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राम दुलारी शरण की मौ;त के बाद प्रेमानंद महाराज पर इस पिता ने लगाए गंभीर आरोप, मचा त;हल;का

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और वृंदावन प्रेमानंद आश्रम से जुड़ी बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश के परिवार ने बड़ा दावा किया कि दीक्षा लेने के बाद घर नहीं लौटा बेटा। 3 महीने से बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं। पुलिस पर मदद ना करने के भी आरोप लगाए गए हैं। तो अब देखिए एक परिवार की तरफ से यह दावा किया जा रहा है कि 3 महीने से उनके पास अपने बेटे को लेकर कोई जानकारी नहीं है और दीक्षा लेने के बाद बेटा घर नहीं लौटा है।

यह मध्य प्रदेश के परिवार की तरफ से दावा किया जा रहा है और अब दो तस्वीरें भी आपको दिखा रहे हैं। जहां पहली तस्वीर रसिक दुलारी शरण की मौत की है और जिनकी आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हुई। आत्महत्या और हत्या के एंगल को ध्यान में रखकर पुलिस मामले की जांच भी कर रही है और अब मध्य प्रदेश के ही एक और परिवार ने आरोप लगाया है कि उनका बेटा पिछले 3 महीने से लापता है। जिसने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी।

उसकी जानकारी जुटाने में पुलिस ने भी कोई मदद नहीं की। जितेंद्र हमारे सहयोगी इस वक्त हमें ज्वाइन कर चुके हैं। जितेंद्र जाहिर सी बात है हर एंगल से हो रही जांच के बाद अभी शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने क्या जानकारी साझा की है? क्योंकि अब कुछ और परिवारों का इस तरीके से सामने आना और ये दावा करना कि उनका उनके बेटे से महीनों से संपर्क नहीं हो पाया।

वो वापस नहीं लौटे। ये सवाल खड़े करेगा क्या? जी बिल्कुल देखिए जाहिर सी बात है केलीकुंज आश्रम के साथ एक और नया विवाद जुड़ गया है। सबसे पहले मैं तो आपको तस्वीरें दिखाना चाहूंगा। ठीक सामने देखिए यह केलीकुंज आश्रम है और केलीकुंज आश्रम फिलहाल अभी यहां पर जो दर्शन के टोकन थे वो यहां पर बंद कर दिए गए हैं। जितने भी दीक्षा के कार्यक्रम थे रसिक दुलारी की मौत के बाद वो तमाम कार्यक्रम यहां पर बंद कर दिए गए हैं। और अब तस्वीर आप देखिए। यहां पर लगातार जो परिवार है एक बच्चे का उसका नाम अनुज है। 3 महीने पहले उसने यहां से दीक्षा ली थी और दीक्षा लेने के बाद यह जो परिवार है वो लगातार अपने बेटे की तलाश कर रहा था।

लेकिन इस परिवार को इनके बच्चे के बारे में कोई जानकारी फिलहाल नहीं मिल पा रही है। इनका कहना है कि लगातार ये लोग यहां पर आए। इन्होंने कोशिश की बात करने की प्रशासन से जो केलीकुंज का प्रबंधन है प्रशासन है उस लेकिन किसी ने कोई पुख्ता जवाब इनको नहीं दिया। आपका बेटा कब से लापता है? तीन महीने से। तीन महीने से। तीन महीने से आप यहीं हैं। तीन महीने से मैं कंटिन्यूस रोड पे सो रहा हूं। अच्छा ये आश्रम में घुसने भी नहीं देते हैं। ना आज तक कोई बात करता है। यहां पूछताछ केंद्र पे आते हैं। फोटो दिखाओ अपने बेटे का। मैं रोजाना फोटो दिखाता हूं इनको और जट फोटो देख के बांध के हम ढूंढ रहे हैं। जट वापस कर देते हैं मुझे। यहीं से कोई बात भी नहीं करता है ढंग से।

तो अब आप लोग कब तक बैठेंगे? मैं जब तक बैठूंगा जब तक मेरा बेटा नहीं मिलेगा। और बैठूंगा क्या? मैं कल आत्मदाह करूंगा। अभी प्रशासन के जो केलीकुंज का जो प्रशासन है वो भी आपके पास आया था। पुलिस यहां पर पहुंची। क्या आश्वासन मिला?

