जयपुर का चर्चित हत्याकांड हर गुजरती दिन के साथ और भी रहस्यमई होता जा रहा है। जिस मामले को शुरुआत में एक साधारण सड़क हादसा माना गया था। अब वही मामला कथित तौर पर करोड़ों की संपत्ति, सरकारी नौकरी, पारिवारिक रिश्तों में जहर और सुनियोजित हत्या की साजिश तक पहुंच चुका है। अब इस केस में एक और बड़ा दावा सामने आया है। आयुषी के मामा ने आरोप लगाया है कि सिर्फ मां ही नहीं बल्कि पिता की मौत भी सामान्य नहीं थी। हालांकि यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि पिता की हत्या का आरोप फिलहाल परिवार की ओर से लगाया गया दावा है। इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने नहीं की है और मामले की जांच [संगीत] जारी है। आखिर क्या है यह पूरा मामला?
चलिए शुरू से समझते हैं। यह कहानी है जयपुर के प्रतापनगर इलाके की। 4 जुलाई 2026। 45 साल की नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थी। तभी पीछे से तेज रफ्तार स्कर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्ती थी कि वे कई फीट दूर जाकर गिरी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे हिट एंड रन केस माना। लेकिन कुछ दिनों बाद एक शिकायत ने पूरी जांच की दिशा ही बदल दी। मामा का आरोप है कि नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा पुलिस के पास पहुंचे। अपने ही भांजी आयुष शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। राकेश शर्मा का कहना था कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सोची समझी साजिश थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
जांच आगे बढ़ी और पुलिस के मुताबिक कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे यह मामला कथित रूप से सुनियोजित हत्या की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस का आरोप है कि आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर मां की हत्या की योजना [संगीत] बनाई। भरतपुर के कथित अपराधी हेमंत शर्मा को ₹7 लाख की सुपारी दी गई। पहले थार गाड़ी से टक्कर मारने की कोशिश हुई लेकिन योजना सफल नहीं हुई। इसके बाद कथित तौर पर स्कर्पियो का इस्तेमाल किया गया। रेकी की गई। मौका देखा गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया। लेकिन कहानी यहीं नहीं खत्म होती। अब इस केस में सबसे बड़ा मोड़ आया है आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने जो दावा किया है उससे। राकेश शर्मा का दावा है कि आयुषी ने केवल मां की हत्या की साजिश नहीं रची बल्कि पिता विजय शर्मा की मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। पिता की मौत पर क्या दावा है? राकेश शर्मा के मुताबिक विजय शर्मा राजस्थान हाई कोर्ट में कोर्ट मास्टर थे। वे बीमार थे, लेकिन इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हो रहा था।
आरोपी के किसी दौरान आयुषी और उसका चचेरा भाई बलराम उन्हें घर से कहीं ले गए। परिवार को यह तक नहीं बताया गया कि उन्हें कहां रखा गया है। करीब 3 महीने तक केवल इतना कहा जाता रहा कि इलाज चल रहा है। अस्पताल में क्या हुआ कुछ नहीं पता। मामा का दावा है कि बाद में उन्हें संदेश मिला कि विजय शर्मा अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। जब वे अस्पताल में पहुंचे तो डॉक्टर्स ने बताया कि उनके कई अंग गंभीर रूप से प्रभावित हो चुके हैं। इसके बाद विजय शर्मा को घर ले जाया गया। कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इन आरोपों की अभी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। परिवार की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। सरकारी नौकरी, संपत्ति का विवाद, पुलिस की जांच के अनुसार पिता की मृत्यु के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति के तहत कोर्ट में एलडीसी की नौकरी मिली। आरोप है कि यह नौकरी आयुषी खुद चाहती थी। इसके अलावा करोड़ों रुपए की संपत्ति को लेकर भी घर में विवाद चल रहा था। यही कथित तौर पर हत्या का प्रमुख कारण बना। पूछताछ में आयुषी ने क्या कहा? जरा वह भी जान लीजिए। पुलिस पूछताछ में आयुषी ने कथित तौर पर कहा कि बचपन से उसे [संगीत] मां का प्यार नहीं मिला। मां का पूरा ध्यान दिव्यांग भाई पर रहता था।
वह खुद को उपेक्षित महसूस करती थी। धीरे-धीरे मां के प्रति उसके मन में नफरत बढ़ती चली गई। हालांकि पुलिस अब इन बयानों की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी हेमंत शर्मा ने पूछताछ में कहा कि मुनीरा शर्मा की हत्या नहीं करना चाहता था लेकिन कथित तौर पर आयुष और बलराम लगातार उस पर दबाव बना रहे थे। कहा गया कि ₹7 लाख दिए जा चुके हैं। अब पीछे हटने का सवाल नहीं। इन दावों के भी कोर्ट में जांच और परीक्षण होना बाकी है। पुलिस का कहना है कि आयुषी एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा है।
उसे कानून की अच्छी समझ है। पूछताछ के दौरान वह कई सवालों के जवाब सोच समझ कर देती है। अब उससे मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की [संगीत] जा रही है। वहीं फरार आरोपी बलराम की तलाश जारी है। साथ ही पिता विजय शर्मा की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है। कि क्या मां की हत्या के पीछे केवल सरकारी नौकरी और संपत्ति ही थी? क्या पिता की मौत भी वास्तव में सामान्य नहीं थी या फिर जांच में कोई अलग सच सामने आएगा? इन सभी सवालों का अंतिम जवाब कोर्ट में पेश होने वाले सबूतों और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और आरोपियों पर लगे आरोप अभी कोर्ट में सिद्ध नहीं हुए हैं। इस केस से जुड़ी हर बड़ी अपडेट हम आप तक लगातार पहुंचाते रहेंगे। [संगीत] [संगीत]