फ्लाई दुबई की फ्लाइट में हुई घटना के बाद हर कोई एक सवाल पूछ रहा है कि आखिर आरोपी पायलट चाकू लेकर कॉकपिट के अंदर पहुंचा कैसे? एयरपोर्ट पर तो भयंकर सिक्योरिटी होती है। इतनी कि मतलब आप लेकर जाइए नेल कटर वो भी अंदर एंट्री नहीं मिलती। तो कॉकपिट के अंदर चाकू कैसे पहुंच गया? लेकिन यहां कहानी कुछ और है। जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है उसके मुताबिक पायलट अपने साथ कोई चाकू कॉकपिट में लेकर नहीं पहुंचा था।
जिस हथियार से भारतीय पायलट जो हैं स्मिथ मछार उन पर जो अटैक किया गया वो प्लेन में पहले से ही मौजूद था। यह एक फायर एक्स यानी प्लेन में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी थी। घटना के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेहू ने बुधवार यानी 30 सितंबर की रात न्यूज़ चैनल के सीन हेनिटी को दिए इंटरव्यू में कहा कि हो सकता है कि हमलावर ने कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला किया हो। इसी के बाद से सब पूछने लगे कि फ्लाइट में कुल्हाड़ी आखिर आई कैसे? और आपको बता दें कि यह कुल्हाड़ी किसी हमले के लिए नहीं बल्कि इमरजेंसी में लोगों की जान बचाने के लिए प्लेन में रखी जाती है।
30 सितंबर को दुबई से इजराइल के तेलबीब जा रही फ्लाई दुबई की फ्लाइट में ओमानी को पायलट ने भारतीय कप्तान स्मिथ मछार पर अटैक किया। कैप्टन मछार की गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आई। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पायलट को रोकने की कोशिश की और प्लेन को सेफली लैंड कराया गया। शुरुआती जांच के मुताबिक हमले में किसी चाकू या बाहर से लाए गए हथियार का इस्तेमाल नहीं हुआ था। हमला विमान में पहले से मौजूद फायर एक्स से किया गया था। अब ये फायर एक्स क्या होता है? यह भी आपको बताते हैं और प्लेन में इसका काम असल में किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं होता।
यह एक इमरजेंसी टूल है जिसका इस्तेमाल मुश्किल हालात में या इमरजेंसी में लोगों की जान बचाने के लिए किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय विमानन नियम जो होते हैं इंटरनेशनल एिएशन रूल्स जो होते हैं उसके तहत ऐसे फायर एक्स को प्लेन में रखना जरूरी है। यह कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे एयरलाइन कंपनी अपनी मर्जी से रखे या हटा सकती है। इसे विमान में ही रखा जाता है और क्रू को जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी जाती है। अब समझिए कि इसकी आखिर जरूरत पड़ती क्यों है? कॉकपिट और प्लेन के दूसरे हिस्से में बहुत सारे बिजली के तार और सर्किट होते हैं। इनमें अगर आग लग जाए तो कई बार उस जगह तक सीधे पहुंचना आसान नहीं होता है। तार और सर्किट पैनल वॉल या फर्श की लाइनिंग के पीछे हो सकते हैं। ऐसी सिचुएशन में क्रू मेंबर यह जो फायर एक्स होती है, इसकी मदद से पैनल को काटकर उस जगह तक पहुंच सकते हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश कर सकते हैं। तो यह जो कुल्हाड़ी है, असल में एक लाइफ सेविंग टूल है। वहीं अगर विमान लैंडिंग या क्रैश के बाद डैमेज हो जाए तो जो मेन एग्जिट होता है या इमरजेंसी एग्जिट होता है
अगर यह सब जाम हो जाए तो क्रू मेंबर इमरजेंसी एक्स जो कुल्हाड़ी है इसका इस्तेमाल करते हैं। इससे विमान की बॉडी के कमजोर हिस्से या खिड़कियों को तोड़कर बाहर निकालने का रास्ता भी बनाया जाता है। आमतौर पर यह जो टूल होते हैं किसी सेफ जगह पर रखे रहते हैं। इसे कोई भी यात्री इस्तेमाल नहीं कर सकता है। इसके इस्तेमाल की जिम्मेदारी ट्रेंड क्रू की होती है। अब आपको यह जो पूरा घटनाक्रम है, उसका एक ब्रीफ बता देते हैं। 30 सितंबर को फ्लाई दुबई की फ्लाइट एफz1073 दुबई से तलवीब के लिए रवाना हुई थी। प्लेन में कुल 174 यात्री सवार थे।
इसमें क्रू मेंबर्स भी शामिल थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में जो पायलट थे, पायलट और को पायलट उनके बीच में अचानक से हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि कोपायलट ने कैप्टन स्मिथ मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान करीब 30 सेकंड में 14,000 फीट नीचे तक आ गया था। इसी दौरान फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और कुछ क्रू मेंबर्स ने कॉकपेट में पहुंचकर आरोपी को काबू पाने में मदद की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्लेन में मौजूद दूसरे फ्लाई दुबई पायलट्स ने भी प्लेन को संभालने में मदद की और आखिरकार फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग उस फ्लाइट की कराई गई। सऊदी अरब के अधिकारियों के मुताबिक प्लेन से फ्री लैंड हुआ और यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई। घायल क्रू मेंबर्स को अस्पताल ले जाया गया और जो भारतीय कैप्टन हैं स्मिथ मच्छार वो इसी हमले में घायल हुए थे और उनकी हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है और जब हम यह वीडियो रिकॉर्ड करें कुछ देर पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मिथ मछार के परिवार से पहले बात की और फिर एक पब्लिक फंक्शन में भी उनकी बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि 91 जैसा एक अटैक हो सकता था जिसे अह जो भारतीय पायलट हैं उन्होंने ऐसा होने से बचाया।