यही बात कही उन्होंने जो तीन महीना पहले से मुझसे बोल रहे हैं कि हम ढूंढ रहे हैं। हम ढूंढ रहे हैं। ढूंढ रहे हैं। कब तक ढूंढेंगे? यही वीडियो डालते हैं। इनके चेला यही आश्रम के साधु बोलते हैं कि हमने बरखाने देखा है। हमारे पास भजन कर रहा था। कभी कुछ कहते हैं, कभी कुछ कहते हैं। तो जब तुम ढूंढ कहां से रहे हो? जब तुम्हारे पास वो भजन कर रहा था बरखाने में बैठ के तो तुम्हें मैं तो तीन महीने से डोल रहा हूं ना। जब तुमने मेरा बेटा क्यों नहीं पकड़ा? मैं तो रोजाना डोल रहा हूं ना। तो मेरे को 3 महीना पहले से जब मैं तुम्हारे पास दूसरे दिन आ गया और तुम एक महीना दो महीना बाद में मेरे पे वीडियो डाली तो तुम्हारे चेलों ने क्यों नहीं पकड़ा उन तुम्हारे साधुओं ने? मेरे बेटे को। बिल्कुल देखिए हाथरस का ये परिवार है और लगातार यहां पर बैठा हुआ है धरने पर। अम्मा कब तक बैठोगी? जब तक बैठेंगे शरीर में जान रहेगी। ये प्रेमानंद महाराज जी के चेला हम मार देंगे। जब चले जाएंगे जब अपना चले जाएंगे श्री जी के प्यारे रह जाएंगे हम। अंदर जाने दे रहे हैं आश्रम में। अब का जाने देंगे जब आश्रम में ना होगा तो कहां जाने देंगे जी अब हमें जिनने हम भीतर घुसने ही ना कैसे जे देंगे कहूं ते लाके दे देंगे हमारे बच्चा है इनके यहां आयो है हमारा बच्चा इनके यहां तो दीक्षा ली है हमारे बच्चा ने और इनके यहां कह के आयो है अच्छा यहां पर देखा भी गया है कुछ दिन पहले हमें कल बताई है एक साधु ने कि तुम्हारा बच्चा दो घंटा पीछे दे देंगे हम और अभी दूसरा दिनगा आज दिन सबरो तो ये देखिए यह पूरा कुटुंब है इस वक्त जो यहां पर बैठा हुआ है। हाथरस के ये लोग हैं।

इनका बेटा अनुज 3 महीने पहले दीक्षा ली। केलीकुंज आश्रम के अंदर दीक्षा लेने के बाद आश्रम में आए और उसके बाद से परिवार का आरोप कि यहां पर यहां से लापता है और लगातार कोशिश किसी तरीके से यहां पर की जा रही है कि इनको इनके बच्चे के बारे में कोई जानकारी मिल पाए। ठीक सामने देखिए केलीकुंज आश्रम में अब से थोड़ी देर पहले हमने वहां पहुंचकर जितने भी लोग वहां केकुंज आश्रम के प्रशासन से जुड़े हैं सबको माइक लगाया। सबसे पूछने की कोशिश की लेकिन किसी ने एक शब्द तक नहीं बोला। तो जितेंद्र आप इस वक्त यह जो तस्वीरें दिखा रहे हैं केलीकुंज में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद हो चुके हैं।

