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फिरोजाबाद केस: डेढ़ साल के बच्चे को बेरहमी से मारने वाले को मिली खतर!नाक सजा।

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मुझे उसका मरा हुआ चेहरा देखना है। जैसे मैंने मेरे बाबू का देखा था उस टाइम पे। मैं लेके घूमी थी हर जगह। मेरे बाबू को कोई बचाया नहीं। सब ने मना कर दिया। मुझे उसका मरा हुआ चेहरा देखना है जिसे मैंने अपने बच्चे का देखा था। यह कहना है उस मां का जिनके डेढ़ साल के बच्चे की कर दी गई।

मामला यूपी के फिरोजाबाद का है। 10 जुलाई को कोर्ट ने बच्चे के को की सजा सुना दी है। कोर्ट ने 1 महीने 10 दिन के अंदर यह फैसला दिया है। घटना 30 मई 2026 की है। बाममे गांव की रहने वाली पिंगी अपनी बेटी और नाती आरव के साथ अपने सहेली पुष्पलता से मिलने गई थी। आरव की उम्र महज 1ढ़ साल थी। पुष्पलता एक सड़क हादसे में घायल हो गई थी।

इसलिए वह सभी उनसे मिलने गए हुए थे। करीब 3 साल पहले रति की शादी बदायूं के रहने वाले सुनीत से हुई थी। दोनों का एक बच्चा था आरव। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रति और उसके पति के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। वह दोनों अलग होना चाहते थे। पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सबको पता थी।

आरोप है कि सुनीत की बुआ का बेटा जितेंद्र लंबे वक्त से रति पर शादी का दबाव बना रहा था। परिवार के मुताबिक रति ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया था। इसी बात से जितेंद्र नाराज रहता था। 30 मई की दोपहर जब रति अपनी मां की दोस्त पुष्पलता के घर गई तो जितेंद्र भी उनके घर पहुंच गया। उसने रति के बेटे आरव को वहां देखा तो टॉफी दिलाने के बहाने उसे अपने साथ ले गया। आगे जाकर एक सन्नाटे वाली गली में उसने आरव को आठ बार जमीन पर पटका।

हादसे में बच्चे के सिर पर गहरी चोटें आई। इसके बाद जितेंद्र ने आरव को अपनी गोद में उठाया और उसे घर के बाहर जाकर छोड़कर वहां से भाग गया। जैसे ही बच्चे के परिजनों की नजर पड़ी, वह तुरंत उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे घोषित कर दिया। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने जांच की सभी सीसीटीवी फुटेजेस खंगाले तो उसमें जितेंद्र बच्चे को पटकता हुआ दिखाई दिया।

इसके बाद पुलिस ने महज 6 घंटे के अंदर जितेंद्र को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके दोनों पैरों में लगी थी। शिकोहाबाद पुलिस ने छ दिन में सभी 13 गवाहों के बयान सीसीटीवी फुटेजेस समेत बाकी सबूत जुटाकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिए। 10 जुलाई को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। दोपहर करीब 2:45 पर कोर्ट ने उसे की सजा सुना दी। आरोपी को सजा होने पर बच्चे की मां रति ने कहा कि फांसी की सजा सुना दी गई है लेकिन मुझे उसके मरे हुए मुंह को देखना है। 10 जुलाई को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।

दोपहर करीब 2:45 पर कोर्ट ने उसे की सजा सुना दी। आरोपी को सजा होने पर बच्चे की मां रति ने कहा कि फांसी की सजा सुना दी गई है। लेकिन मुझे उसे मरा हुआ देखना है। मुझे उसका मरा हुआ चेहरा देखना है जैसे मैंने मेरे बाबू का देखा था उस टाइम पे मैं लेके घूमी थी हर जगह मेरे बाबू को कोई बचाया नहीं। सब ने मना कर दिया। सब बोलने लगे मर चुका है यहां से ले जाओ उसे। हम बस उसी तरीके से उसे देखना चाहते हैं जैसे हम बिलख रहे थे। उसकी मां वैसे ही बिलखे। हां, मेरे बच्चे ने गलती की थी, सजा मिल गई। तब शांति हो जाएगी और कुछ नहीं चाहिए।

बस वह मरा हुआ देखना है। जहां तक जिसने भी गवाही दी। मेरा कहना जो भी इसमें साथ थे उन सब के लिए धन्यवाद। ना हम गए।

मैं सिर्फ एक दिन गई थी। उस दिन से लेकर मैं नहीं गई। जज सर, जज साहब ने, वकील साहब ने और यादव कॉलोनी वालों ने मतलब बहुत बहुत अच्छा किया। फिलहाल अदालत ने जितेंद्र को देने का फैसला सुना दिया है।

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