जिस आवाज ने करोड़ों लोगों को सुकून दिया, जिस गायिका के भजनों ने लोगों को भक्ति के रंग में रंग दिया, उसकी अपनी जिंदगी में खुशियां बार-बार रूठ गई। पहले पति का साथ छूट गया और फिर जवान बेटे की मौत ने उनकी दुनिया को उजाड़ दिया। आज 4 पी.m. बॉलीवुड की इस वीडियो में हम बात कर रहे हैं मशहूर गायिका अनुराधा पडवाल की जिनका जन्मदिन आज 27 अक्टूबर को है और जन्मदिन के मौके पर उनके चाहने वाले उनकी सुरीली आवाज और शानदार करियर को याद कर रहे हैं। लेकिन उनकी जिंदगी का एक ऐसा पहलू भी है जो बेहद भावुक करने वाला है।
आखिर अनुराधा पडवाल की जिंदगी में ऐसे कौन से दुख आए जिन्होंने उनसे उनके सबसे करीबी रिश्ते छीन लिए और कैसे उन्होंने इन मुश्किलों के बीच अपनी पहचान और हिम्मत को बनाए रखा। तो अनुराधा पडवाल ने म्यूजिक की दुनिया में बड़ी कामयाबी हासिल की है। हिंदी फिल्मों के गानों से लेकर भक्ति संगीत तक उनकी आवाज ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। लेकिन उनकी निजी जिंदगी में ऐसे हादसे हुए जिनकी भरपाई शोहरत भी नहीं कर सकती है। अनुराधा पडवाल की शादी अरुण पडवाल से हुई थी। अरुण भी सिंगर थे और एसडी बर्मन के सहायक के रूप में काम कर चुके थे। दोनों के दो बच्चे थे बेटा आदित्य और बेटी कविता। परिवार की जिंदगी आगे बढ़ रही थी। लेकिन साल 1991 में एक [संगीत] हादसे ने सब कुछ बदल कर रख दिया। अनुराधा के पति अरुण पडवाल का एक दुर्घटना में निधन हो गया।
पति को अचानक होना उनके लिए बहुत बड़ा सदमा था। अब उन्हें अपने दोनों बच्चों की जिम्मेदारी भी संभालनी थी और अपने करियर को भी आगे बढ़ाना था। ऐसे मुश्किल दौर में उन्होंने खुद को भी संभाला और परिवार की जिम्मेदारी भी उठाई। लेकिन वक्त ने उनके लिए एक और मुश्किल परीक्षा रखी हुई थी। साल 2020 में अनुराधा पडवाल की जिंदगी पर एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी बेटी आदित्य पडवाल का 12 सितंबर 2020 को अचानक निधन हो गया। उस समय उनकी उम्र महज 35 साल थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आदित्य [संगीत] की मौत किडनी संबंधी बीमारी के दौरान हुई थी। आदित्य ने अपनी मां की तरह म्यूजिक की दुनिया को [संगीत] ही चुना था। वो म्यूजिक कंपोजर और अरेंजर के रूप में काम भी कर रहे थे। साल 2019 में रिलीज हुई फिल्म ठाकरे के गाने साहिब टू को भी उन्होंने कंपोज किया था।
यह फिल्म शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की जिंदगी पर आधारित थी जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। आदित्य का करियर आगे बढ़ ही रहा था और उनका जिंदगी में बहुत कुछ करना बाकी था। लेकिन कम उम्र में ही वो सबसे दूर चले गए और उनका निधन हो गया और एक मां के लिए अपने बच्चे को खोने का दर्द इतना गहरा होता है जिसे शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है क्योंकि अनुराधा पहले ही अपने जीवन साथी को खो चुकी थी और अब उन्हें अपने जवान बेटे के जाने का दुख भी सहना पड़ा था। जिस बेटे के फ्यूचर के लिए उन्होंने कई सपने देखे थे उसे इतनी कम उम्र में खो देना उनकी जिंदगी का बेहद दर्दनाक दौर रहा था। वहीं अनुराधा पौजवाल के करियर में टी सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने लंबे समय तक टी सीरीज के लिए गाने गाए और भक्ति संगीत में अपनी खास पहचान बनाई। अनुराधा गुलशन कुमार को अपना भाई मानती थी। उनके सहयोग से अनुराधा का करियर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा था और उनके भजनों ने घर-घर में पॉपुलैरिटी को हासिल किया था। फिल्मी गानों के साथ-साथ भक्ति संगीत में भी
अनुराधा की आवाज लोगों के दिलों में बस गई थी। आज भी उनके कई भजन सुने जाते हैं। लेकिन करियर की सफलता और लोगों का प्यार उनके पर्सनल लाइफ में आए दुखों को मिटा नहीं सकता है। अनुराधा पौडवाल की बेटी कविता पौडवाल भी म्यूजिक से जुड़ी हुई हैं। पति और बेटे को खोने के बाद परिवार का यह रिश्ता अब उनके लिए बेहद अहम है। 27 अक्टूबर को अनुराधा पौडवाल अपना जन्मदिन मनाती हैं और आज भी अनुराधा की आवाज लाखों लोगों के दिलों तक पहुंचती है। उनके भजन लोगों को शांति और विश्वास को महसूस कराते हैं। आपको अनुराधा पौवाल का कौन सा गाना या फिर भजन सबसे ज्यादा पसंद है? कमेंट में जरूर बताइएगा। बॉलीवुड से जुड़ी ऐसी ही दिलचस्प और भावुक कहानी के लिए हमारे 4 पी.m. बॉलीवुड चैनल को अभी सब्सक्राइब कर लें। यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें [संगीत] और शेयर भी जरूर करिए। 4 पी.m. तहजीब प्रस्तुत करता है मनोज बाजपेई से गुफ्तगू। सवाल आपके किस्से मनोज जी के और एक यादगार मुलाकात संजय शर्मा के साथ 1 नवंबर 2026 मुंबई इस खास शाम का हिस्सा बनिए अपनी टिकट बुक माय शो और डिस्ट्रिक्ट में जाकर अभी बुक कीजिए। [संगीत] [संगीत]