मुहिम अभी थमी नहीं है। बल्कि अब इसे और आगे ले जाने का संकल्प है। जिसे वो राष्ट्रपति जिसे वो राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के सामने भी रखेंगे। सबसे पहले तो हम लोग नदी सफाई का काम कर रहे हैं।

तो इससे रिलेटेड बात करेंगे। हमें कुछ सफाई का इक्विपमेंट जो भी अभी हमारे पास कोई भी इक्विपमेंट नहीं है जिससे कि नदी की सफाई का काम और तेजी के साथ हो सके। तो सबसे पहले हम लोग नदी सफाई से रिलेटेड बात करेंगे। उसके बाद अपने गांव से जो भी प्रॉब्लम है गांव में हमारी उसके बारे में बात करेंगे क्योंकि अभी हमारा गांव जो है बहुत ही पिछड़ा हुआ है क्योंकि विधायक जी हमारे इतना ज्यादा काम तो नहीं करे हैं।

10 साल से ज्यादा हो चुका है तो उतना ज्यादा विकास नहीं हुआ तो थोड़ा बहुत विकास हमारे यहां पे होना चाहिए। उसके बारे में बात करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *