Cli

जब परदे अपने सगे भाई से रोमांस किया बॉलीवुड की इस मशहूर अभिनेत्री ने?

Uncategorized

[संगीत] दोस्तों आज के एपिसोड में हम बात करेंगे हिंदी सिनेमा के एक ऐसे भूली बिसरी अभिनेत्री की जिनके चेहरे से तो लगभग सब लोग वा चले आओ तुम आखों ने दिल में बुलाया जिनकी अदाओं से जिनके गानों से सब लोग वाकिफ है साकिया आज मुझे नींद नहीं आ जिनके सिनेमा के पर्दे पर आते ही एक धमाका होता था लेकिन दोस्तों यह बेहद अफसोस की बात है कि इनके चेहरे से तो सब लोग वाकिफ है लेकिन इनके नाम से ऐसे बहुत से लोग हैं जो वाकिफ नहीं है बू मेरा क्या ना रे नदी किनारे गा रे दोस्तों इस अभिनेत्री के बारे में जानने से पहले आइए जानते कि इस अभिनेत्री ने हिंदी सिनेमा को वो कौन सा अद्भुत तोहफा दिया लो में खयालो में खयालो में जी दोस्तों हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के कॉमेडी किंग महमूद साहब की जिसने हिंदी सिनेमा के दर्शकों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाई खिलखिला हट लाई काले तो क्या हुआ दिलवाले हैं जी हा दोस्तों हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के किंग महमूद साहब की जो रिश्ते में इस अभिनेत्री के बड़े भाई थे और महमूद साहब अपनी छोटी बहन के चलते ही हिंदी सिनेमा में आ [संगीत] पाए आज मुझ नहीं आएगी आज के एपिसोड में हम बात करेंगे अभिनेत्री मीनू मुमताज [संगीत] की [संगीत] रेमी शलवार कुड़ता जाली का अभिनेत्री मीनू मुमताज मीनू मुमताज नहीं थ उनका नाम कुछ और था

और आपको जानकर यह हैरानी होगी कि इनका नाम मीनू मुमताज अभिनेत्री मीना कुमारी जी ने दिया था ना हम मुस्कुराते ना पास आते उसी मिली है अभिनेत्री मीनू मुमताज जी ने अपने 12 1 साल के में 100 सवा से भी ज्यादा फिल्म की मैं तुम से पूछती हूं मुझे तुमसे प्यार क्यों है 100 सवा स फिल्में करने के बाद अचानक इस अभिनेत्री ने शादी कर ली और शादी के बाद हिंदी सिनेमा को अलविदा कह दिया देखो जी देखो मीठी यादा से जलने वाले जले हिंदी सिनेमा के पहले मेल डांसर से मन मुमताज का क्या रिश्ता था मैं तो दिल्ली से दुलहन लाया रे बाब दोस्तों आमतौर पर फिल्मों में काम करना एक शौक से शुरू होता है लेकिन मीनू मुमताज जी के साथ ऐसी बात नहीं थी इन्होंने फिल्मों में काम एक मजबूरी के तहत शुरू किया था सख जान काहे तोरा मैं भी जान रे अभिनेत्री मीनू मुमताज जी की जितने भी गा देख लीजिए उनका डांस परफॉर्मेंस देख लीजिए सब के सब सुपरहिट है लोकप्रिय हैं लेकिन इसके बावजूद हिंदी सिनेमा में मीनू मुमताज जी को व मुकाम नहीं मिला जिसकी वह हकदार थी दोस्तों मीनू मुमताज सफलता की सीढ़ी चढ़ रही थी कि अचानक मीनू मुमताज एक विवाद से जुड़ गई

और वो विवाद ऐसा था कि जिसके कारण मीन को बहुत आलोचना सहनी पड़ी थी दोस्तों मामला यह था कि फिल्म हावड़ा ब्रिज में मीनू मुमताज और महमूद साहब पर एक गाना फिल्मा आया गया था और यही गाना सारे फसाद की जड़ निकला घोरा रंग चुनरिया काली मोतियों वाली के दिल मेरा क्योंकि इस गाने में मीनू मुमताज और महमूद साहब ने ऑन स्क्रीन एक रोमांटिक जोड़ी की तरह रोमांस किया था बदला सारा जमाना बाबू बदला सारा जमाना दर्शकों को यही बात चुप गई कि रियल लाइफ के भाई बहन ऑन स्क्रीन रोमांस कर रहे हैं हसते जाओ गाते जाओ नजरों को टकराते जाओ जलवा फिर देखो तो बने रहिए हमारे साथ आज के इस दिलचस्प वीडियो में नमस्कार दोस्तों मैं हूं विजय पांडे और आप देख रहे हैं गोल्डन मोमेंट्स विथ विजय पांडे वीडियो में आगे बढ़ने से पहले आप हमारा चैनल सब्सक्राइब करना ना भूले फिल्मी गाना बदला सारा जमाना बा 26 अप्रैल 1942 को मुंबई में पैदा हुई हिंदी सिनेमा के पहले मेल डांस सर मुमताज अली की बेटी मलिका उसा मुमताज अली साहब अपने वक्त के हिंदी सिनेमा में एक अच्छे अभिनेता और एक अच्छे डांसर के रूप में जाने जाते थे मैं तो दिल्ली सेलन लाया रे बाबूजी मीनू मुमताज आठ भाई बहन थी जिनमें उनके सबसे बड़े भाई थे मशहूर कॉमेडियन महमूद अली मीनू मुमताज जब बहुत छोटी थी तभी से वे अपने डांसर पिता के साथ अलग-अलग शहरों में जाकर लाइव स्टेज शो करने लगी थी और तभी से डांस उनके अंदर रच बस गया और वह डांस की भाव माओं को बेहतर तरीके से समझने लगी थी देखो जी देखो

मीया जलने वाले लेकिन दोस्तों अफसोस उनके पिता को धीरे-धीरे शराब पीने की बुरी लत लग गई सज रही गली मेरी मां सुनरी और देखते ही देखते घर का माहौल खराब होने लगा उनके पिता अब शराब पिए बगैर कुछ कर ही नहीं सकते थे और इस तरह घर की माली हालत बिगड़ने लगी घर में छोटे-छोटे बच्चे भूखे पेट सोने को मजबूर होने लगे ऐसे में जहीन बच्ची मीनू मुमताज ने सोचा कि अगर वह स्टेज शो के साथ-साथ फिल्मों में भी काम करने लगती हैं तो घर में कुछ ज्यादा पैसे आने लगेंगे और इस तरह वह अपने भाई बहनों और मां के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर पाएंगी और इसी मंशा को लिए हुए मीनू मुमताज ने फिल्मों में काम पाने के लिए अपना संघर्ष शुरू कर दिया की दूर ही से बात आप क्यों है इतने बेकरार से उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें फिल्मी दुनिया में एंट्री मिली दोस्तों मीनू ताज को बचपन से ही कला में रुचि थी इसके लिए उन्होंने अपने पिता से डांस की ट्रेनिंग भी ली थी चूंकि वह डांस में ट्रेंड थी इसलिए हिंदी सिनेमा में मीनू मुमताज को पहला ब्रेक दिया देविका रानी ने देविका रानी ने मीनू मुमताज को बॉम्बे टॉकीज में बतौर डांसर रख लिया 1955 में बॉम्बे टॉकी से एक फिल्म आई घर-घर की दिवाली जिसमें अभिनेत्री डांसर मीनू मुमताज जी ने हिंदी सिनेमा के सिल्वर स्क्रीन पर शुरुआत की इस फिल्म में उन्होंने गांव में रहने वाली एक डांसर का किरदार निभाया था इसके बाद 1955 में मशहूर डायरेक्टर नानू भाई वकील ने उन्हें अपने फिल्म में मौका दिया इस फिल्म का नाम था सखी हातिम वास्तव में मीनू मुमताज जी को सफलता मिली एक साल के बाद 1956 में फिल्म सीआईडी से और फिल्म सीआईडी के इस गाने सेरा नारे नारे गाओ रे दोस्तों फिल्म सीआईडी तो सुपरहिट रही ही और सीआईडी के इस गाने से मेनू मुमताज भी रातों रात सबके जहन में उतर गई चली बूथ हो तो किस जाऊ रे बूथ मेरा क्या नारे इस फिल्म के बाद मीनू मुमताज की किस्मत का सितारा ऐसा चमका कि उन्होंने एक साथ कई बड़ी फिल्में साइन कर ली और इसके पीछे की वजह थी मीनू मुमताज का अच्छे अभिनय के साथ-साथ डांस परफॉर्मेंस जिसमें वह नृत्य के भाव भंगिमा में बखूबी इस्तेमाल करती थी

और यह हुनर उनके पिता से उन्हें विरासत में मिली [संगीत] थी दोस्तों मीनू मुमताज बहुत अच्छे डांसर के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में एस्टेब्लिश तो हो गई थी लेकिन वह अब सिर्फ फिल्मों में डांस ही नहीं करना चाहती थी बल्कि वह फिल्मों में अब एक्टिंग भी करना चाहती थी जो निर्माता अपनी फिल्म में मेनू मुमताज के पास डांस करने के लिए आग्रह लेकर आते थे उनके आग्रह के साथ मेनू मुमताज ने भी आग्रह करना शुरू कर दिया कि वह सिर्फ डांस नहीं करेंगे इसलिए मीनू मुमताज को फिल्मों में डांसर के अलावा अब कैरेक्टर रोल में भी इंट्रोड्यूस किया जाने लगा और मीनू मुमताज कैरेक्टर रोल में भी दर्शकों के दिलों में अपनी छाप छोड़ने लगी बलम परदेसी दगा देखे ना जायो बलम मीनू मुमताज जी अब पूरे तरीके से अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा चुके थे अज चले आओ चले आओ नेल में बलाया और सभी भाई बहनों की जिंदगी सुधारने में लग गई देखो जी देखो मीठी यादा से दोस्तों अभिनेता महमूद साहब ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अभिनेत्री मीनू मुमताज मुझसे छोटी तो जरूर थी लेकिन उन्हो ने हमेशा एक बड़े भाई की तरह पूरे घर की जिम्मेदारी संभाली थी और आज मैं जो कुछ भी हूं अभिनेत्री मीनू मनिका उ निसा की चलते हूं जब महमूद फिल्मों में नहीं आए थे तब मीनू मुमताज फिल्मी दुनिया में छा चुकी थी दोस्तों यह वो वक्त था जब मीनू मुमताज सभी बड़े-बड़े डायरेक्टर्स एक्टर्स के साथ काम करने लगी थी और हेलेन जैसी डांसर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डांस के जलवे बिखेर रही थी अभिनेत्री हेलेन ने भी मीनू मुमताज की कई बार डांस परफॉर्मेंस की तारीफ की थी जिसकी चर्चा मीनू मुमताज ने खुद एक इंटरव्यू में किया था अभिनेत्री मीनू मुमताज की ऑन स्क्रीन एक बहुत अच्छी केमिस्ट्री बनी मीनू मुमताज की जॉनी वकर के साथ और आका साहब के साथ जॉनी वकर और मीनू मुमताज की जोड़ी को बहुत सी फिल्मों में रिपीट किया गया था यनो है पूरा बर्बादी जो तुम लल जाओगे पीछे पछताओगे किस्मत थोड़ी और मेहरबान हुई नीनू मुमताज को अब बतौर अभिनेत्री हिंदी सिनेमा में लोग साइन करने लगे और उसी लिस्ट में मीनू मुमताज जी के सामने एक फिल्म आई फिल्म का नाम था ब्लैक कैट जिसमें मीनू मुमताज जी के हीरो थे नेचुरल एक्टर बलराज साहनी साहब और इस फिल्म का यह गाना तो आज भी सदा बहार है तुमसे पूछती हूं मुझे तुमसे प्यार क्यों है इसके अलावा मीनू मुमताज ने गुरुदत्त की फिल्म कागज के फूल चौवीं का चांद साहिब बीवी और गुलाम में काम किया उनकी अन्य मुख्य फिल्मों में ताजमहल घूंघट इंसान जाग उठा घर बसा के देखो गजल अलीबाबा आलादीन धर्मपुत्र और जहां आरा थी दोस्तों ये मीनू मुमताज की वो

