तो भाई देखो आज जो मैं आपको बताने जा रहा हूं उसे सुनकर आपका दिमाग हिल जाएगा। मतलब यार अंबानी परिवार एशिया का सबसे अमीर परिवार है और नीता अंबानी जी जिनके कदमों में दुनिया की हर एक लग्जरी चीज है। लेकिन मेरे भाई क्या आपने कभी उनकी दाहिने हाथ की छोटी उंगली यानी कि राइट हैंड की पकी फिंगर पर ध्यान दिया है? ध्यान से देखो जरा। उनकी वह छोटी उंगली जन्म से ही हल्की सी टेढ़ी है।
अब कई लोग जो सिर्फ पैसे को सब कुछ मानते हैं, वह कहते हैं, अरे भाई इतना अंधा पैसा है। 12,000 करोड़ की मालकिन है। दुनिया का सबसे महंगा डॉक्टर इनके घर के बाहर लाइन लगाता है। तो फिर एक छोटी सी उंगली का ट्रीटमेंट क्यों नहीं करवा लेती? क्या पैसे की कमी है? अरे नहीं भाई, बात यहां पर पैसे की है ही नहीं। [संगीत] बात है उस गहरे राज की जो अंबानी परिवार को आज इस मुकाम पर खड़ा करता है।
ध्यान से सुनो। नीता अंबानी जी अपनी इस टेढ़ी उंगली को अपना लकी चार मानती है। जी हां, लकी चार उनका यह अटूट विश्वास है कि यह उंगली उनके और उनके परिवार के लिए किस्मत का दरवाजा है। इसी विश्वास की वजह से उन्होंने आज तक कभी भी किसी सर्जरी या कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के जरिए इसे ठीक करवाने की कोशिश नहीं की। तो भाई लोग इसे कहते हैं अपनी असलियत से प्यार करना। इंसान चाहे कितना भी बड़ा क्यों ना बन जाए आसमान की ऊंचाइयों को छू ले लेकिन अपनी जड़ों को अपनी उस शारीरिक बनावट को कभी नहीं भूलना चाहिए जो भगवान ने दी है।
यह एक नॉर्मल सी इंसानी पहचान है मेरे भाई जिसे कोई भी लग्जरी, कोई भी पैसा और दुनिया की कोई भी ताकत नहीं बदल सकती। तो आज से एक बात दिमाग में बैठा लो। कामयाबी किसी परफेक्ट शरीर या प्लास्टिक सर्जरी से नहीं आती। कामयाबी आती है परफेक्ट माइंडसेट से। अपनी कमियों को अपना लकी चार बनाओ। अपनी कमियों को अपनी ताकत बनाओ और फिर देखो यह दुनिया कैसे तुम्हारे सामने झुकती है। तो भाई देखो यार ऐसे वो सर्जरी नहीं करवा सकती। उसी की वजह से आज वो इस मुकाम पर है और इस बारे में आपका क्या सोचना है आप भी बताओ।