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30 साल तक क्यों नहीं किया सनी देओल और मिथुन चक्रवर्ती ने साथ काम? जानिए पर्दे के पीछे की अनदेखी वजह!

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तुम भी यह नहीं समझना कि रिशेदारी की ढाल पर हम तुम पर वार नहीं करेंगे। क्या? 80 और 90 का दशक हिंदी सिनेमा का वो दौर जब सिनेमाघरों के बाहर टिकट खिड़की पर लाइनें सिर्फ फिल्मों के लिए नहीं बल्कि अपने पसंदीदा एक्शन हीरो की एक झलक पाने के लिए लगती थी। एक तरफ थे डिस्को डांसर यानी मिथुन चक्रवर्ती जिन्होंने अपनी स्ट्रीट फाइटिंग स्टाइल अनवॉक डांस मूव्स और अपनी सादगी से गरीब और मध्यवर्ग के दिलों पर राज किया। [संगीत] का हाथ जब पर्दे पर उठता था तो सिनेमाघर की छतें गूंज उठती थी। यह दोनों ही अपने दौर के सबसे बड़े एक्शन स्टार्स थे। और जब यह 2 1/2 किलो का हाथ किसी पर पड़ता है ना तो आदमी उठता नहीं उठ जाता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया बॉलीवुड में जहां अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, अनिल कपूर, जैकी श्राफ और आगे चलकर अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी की जोड़ियों ने दर्जनों फिल्में की। वहीं मिथुन चक्रवर्ती, सनी। किसी भी फिल्म में एक साथ मुख्य भूमिका में नजर नहीं आए। नहीं खुलाना नहीं [चीखने की आवाज़] सातों को सात मारूंगा एक साथ मारूंगा अबे रोक तेरे बाप को कुत्ता बनाया था 30 सालों तक इन दो महासारों के बीच एक अदृश्य दीवार खींची रही क्या यह सिर्फ प्रोफेशनल मुकाबला था या इसके पीछे छिपा था ईगो स्टारडम की जंग और एक ऐसा विवाद जिसने दोनों के रास्ते हमेशा के लिए अलग कर दिए आपकी [संगीत][गाना गाने की आवाज़] दुश्मनी कुबूल भूल मुझे करेगी याद

मुझे दिन रात बड़े अफसोस की है बात आज की इस खास वीडियो में हम बॉलीवुड के उसी अनसुलझे चैप्टर का पन्ना खोलेंगे तो वीडियो के अंत तक जरूर देखिए दोस्तों बात की शुरुआत होती है 80 के दशक के शुरुआती सालों में मिथुन चक्रवर्ती ने नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म मृग्या से शुरुआत की थी मौका मिलते झट पकड़ लिया जिंदा पकड़ना आसान नहीं है बड़ा राजा बाबू लेकिन 1982 की फिल्म डिस्को डांसर ने उन्हें रातोंरात एक ग्लोबल सुपरस्टार बना दिया। मिथुन दा की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे आम जनता खासतौर पर बी और सी सेंटर्स यानी कि छोटे शहरों और सिंगल स्क्रीन थिएटर के आई एम [संगीत] डांसर आई एम मसीहा बन चुके थे। उनके एक्शन में मार्शल आर्ट और स्पीड था। दूसरी तरफ 1983 में धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल ने फिल्म बेताब से धमाकेदार डेब्यू किया। सनी देओल के एक्शन गाली देगा तू गाली देगा। मिथुन दास से बिल्कुल अलग था। सनी का एक्शन स्टाइल था रा पावर गुस्सा और जबरदस्त बॉडी लैंग्वेज। फिल्म अर्जुन हो 1985 की या घायल। सनी देओल को ए लिस्ट थिएटर्स और मल्टीप्लेक्स का दौर का सबसे बड़ा एक्शन किंग बना दिया गया। दोस्तों डराकर लोगों को वो जीता है जिसकी हड्डियों में पानी भरा होता है। मर्द बनने का इतना शौक है। का सहारा लेना छोड़ दे कातिया। 80 के दशक के मध्य तक दोनों ही एक्टर्स बॉलीवुड के सबसे बड़ी कमर्शियल ताकत बन चुके थे। हर प्रोड्यूसर डायरेक्टर इन दोनों की अपनी फिल्म में साइन करना चाहते थे। लेकिन यहीं से शुरू हुई स्टारडम और ईगो की जंग मंद पवन बन [संगीत] जाऊं। मैं पागल बन जाऊंगा। जब दो बड़े एक्शन हीरो एक ही दौर में टॉप पर होते हैं तो अक्सर दो चीजों को लेकर टकराव होती है।

पहला है फिल्म का क्रेडिट और दूसरा है थिएटर का कलेक्शन। [चीखने की आवाज़] पहले कारण की बात करें तो ए ग्रेड बनाम बी ग्रेड सिनेमा की रेस थी। 90 के दशक में जब सनी देओल घायल, दामिनी और घातक और जिद जैसी बड़ी बजट की ब्लॉकबस्टर फिल्में कर रहे थे। काजिया की गिरफान पर हाथ डाल अपनी आंख में हाथ डालकर कलेजा खींच लूंगा। तब मिथुन चक्रवर्ती ने एक अलग ही बिजनेस मॉडल अपना लिया था। वे ऊंटी शिफ्ट हो गए और वहां कम बजट की फिल्में तेज रफ्तार और एक्शन फिल्में जैसे कि जल्लाद गुंडा लोहा फिल्में बनाने लगे। अच्छा हुआ अपनी मौत [संगीत] को। मुझे माफ़ कर दो। मुझे माफ़ कर दो। मिथुन दा की ये फिल्में भले ही क्रिटिक्स को पसंद ना आई हो लेकिन ये फिल्में बेहद कम लागत से बनती थी और मेकर्स को करोड़ों को मुनाफा कमा कर देती थी। सनी देओल और धर्मेंद्र का कैंप हमेशा बॉलीवुड के क्लास और लार्जर दन लाइफ सिनेमा पर यकीन रखता था। इन दोनों के काम करने का तरीका और सिनेमा को देखने का नजरिया बिल्कुल अलग था। 80 के दशक के अंत में कुछ मेकर्स ने इन दोनों को एक साथ लाने की कोशिश भी की थी। लेकिन उस दौर की बॉलीवुड मैगजीन इस पेशे को भड़वागिरी कहते हैं। चला मत। नहीं तो यह केस यहीं रफादफा कर दूंगा। नहीं खुलाना नहीं। [चीखने की आवाज़] और इनसाइडर रिपोर्ट्स की माने तो मामला पोस्टर में किसका नाम ऊपर रहेगा और किसका रोल ज्यादा दमदार रहेगा पर जाकर अटक जाता था। सनी देओल कभी भी किसी ऐसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे जहां उनके साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने वाला [संगीत] का फ्रेम ले जाए। जैसे कि बाद की फिल्म में डर के दौरान शाहरुख खान और सनी देओल के बीच विवाद भी देखा गया था।

वहीं मिथुन दा जो उस दौर में सबसे ज्यादा फिल्में करने वाले स्टार थे अपने रोल से समझौता करने को तैयार नहीं थे। अगले 24 घंटे की जिंदगी मिस्टर लाल की दी हुई एक बखशीश है तुम्हें। बॉलीवुड के गलियारों में एक किस्सा अक्सर सुनाया जाता है कि 80 के दशक के अंत में निर्देशक राजीव राय ने फिल्म त्रिदेव की प्लानिंग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआत में फिल्म के लिए मिथुन चक्रवर्ती से बात की जा रही थी। लेकिन बाद में फिल्म में सनी देओल, जैकी श्रॉफ और अमरेशपुरी की एंट्री हुई। उस प्रोजेक्ट से दूर हो चुके थे। इसके बाद फिल्म वर्दी जिसमें सनी देओल और जैकी श्रॉफ में साथ में काम किया। मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊंगा। कई फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि जैकी श्राफ के साथ सनी देओल की ट्यूनिंग बैठ गई थी। लेकिन मिथुन चक्रवर्ती के साथ कभी वह पर्सनल बॉन्डिंग बन ही नहीं पाई। सनी दुल स्वभाव से बेहद रिजर्व कम बोलने वाले और अपने पारिवारिक घेरे में रहने वाले इंसान हैं। मुझको पीना है पीने [संगीत] दो। मुझको जीना है जीने दो। तू भी जल [संगीत] जाएगी। मैं भी जल जाऊंगा। व मिथुन चक्रवर्ती बेहद मिलनसार खुलकर बात करने वाले और सेट पर सबका ध्यान रखने वाले व्यक्ति हैं।