आप यह कह रहे हैं कि अब एक नहीं कई परिवार यहां पर जुट गए हैं जो अपने बेटों की तलाश और इसी को लेकर कई आरोप लगा रहे हैं। आपको भी अंदर आश्रम के लोगों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिल पा रहा। और फिर पुलिस क्या कर रही है? क्या इनकी सुनने वाला कोई है? बंद कर दिया गया है। यहां पर जो टोकन दर्शनों के लिए मिलते थे, वह टोकन भी फिलहाल यहां पर नहीं दिए जा रहे हैं। जो लोग दूर-दूर से यहां पर आ रहे हैं। आप लोगों को दर्शन हो पाए? श्री हरिश हरिश कुछ नहीं कहना चाहते। आप लोगों के दर्शन हुए महाराज जी तो ये देखिए आश्रम से जुड़े लोग आश्रम से जुड़े जो श्रद्धालु हैं। हमने हर किसी से बात करने की कोशिश की। लेकिन कोई फिलहाल सीधे तौर पर बात करने के लिए तैयार नहीं है ना रसिक दुलारी की मौत पर और ना ही इस लापता अनुज जो कि शिष्य बताया जाता है जिसने 3 महीने पहले दीक्षा ली उसके बारे में कोई भी बात करने के लिए फिलहाल तैयार नहीं हालांकि पुलिस थोड़ी देर पहले मौके पर पहुंची खुद सीओ पहुंचे उन्होंने परिवार की जो शिकायत थी वो सुनी और उनका कहना है कि अब उस शिकायत के आधार पर तफ्तीश आगे की जा रही है। जी चलिए जितेंद्र हमारे सहयोगी तफतीश और इस वक्त आश्रम के बाहर जो परिवार के लोग हैं जो अपने बेटों को ढूंढ रहे हैं उनसे भी बात कर रहे हैं। लेकिन अब वृंदावन रसिक दुलारी की मौत से जुड़ी एक बड़ी खबर है कि जांच के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है और अब तक 50 लोगों से पूछताछ की गई है। 25 सितंबर को रसिक दुलारी की मौत हुई थी और आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर मौत।

ये 25 तारीख की जो सूचना पुलिस को मिली थी रसिक दुलारी शरण जो कि मूलता जबलपुर के रहने वाले दीपक के रूप में उनकी पहचान हुई थी। जैसा कि अभी तक जांच में आप लोगों को जानकारी भी है। जांच में जो अभी तक जो तथ सामने आए हैं ये छत से कूट के इनके द्वारा आत्महत्या किए जाने की प्रकाश में आई है। आत्महत्या के कारणों की हम लोगों ने अलग-अलग एंगल से उसमें लगातार इसमें जानने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक सर कितने लोगों से पूछताछ हुई? कितनी टीम इसमें जांच कर रही है? इसमें पांच टीमें इसमें जांच कर रही है जो आश्रम से संबंधित जो सीसीटीवी जहां पर रहते थे गुरु कृपा कुंभ इसके अलावा जहां भी इनका मूवमेंट हुआ है उन सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है सबको दिखाया जा रहा है क्या कुछ और रसिक दुलारी शरण सुसाइड से जुड़ी एक और बड़ी खबर है क्योंकि मौत के बाद आश्रम में कई नियम भी बदले गए हैं। दर्शन और दीक्षा कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई है। शिष्यों के लिए ड्रेस कोड के नियम भी तय हुए हैं और एकांत मुलाकात के लिए टोकन पर भी रोक का फैसला लिया गया है।

खेली कुंज में श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल दर्शन बंद कर दिए गए हैं। जितेंद्र हमारे सहयोगी वहीं पर मौजूद हैं और इसी आश्रम के बाहर की वह सीधी तस्वीरें भी दिखा रहे थे। जो लोग अंदर से आ रहे थे उनसे उन्होंने बातचीत करने की कोशिश की लेकिन किसी ने अपना मुंह नहीं खोला और अब आश्रम के नियमों में बदलाव को लेकर भी खबर है। तो खबर यह है कि रसिक दुलारी की मौत और आश्रम के नियम बदले गए हैं और केकुंज में ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को बंद कर दिया गया है। आश्रम के नियमों में बदलाव हो रहे हैं। 2 साल पुराने शिष्य पीले कपड़े पहनेंगे। आश्रम के लिए समर्पित शिष्यों को पीले कपड़े और नए शिष्यों के लिए सफेद कपड़ों के नियम के बारे में भी जानकारी है। लेकिन मेरे सहयोगी जितेंद्र हमारे साथ बने हुए हैं। जितेंद्र मैं यही सवाल कर रही थी। अभी जो बाहर परिवार हैं एक नहीं बल्कि कई लोग अब आ रहे हैं और अपने बच्चों को ढूंढ रहे हैं। इनकी बात क्या पुलिस के जरिए या पुलिस तक अभी पहुंची है? क्योंकि आपने भी तो अंदर आश्रम के लोगों से बातचीत करने की कोशिश की थी ना।

उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। जी बिल्कुल देखिए एक ही परिवार है और एक ही बच्चा है जो लापता है और पिछले तीन महीने से इस परिवार का आरोप कि इनका इन बच्चे के जो पिता हैं वो केलीकुंज आश्रम के बाहर ही मौजूद हैं। लगातार प्रशासन से बातचीत करने की उन्होंने कोशिश की। अपने बेटे के बारे में जो लापता है उसके बारे में पूछने की कोशिश की। लेकिन कोई भी स्पष्ट जवाब उन्हें नहीं मिला। और आज आप तस्वीरें देखिए। यहां पर आपको 24ों घंटे भीड़ दिखाई देगी। लेकिन आज पूरे तरीके से सन्नाटा आपको केकुंज आश्रम के बाहर दिखाई देगा। हम भी थोड़ी देर पहले अंदर गए लेकिन हमें देख के गेट बंद कर दिए गए। किसी ने स्पष्ट तौर पर हमसे बात नहीं की। जो अंदर से प्रशासन से जुड़ा एक शख्स जो एक शिष्य थे महाराज प्रेमानंद के वो इस पीड़ित परिवार के पास आए। उनसे बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जब हमने माइक लगाया तो स्पष्ट तौर पर हमसे उन्होंने कोई बात नहीं की। लेकिन हम कोशिश करेंगे इस परिवार से एक बार फिर बात करने की ताकि पता चल सके कि आखिरकार इस परिवार का दर्द किस तरीके का है। पिता जो पिछले तीन महीने से लगातार यहां पर बैठे हुए हैं। उनसे एक बार फिर बात करते हैं। आप तीन महीने से यहां पर थे।

अभी प्रशासन से जुड़े एक शख्स यहां पर आए। उन्होंने आपको क्या बोला? मुझसे ये बोला कि तुम्हारा बेटा हम ढूंढ रहे हैं। ढूंढ रहे हैं। बस यही बोल रहे हैं और कुछ नहीं बोला। कब से बोल रहे हैं? आपको ढूंढ रहे हैं। ये तीन महीना से बोल रहे हैं। मुझे तीन महीना तीन महीना हो गए। तीन महीने से यही बात कह रहे हैं। एक ही बात कहते हैं कि हम ढूंढ रहे हैं। हम ढूंढ रहे हैं। आपने अपने बच्चे को देखा कभी? आप तीन महीने से यहां पर हैं? तीन महीने से मुझे तो कोई शकल नहीं दिखी। कोई कुछ नहीं दिखा बच्चे का। और बेटा क्या कह कर निकला था घर से? बेटा ये कह के निकला था कि मैं प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जा रहा हूं। उन्हीं की कंठी माला और तीन किताबें प्रेमानंद महाराज ने दी थी। उन्हीं को लेकर के आया है घर से। दीक्षा ली हुई दीक्षा ली है। दीक्षा लेने के 5 दिन बाद वो निकल आया है घर से। उसकी मेरे पास रसीद वगैरह सब कुछ है जो दीक्षा में इन लोगों ने दी थी।

ओके पूरे सबूत मेरे पास हैं। तो यह देखिए ये पिता हैं जो पिछले तीन महीने से यहां पर बैठे हुए हैं। केकुंज आश्रम के बाहर यह बैठे रहते हैं। इनका कहना है कि इनको कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और आज पूरा कुटुंब या फिर कहें पूरा गांव जो है वो यहां पर आपको मौजूद इस वक्त दिखाई देगा तस्वीरों में और ठीक पीछे मैं चाहूंगा एक बार फिर कैमरामैन वीर सिंह से आपको दिखाएं। यह देखिए केली कुंज आश्रम आपने भी देखा होगा 24ों घंटे यहां पर बड़ी भीड़ बड़ी लाइन आपको दिखाई देगी भक्तों की लेकिन आज यह पूरे तरीके से यहां पर सन्नाटा पसरा हुआ है और इसके पीछे की वजह रसिक की संदिग्ध मौत और इसके अलावा जी पूरे मामले की इन्वेस्टिगेशन को लेकर भी आप नजर बनाए रखें क्योंकि इस मामले में पांच टीमों का गठन किया गया है रसिक दुलारी मौत से जुड़ी हुई बड़ी खबर और साथ ही एक और परिवार जिस तरीके से अब आश्रम के बाहर मौजूद है अपने बेटे की तलाश में जिसका दावा है कि 3 महीने से उन्हें अपने बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही

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