इन सभी पर्च वालों को आमंत्रण किया जाए। अरे अपनी विद्या का प्रयोग करिए। बताइए यह घटना घटी कैसे? लोग कहते हैं कि हम सार्वजनिक तो जानकारी नहीं दे सकते क्योंकि लोग हम पर चढ़ जाएंगे। घटना को मैं बताने के लिए तैयार हूं कैसे हुई। लेकिन पंडुकर सरकार दरबार खुली घोषणाकर्ता सनद रहेंगे.
अपने विषय पर। यदि समय दिया गया या हमसे पूछा गया ब्रिज के लोग संत महात्मा लोग यदि इस दास को याद करेंगे वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तुल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में पंडोकर धाम से बड़ा बयान सामने आया है। पंडोकर धाम के पीठाधीश्वर गुरु शरण महाराज ने कहा कि अगर आश्रम प्रबंधन पुलिस जांच एजेंसी के अधिकृत अधिकारी या मृतक के परिजन उनके दरबार में आते हैं तो पंडोकर सरकार का दिव्य दरबार घटना के रहस्य को उजागर करने में सहयोग कर सकता है। गुरु शरण महाराज का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं बल्कि पुलिस को जिम्मेदार तत्वों तक पहुंचने में मदद करना है ताकि मृतक के परिवार को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष के साथ अन्याय ना हो।
इन सभी पर्चा वालों को बुलवाएं और उसमें मैं भी हमको भी बुलवाया जाए। मैं बताऊंगा कि ये घटना घटी क्यों? कैसे घटी? इसके पीछे कारण क्या था। मैं अपने इष्ट बल से संतों के ऊपर अमृत उठने नहीं देख सकता कि संत सब खराब होते हैं। सब संत खराब नहीं होते साहब। संत तो एक से एक हैं। एक से एक महापुरुष हैं। घटना टाली जा सकती है। घटना नहीं टाली जा सकती। ये मैं भी जानता हूं। क्योंकि प्रगति को परा विज्ञान को परमात्मा की सत्ता को चैलेंज नहीं किया जा सकता। लेकिन जिसकी मृत्यु है सुनिश्चित होती है तब कोई घटना होती है। लेकिन गुरु शरण महाराज यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिना नाम लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी तंज कसा।
साथ ही सिद्धियों का दावा करने वाले अन्य लोगों को इस मामले की सच्चाई सामने लाने की चुनौती भी दी। इन सभी पर्च वालों को आमंत्रण किया जाए। अरे हिंदू राष्ट्र बनेगा बाद में बनेगा। पहले संतों की तो बेइज्जती हो रही है। अरे अपनी विद्या का प्रयोग करिए। बताइए यह घटना घटी कैसे? लोग कहते हैं कि हम सार्वजनिक तो जानकारी नहीं दे सकते क्योंकि लोग हम पर चढ़ जाएंगे। हम केंद्र सरकार को प्रदेश सरकारों को शासकीय गवर्नमेंट जितने कार्यालय हैं हम उनको गुप्त जानकारी दे सकते हैं।
कहना चाहता हूं ऐसे लोग जो घोषणा करते हैं मीडिया में बैठकर के ऑब्वियसली तो नहीं दे सकते अनऑफिशली बता सकते हैं। तो बताइए कि रसकशरण जी महाराज की मृत्यु कैसे हुई? जितने भी भारतवर्ष पर्चा लिखने वाले हैं अभी तक किसी के जूई तो निंगी नहीं कान तो फरका नहीं कि यह कह दें कि नहीं ये घटना को मैं बताने के लिए तैयार हूं कैसे हुई यानी रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला अब सिर्फ पुलिस जांच तक सीमित नहीं रह गया है। संतों के बयान ने भी इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया। एक तरफ पुलिस घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है तो दूसरी तरफ पंडोकर धाम की ओर से जांच में संयोग का दावा किया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दीपक लोधी उर्फ़ रसिक दुलारी शरण की मौत की असली वजह क्या थी?
क्या यह महज एक हादसा था या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल इस रहस्मी मौत को लेकर हर बयान और हर दावे पर नजर है क्योंकि परिवार को इंतजार है उस सच का जो इस पूरे मामले से पर्दा उठा सके और सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रसिक दुलारी शरण की मौत का सच सामने आएगा और क्या उनके परिवार को इंसाफ मिल पाएगा? दतिया से आप तक खबर पहुंचाई अशोक शर्मा ने।