पर्सनालिटी का यह बड़ा अंतर भी दोनों को कभी करीब नहीं ला सका। समय बीतता गया। 80 का दशक खत्म हुआ। 2000 का दशक आया। दोनों कलाकारों की उम्र बढ़ी और वक्त के साथ पुरानी प्रतिस्पर्धा और ईगो के बादल भी छटने लगे। और फिर आया वो लहमा जिसका इंतजार भैंस को 30 साल से भी ज्यादा का था। आपकी दुश्मनी [संगीत] कुबूल मुझे तुम्हारे हाथ ना आएगा यह लड़का। साल के सालों में जब एक्शन फिल्म बाप बाप ऑफ ऑल फिल्म्स का ऐलान हुआ तो पूरे बॉलीवुड में हलचल मच गई। इस फिल्म में 90 के दशक के चार सबसे बड़े एक्शन आइकॉन सनी देओल, मिथुन चक्रवर्ती, संजय दत्त और जैकी श्राफ एक साथ पर्दे पर आ रहे हैं। अच्छा हुआ अपनी मौत को। [संगीत] मुझे माफ़ कर दो। मुझे माफ़ कर दो। ये मजदूर का हाथ है कातिया। लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है। जब सेट में इन दोनों की तस्वीरें सामने आई, तो भैंस के चेहरे खिल उठे। दोस्तों एक इंटरव्यू के दौरान जब मिथुन चक्रवर्ती से सनी देओल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा सनी मेरे छोटे भाई जैसा है। हम दोनों ने इंडस्ट्री में बहुत लंबा सफर तय किया है। होश [संगीत] मेरा खो गया है। होश में लाना आगे जाने से आंख में तेरी मोहब्बत में [संगीत] पागल हो जाऊं क्या? हमारे बीच कभी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं रही। बस परिस्थितियां ऐसी थी कि हमें सही स्क्रिप्ट एक साथ कभी नहीं मिली। सनी देओल ने भी मिथुन दा के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का एक अनमोल सितारा बताया। मैं तो भगवान से सौदा करूं। उससे भी आधी दुनिया मांग लूं।

दोस्तों, क्या सनी देओल और मिथुन चक्रवर्ती के बीच सच में कोई जानी दुश्मनी थी? इसका जवाब है नहीं। इन दोनों के बीच कोई ऐसी निजी दुश्मनी नहीं थी कि वे एक दूसरे से नफरत करते हो। बता देंगे [संगीत] ना आएगी ये लड़की उनके एक साथ काम में ना आने के असली कारण ये थे दोस्तों पहली कारण की बात करें तो सनी देओल बजट की चुनिंदा फिल्में करते थे और जबकि मिथुन दा कम बजट की फिल्में ज्यादा करते थे दोस्तों वहीं दूसरी कारण है स्टारडम का कंपटीशन पहले सबूत की गोलियां जमा करो कमिश्नर फिर शिवा को निशाना बना क्योंकि शिवा आदमखोर शेर से भी ज्यादा खतरनाक है [संगीत] 80 और 90 के दशक में दोनों के बीच नंबर वन और नंबर दो का एक्शन हीरो बनने की होड़ लगी हुई थी। वहीं तीसरी कारण है सही स्क्रिप्ट का ना मिलना। कोई भी निर्देशक ऐसा रोल नहीं लिख पाया जिसमें इन दोनों सुपरस्टार के कैरेक्टर और ईगो को बराबर तवज्जो भी दी जा सके। हमें तेरा कोई भी सूर पसंद नहीं आया। माय गॉड। [संगीत]

आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो पाते हैं कि दोनों ही अपनी-अपनी जगह सिनेमा के शहंशाह साबित हुए हैं। जहां सनी देओल ने हाल ही में गदर 2 से बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा। वहीं मिथुन चक्रवर्ती उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत के सबसे बड़े सिनेमा सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया। मुझको नाकाम मोहब्बत की कसम। इन दोनों दिग्गजों ने बॉलीवुड के स्वर्ण काल को अपनी मेहनत और एक्शन से सजाया है और अब बाप के जरिए उन्हें एक साथ स्क्रीन पर देखना हर सिनेमा प्रेमी के लिए किसी सपने से जैसा होगा। मुंडा गोरा रंग [संगीत] देख के दीवाना हो गया। मुंडा गोरा रंग देख ये भीगा हुआ बदन तेरा [संगीत] इस दिल में आग लगा देगा। आपको क्या लगता है अगर 90 के दशक में सनी देओल और मिथुन चक्रवर्ती की कोई एक्शन फिल्म आती तो क्या बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा तूफान होता? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। वीडियो पसंद आया हो तो लाइक करें। दोस्तों के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें। मिलते हैं अगले दिलचस्प वीडियो में। तब तक के लिए धन्यवाद।

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