फिल्में है जिन्हें मीनू मुमताज के अच्छे डांस और अच्छे एक्टिंग की वजह से जाना जाता है दिल मेरा लूट लिया मीनू मुमताज अपनी सफलता की सीढ़ी चढ़ रही थी तभी मीनू मुमताज से जुड़ा एक विवाद हो गया और दोस्तों यह विवाद यह था कि 1958 में आई फिल्म हावड़ा ब्रिज में उन्होंने अपने सगे भाई महमूद के साथ पर्दे पर रोमांस किया थारा रंग चुनरिया काली मोतियों वाली के दिल मेरा हो एक दि पर्दे पर भाई बहन के रोमांस को देखकर दर्शक नाराज हो गए थे और इसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी पर्दे पर भाई बहन का ऑन स्क्रीन रोमांस देखकर बहुत लोग भड़क गए थे हालांकि बाद में यह पता चला कि यह स्क्रिप्ट की डिमांड थी और फिल्म के डायरेक्टर के कहने पर ऐसा किया गया है और उसके बाद से ही ऐसा कहा जाता है कि किसी भी रियल लाइफ भाई बहन ने ऐसा किरदार नहीं निभाया चाहे वह कजिन ही के ना रहे और शायद ये एक ऐसी घटना थी दोस्तों कि उसके बाद हिंदी सिनेमा में कभी भी रियल भाई बहन की जोड़ी भाई बहन के रूप में ही आई मीनू मुमताज जी के पर्सनल लाइफ की बात करें तो मीनू ममताज जी की शादी 1963 में प्रोड्यूसर डायरेक्टर राइटर सैयद अली अकबर साहब से हुई और मीनू मुमताज इस शादी के बाद मीनू अकबर के नाम से जाने जाने लगे इस शादी में मीनू मुमताज और महमूद साहब ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को इनवाइट किया था काफी नामचीन हस्तियां इस शादी समारोह में शरीक हुए महमूद साहब की शादी मीना कुमारी की छोटी बहन मधु से हुई थी और इस नाते मीना कुमारी जी के घर महमूद साहब खूब आना जाना किया करते थे अभिनेत्री मीना कुमारी जी मीनू मुमताज को अपनी छोटी बहन की तरह मानती थी और बताते हैं कि

दिग्गज अदाकारा मीना कुमारी ने ही उनका नाम दिया था मीनू मुमताज मीनू मुमताज ने अपनी बचपन और जवानी के शुरुआती दिनों में काफी बुरे दिन देखे थे बाद में उनके अच्छे दिन भी आए लेकिन मीनू मुमताज ने अपना एक दर्द बयां किया था एक इंटरव्यू में और उन्होंने उस इंटरव्यू में कहा था कि वह किरदार और लीड एक्ट्रेस के तौर पर उन्हें वह काम नहीं मिला जिसकी उन्हें चाहत थी और इसी वजह से शादी के बाद धीरे-धीरे मीनू मुमताज ने फिल्मों से अपनी दूरी बना ली मीनू मुमताज की तीन बेटियां और एक बे बेटा है फिल्मों से संन्यास लेने के बाद मीनू मुमताज लंबे समय से कनाडा के टोरंटो में रहना शुरू कर दिया जहां 23 अक्टूबर 2021 को 79 साल की उम्र में मीनू मुमताज जी का निधन हो गया मीनू मुमताज जी के गाने मीनू मुमताज जी का डांस हिंदी सिनेमा में हमेशा याद किया जाएगा अभिनेत्री मीनू मुमताज जी को हमारा सलाम एक बार दोस्तों हमारे चैनल पर कुछ नए वीडियोस आए हैं जिसमें आप बिंदिया गोस्वामी और गुलाम अली खान साहब पर एक विशेष कार्यक्रम हम लोगों ने तैयार किया है उम्मीद करते हैं कि आपने उस वीडियो को देखा है अगर नहीं देखा है तो आप लोग जरूर इस वीडियो को देखकर अपनी राय हमें दे निगाहे तो जरा कर तो दोस्तों हमारा य वीडियो आपको कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा आप अपनी राय हमें ईमेल कर सकते हैं और आप अपनी फरमाइश भी ईमेल कर सकते हैं हमारा ईमेल आईडी है गोल्डन मोमेंट्स विथ विजय पांडे @ gmail.com अब अपने इस दोस्त और होस्ट विजय पांडे को दीजिए विदा अगले वीडियो में हम फिर हाजिर होंगे ऐसे ही कुछ नायाब फनकार के नायाब किस्से को लेकर तब तक के लिए नमस्कार धन्यवाद शुक्रिया i

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *