श्रृंगार का सारा सामान बंटेगा। करवे बटेंगे जिसमें मटका रहता है पानी का थाल रहते हैं और सजावट का श्रृंगार का सामान वो सब रहेगा। मुस्कान ने भी मांगा है वो सामान। हां जी। मांगा है उसने? मांगा यानी कि वो चूड़ी बिंदी यानी कि वह व्रत रखने की व्रत हमने नहीं पूछा चूड़ी बिंदी जरूर दी जाएगी उन्हें। देखिए अभी व्रत की एक दिन पहले करवा चौथ से सूची आती है कि यह महिलाएं व्रत रखना चाहती हैं। जिन महिलाओं के पति कारागार में बंद हैं उनकी हम करवा चौथ कारागार में कराते हैं तथा मुलाकात भी कराते हैं। जिनके बाहर से जिनके पति हैं यदि वो बाहर से आते हैं दिन में मिलने तो वो दिन में मिलकर के चले जाते हैं
और उनकी नियमानुसार मुलाकात कराई जाती है। सभी को यह छूट है कि जो व्रत रखना चाहती हैं वह रख सकते हैं। मेरा नाम पारुल बंसल है। मैं संजीवनी महिला संस्था मेरठ की सचिव हूं। इस समय हमारा प्रोजेक्ट चलता रहता है जेल में। एक तो सिलाई का या महिला कैदियों को कभी राखी सिखाने का या दिवाली पे कंडील कल करवा चौथ है तो उनको सामान वितरित किया जाएगा
श्रृंगार का और उनको आज कंडील स्पेशली सिखाने आए हैं कलरफुल ताकि उनका मन बहले रंगों को देख के और पॉजिटिव चीजों की तरफ बनाने की तरफ। उनका मन लगे एक सोच बदले। पिछली बार जब मैं राखी सिखाने आई थी कुछ कैदी थे जो बहुत मायूस बैठे रहते थे। पर उन्होंने काफी इंटरेस्ट लिया बनाने में तो अच्छा लगा कि उनका एक डिप्रेशन मोड से वो पॉजिटिव मोड की तरफ आई। तो आज भी वही उद्देश्य है कि मैं अब उनको आज कंडील सिखाऊं और वो रंग बिरंगी कंडीले बनाएं तो उनका मन बदले और अपनी उनकी बैरक में टंगी रहेंगी तो उनको देख के उनको अच्छा लगना चाहिए। फ्री ऑफ़ कॉस्ट।
फ्री ऑफ़ कॉस्ट संस्था की तरफ से। किस-किस को सिखाने आए हैं आप? मुस्कान को भी सुना। मुस्कान को भी सिखाने आए हैं। आज कुल 17 कैदी सीखेंगे। बाकी देखिए सैंपल पीस लाए हैं। कुछ उनको मतलब उनका मन मोह लेते हैं तो वो और मेंबर्स जुड़ना चाहे तो जुड़ जाए कैदी। पर आज हम मुख्य तौर पे मुस्कान ने पहले नंबर पे नाम लिखवाया है। अच्छा क्या हुआ? रविता का भी नाम है क्या? रविता का भी नाम है। गुरप्रीत का। गुरप्रीत का भी नाम है। सभी के नाम है। सभी के नाम पहले नंबर पे लिखते हैं। हां जी। हां जी। क्या दामनी भी नाम उसके अंदर है?
हां जी। यानी कि सारी कातिल पत्नियां कंटिन्यू बनाना सीख रही है। सर पॉजिटिव लेके चलेंगे। कातिल पत्नियां मत टैग करिए। अब मन बदल जाएगा जब जेल से निकलेंगी। हो सकता है पॉजिटिव काम करें। मुस्कान को और दामिनी को तो फांसी की सजा हो गई है। हां जी। हां जी। हां जी। अच्छा क्या रविता को सॉरी? तो आपको क्या लगता है? पटाखे भी अंदर इनके लिए नहीं पटाखे नहीं। पटाखे नहीं बस सजावट की चीजें ताकि रंग बिरंगे रंग दिखे। पॉजिटिव काम करें। उनसे हम सिलाई में तो बैग बनवा बनवाते हैं जो कि बाहर उनको बेचते भी हैं और उनको कुछ पैसे भी दिए जाते हैं उनको सिक्के देने के लिए। तो उनको एक रोजी रोटी का सहारा भी मिलता है। जब हमने राखी सिखाई तो जब उनके भाई आए रक्षाबंधन पे तो उन्होंने वही राखियां बांधी।
तो यह अच्छा लगा अपने हाथ से बनी हुई चीजें वो प्यार से यूज कर रहे हैं। क्या इससे पहले भी आप मुस्कान से मिले हैं या हां जी ब्यूटीिशियन का कोर्स हुआ था जेल में हमारी संस्था के द्वारा तो उसने ब्यूटीिशन का भी सीखा था सीखा था उसने उस दरमियान उसने बताया कि वो ब्यूटी का सीखना चाहती है या वो दिमाग उसने बताया उसने बताया कि वो ब्यूटी बताया था हमने जेल में कि ब्यूटीिशियन का कोर्स है सिलाई का कोर्स है कुछ एनरोल करो अपना खाली समय व्यर्थ मत करो कुछ काम में लगो तो उसने अपना इंटरेस्ट बताया कि हां ब्यूटीिशियन का कोर्स मैं कर लूंगी तो इसलिए ब्यूटीिशियन का कोर्स उसने किया।
कोर्स के दौरान आपकी क्या बातचीत होती थी? उनसे कुछ बताया, बताया उसने कुछ अपने बारे में नहीं हम इस तरीके की कोई बातचीत नहीं कर सकते थे। बस अपना काम से काम मतलब सिखाया। उसने पूरे इंटरेस्ट के साथ सीखा। अब तक क्या-क्या सीखा उसने? राखी बनाना सीखा, ब्यूटीिशियन का कोर्स सीखा। आज कंडील के लिए एनरोल किया है। तो कंडील बनाना क्यों सीखना चाहती? क्या उसका कोई रीज़ बताया है? नहीं रीज़ हमने नहीं पूछा। अच्छा कल जैसे करवा चौथ है और आज आप लोग को सामग्री भी बांटेंगे। क्या-क्या सामग्री बांट रही हैं और कैसे बांटेंगे? श्रृंगार का सारा सामान बटेगा। करवे बटेंगे जिसमें मटका रहता है। पानी का थाल रहते हैं और सजावट का श्रृंगार का सामान वो सब रहेगा। मुस्कान ने भी मांगा है वो सामान। हां जी मांगा है उसने मांगा है। यानी कि वो चूड़ी बिंदी यानी कि वो व्रत रखने की व्रत हमने नहीं पूछा। चूड़ी बिंदी जरूर दी जाएगी।
सर सारी पत्नियों ने मांगा था। सभी ने नहीं मांगा। जिनका भी मन ठीक है। जैसे किस-किस ने मांगा है? सर नाम डिस्क्लज़ नहीं कर पाएंगे। मांगा है नहीं सिर्फ चूड़ी बिंदी चूड़ी बिंदी सिंदूर वगैरह और नहीं रवि नहीं मांगा हमने नहीं पूछा हमने नहीं रवि नहीं नाम नहीं डिस्क्ल कर पाएंगे देखिए अभी व्रत की एक दिन पहले करवा चौथ से सूची आती है कि ये महिलाएं व्रत रखना चाहती हैं जिन महिलाओं के पति कारागार में बंद हैं उनकी हम करवा चौथ कारागार में कराते हैं तथा मुलाकात भी कराते हैं। जिनके बाहर से जिनके पति हैं यदि वह बाहर से आते हैं दिन में मिलने तो वह दिन में मिलकर के चले जाते हैं और उनकी नियमानुसार मुलाकात कराई जाती है। सभी को यह छूट है कि जो व्रत रखना चाहती हैं वो रख सकती हैं। सर मेरा आखरी सवाल यह है [गला साफ़ करने की आवाज़] जब से रविता और मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई दी है बाकी की जो कातिल पत्नियां है दामिनी हो चाहे कविता हो अनीता बहुत सारी है संगीता है। ऐसे में उनका रिएक्शन क्या है?
फेक रिएक्शन क्या है? क्या तरीके से देख रहे हैं सभी? देखिए सभी महिला या पुरुष जिनके बड़े-बड़े केस हैं स्पेशली मर्डर के केस हैं वह सब लोग जब से चार फांसी जिला कारागार मेरठ में दो महिला बंदियों को दो पुरुष बंदियों को लगी हैं तब से डरे हुए हैं तथा उनका यही मानना है कि इस केस को थोड़ा सा अभी लंबा खींचे अभी निर्णय ना कराएं इस प्रयास में लगे यानी कि वो चाहते हैं कि अभी जजमेंट ना हो और उनकी कोई कारवाही रुक जाए।
हां उनको डर है कि कहीं फांसी ना पड़ जाए इसलिए वो जो इस केस को लंबा खींचना चाहते हैं। क्या सर दामिनी और मुस्कान ने कभी आपस में बैठ के बात बात करने का प्रयास किया। इन्होंने सब ने एक साथ बैठ के बात की। गिनती के दौरान खाना नाश्ता लेने के दौरान तथा जो सुंदरकांड भजन आदि होते हैं इनकी नियमित रूप से मुलाकात होती है तथा आपस में बातचीत करती