लेजेंड्री दिलीप कुमार के भाई थे वो। एक ऐसा नाम जो अगर दिलीप कुमार की छायासे बाहर देखा जाए तो अपने आप में भी एक पूरी फिल्मी कहानी है। हीरो बने, बड़ी-बड़ी एक्ट्रेसेस के साथ काम किया। पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री तक भी पहुंचे और फिर अपने ही भाई के साथ ऐसी फिल्म में नजर आए जिसे आज भी हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिना जाता है। लेकिन उनकी जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया जब फिल्मों की चमक धीरे-धीरे उनसे दूर होती चली गई। करियर में उतार आया।
निजी जिंदगी में परेशानी आई और उनकी शादी भी एक ऐसी मशहूर एक्ट्रेस से हुई जिनका नाम अपने दौर में हर किसी की जुबान पर था। बाद में फिर इसी रिश्ते से जुड़े विवादों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी। यहां तक कि परिवार के रिश्तों में ऐसी दरार की बातें सामने आई जिनका जिक्र आज तक होता है। सबसे दर्दनाक बात जिस शख्स ने कभी पर्दे पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखा था, उसकी जिंदगी का सफर महज 50 साल की उम्र में ही खत्म हो गया।
आखिर कौन थे दिलीप कुमार के भाई नासिर खान? उनकी जिंदगी में ऐसा क्या हुआ, कि एक फिल्मी परिवार का हिस्सा होने के बावजूद उनका नाम धीरे-धीरे गुमनामी में चला गया, और उनकी पत्नी के साथ-साथ खुद दिलीप कुमार के साथ उनके परिवार के रिश्तों में तनाव की कहानी आखिर क्या थी? तो आज की इस खास रिपोर्ट में जानिए नासिर खान की जिंदगी की वो कहानी जिसमें स्टारडम भी था, रिश्ते भी थे, विवाद भी थे और एक बेहद दर्दनाक अंत भी। तो दिलीप कुमार के छोटे भाई थे नासिर खान। नासिर खान का जन्म 1 अक्टूबर 1924 को हुआ था।
उनके बड़े भाई थे दिलीप कुमार यानी कि वही यूसुफ खान जिन्होंने आगे चलकर हिंदी सिनेमा में ऐसा नाम कमाया कि उन्हें एक्टिंग की दुनिया के बड़े सितारों में गिना जाने लगा। नासिर ने भी फिल्मी दुनिया का ही रास्ता चुना। उन्होंने 1945 में फिल्म मजदूर से फिल्मों में कदम रखा और इसके बाद शहनाई जैसे फिल्मों से अपनी पहचान बनाई। शुरुआत में उनके लिए रास्ता आसान नजर आ रहा था। उनकी फिल्मों में उस दौर की कई बड़ी एक्ट्रेसेस नजर आई। नूतन के साथ उन्होंने नगीना, आगोश और शीशम जैसी फिल्म्स में काम किया था। लेकिन प्रॉब्लम यह थी कि जिस समय नासिर अपना नाम बनाने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय उनके बड़े भाई दिलीप कुमार का सितारा लगातार ऊपर चला जा रहा था। दोनों भाइयों का फिल्मी सफर लगातार एक ही दौर में शुरू हुआ, लेकिन दोनों की किस्मत एकदम अलग रही।
नासिर खान की जिंदगी का एक बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने बंटवारे के बाद पाकिस्तान का रुख किया। वहां उन्हें फिल्म तेरी याद में काम मिला जिसे पाकिस्तान की शुरुआती फिल्मों में गिना भी जाता है। लेकिन पाकिस्तान में उनका फिल्मी करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और बाद में वो वापस मुंबई ही लौट आए। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में फिर से काम करना शुरू किया। लेकिन धीरे-धीरे फिल्म्स में उनका काम कम होता गया और यहीं से उनके करियर का वो दौर शुरू हुआ जहां एक समय के एक्टर को लगातार स्ट्रगल का सामना करना पड़ा और फिर आया गंगा जमुना का दौर। नासिर खान के करियर की सबसे खास फिल्मों में से एक थी गंगा जमुना। इस फिल्म में उनके सामने कोई और नहीं बल्कि उनके अपने भाई दिलीप कुमार थे। दिलीप कुमार ने गंगा का किरदार निभाया था और नासिर खान ने फिल्म में जमुना यानी कि पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई थी। असल जिंदगी के दो भाई जब पर्दे पर भी भाई बने तो इस फिल्म को लेकर लोगों में खास दिलचस्पी पैदा हुई। गंगा जमुना 1961 की चर्चित फिल्मों में रही और नासिर खान के करियर में इसे सबसे यादगार कामों में गिना भी जाता है। लेकिन इस फिल्म के बाद भी नासिर खान अपने भाई दिलीप कुमार जैसी पॉपुलैरिटी हासिल करने में विफल रहे। धीरे-धीरे उन्होंने एक्टिंग से दूरी बनाई और खेती तथा पोलिट्री फार्म जैसे कामों की तरफ चले गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका पोलिट्री फार्म भी ज्यादा सक्सेसफुल नहीं रहा और उन्हें यहां आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ी। वहीं नासिर खान की निजी जिंदगी भी काफी दिलचस्प थी। उन्होंने मशहूर अदाकारा बेगम पारा से शादी की। बेगम पारा अपने दौर में बेहद चर्चित एक्ट्रेसेस में से एक थी और बाद में उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली थी। नासिर और बेगम पारा के परिवार में बच्चे भी हुए। उनके बेटे अय्यूब खान आगे चलकर खुद एक्टर बने और आज वो एक पॉपुलर चेहरा है। लेकिन नासिर की मौत के बाद बेगम पारा की जिंदगी काफी मुश्किल हो गई और यहीं से दिलीप कुमार और उनकी भाभी बेगम पारा के रिश्तों को लेकर विवाद सामने आया। बेगम पारा ने एक इंटरव्यू में माना था कि एक समय उनके और उनके भाई इन लॉ यानी कि दिलीप कुमार के बीच गंभीर मतभेद थे। उन्होंने कहा कि बाद में दोनों के रिश्ते सामान्य हुए और वह कभी-कभी मिलते भी रहे।
लेकिन उनके बीच एक लंबा दौर ऐसा रहा जब रिश्ते पूरी तरह अच्छे नहीं थे। बेगम पारा ने इसकी वजह अपने इंडिपेंडेंट नेचर को बताया था। लेकिन कहानी सिर्फ इतनी ही नहीं थी। नासिर खान की मौत के बाद परिवार और उनकी प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों को लेकर भी बेगम पारा और दिलीप कुमार के बीच तनाव की बातें सामने आई। पुराने मीडिया इंटरव्यूज में बेगम पारा ने दिलीप कुमार पर अपने परिवार के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि नासिर के फिल्म ज़िद को पूरा करने की कोशिशों के दौरान उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उन्होंने इसके लिए दिलीप कुमार को जिम्मेदार ठहराया। इसी तरह उन्होंने गंगा जमुना के राइट्स और नासिर के परिवार के हितों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए थे। फिर नासिर खान की जिंदगी का सबसे दर्दनाक चैप्टर आया 1974 में। उनकी तबीयत पहले से ठीक नहीं रहती थी और पुराने इंटरव्यूज के मुताबिक उन्हें दिल से जुड़ी परेशानी भी थी। 3 मई 1974 को उनका निधन हो गया था। उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 50 साल थी।
एक अभिनेता जिसने फिल्मों में काम किया था। पाकिस्तान जाकर अपना करियर बनाने की कोशिश की थी। अपने भाई के साथ गंगा जमुना जैसी यादगार फिल्म की थी। वहीं नासिर खानइतनी कम उम्र में दुनिया छोड़कर चले गए थे। उनकी आखिरी फिल्मों में से एक बैराग थी जिसमें दिलीप कुमार और सायरा बानो भी नजर आए थे। फिल्म उनकी मौत के बाद 1976 में रिलीज हुई थी। बहरहाल अगर आपको बॉलीवुड के ऐसे ही अनसुने किस्से, सितारों की जिंदगी के कम चर्चित पहलू और पुरानी फिल्मों से जुड़ी दिलचस्प कहानियां पसंद है