केतन केस में सिया मास्टर प्लानर है। एक ऐसी कहानी वो गढ़ रही है जिसकी वो प्रैक्टिस दिन रात लगातार फोन देखकर किया करती थी। उसके फोन सर्च हिस्ट्री से जो जो चीजें मिली हैं पुलिस वाले भी हैरान परेशान है कि बकायदा सिया ने यह भी सर्च कर रखा था कि अगर पुलिस वाले पकड़ेंगे तो उसकी पिटाई होगी या नहीं होगी। अगर पिटाई होगी तो उसे क्या बोलना है और किस कदर उसने अपने बॉयफ्रेंड को फंसाने के लिए जो मास्टर स्ट्रोक प्लान किया वो एक-एक कर उसके हक में जाता हुआ नजर आ रहा है।
खुद उसकी बॉयफ्रेंड के जो वकील हैं उनका कहना है कि चेतन की गिरफ्तारी इललीगल है। गैरकानूनी है और खुद पुणे पुलिस से गलती हुई है। बात करेंगे उसके बारे में रिकॉर्डिंग क्राइम में। लेकिन उससे पहले जानिए कि किस तरीके से केतन के परिवार में दुखों का पहाड़ टूट चुका है। पहले घर का चिराग चले जाता है।
उसके बाद घर के सबसे बड़े मुखिया या कहीं सबसे बड़े सदस्य को भी इस दुनिया को छोड़कर जाना पड़ता है। कौन है वो शख्स? उसके बारे में बात करेंगे। तीसरी चीज इस डिकोडिंग में बात करेंगे कि जिस तरीके से दावा ये किया गया था कि जो सिया है जब उसे घर से ले जाकर पुलिस जीप में बैठाया जा रहा था वो मिडिल फिंगर दिखा रही थी और मिडिल फिंगर वेस्टर्न कल्चर में गाली कहा जाता है लेकिन खुद सिया के परिवार वालों का कहना है कि वो उंगली नहीं दिखा रही थी बल्कि उसे जो चोट लगी थी.
दरवाजे से और जिस वजह से वो अपनी उंगलियों को एक तरीके से सीधा करने की कोशिश कर रही थी लोगों ने उसे गलत समझ लिया उसे गाली समझ ली अब पर्दे की पीछे पीछे की कहानी क्या है? बात करेंगे इस रिकॉर्डिंग क्राइम के जरिए और पुलिस वालों को वो कौन से नए-नए सबूत मिले जिसके बाद इस पूरे केस में कई सारे ट्विस्ट आ सकते हैं।
बात करेंगे इस रिकॉर्डिंग के जरिए। तो पुणे पुलिस जिस तरीके से सिया और केतन के इस केस में कहीं ना कहीं फंसती नजर आ रही थी। यह लग रहा था कि पुलिस को एक-एक करके जो सबूत हैं, जो सीक्वेंस है वो नहीं बन पा रहा था। और लेकिन अब जो पुणे पुलिस है उनके हाथ में पुख्ता सबूत लग गए हैं। ये जो आप स्क्रीनशॉट देख रहे हैं अगर इसे भी देखेंगे तो इसमें साफ तौर पे सिया ने लिखा है अपनी एक सहेली को कि यह शादी नहीं होने वाली। कहीं ना कहीं सिया के दिमाग में चल रहा था कि वो एक तरीके से केतन को धक्का देगी और इसके बाद जब पूरा केस सामने निकल कर आएगा तो उसके बाद पुलिस को डायरेक्ट यानी कि पूरे तौर पर सीधे तौर पर सिया के साथ इसका कोई भी कनेक्शन नहीं निकलेगा जिससे वह बड़ी आसानी से बरी हो जाएगी या उसे हाल ही में जल्दी ही जमानत भी मिल जाएगी।
लेकिन पुलिस ने जब एक-एक करके सबूत इकट्ठा करने की कोशिश की तो उनके ज़हन में सबसे पहले जो स्क्रीनशॉट देख रहे हैं आप जिसमें सिया ने अपनी सहेली से आधार कार्ड मांगे हैं, डॉक्यूमेंट मांगे और कहा है कि शादी की बुकिंग करनी है और इसके साथ ही उसमें लिख दिया है कि शादी की बुकिंग करनी है। अपने डॉक्यूमेंट दे दो। हालांकि वो शादी होगी नहीं। इससे पुलिस को समझ में आया कि सिया बहुत पहले ही प्लान बना चुकी थी। वह जानती थी कि उसे केतन से शादी नहीं करनी है।
और इसीलिए उसने बकायदा यह पूरा जो मर्डर प्लान है वह बनाया। अब ये पुख्ता कैसे हो रहे हैं? तो दरअसल जब सिया को पुलिस उसके घर लेकर गई थी और उसके घर के पास में जो एक पहाड़ी नुमा इलाका है जहां आप जब सिया को लेकर जाते हैं वहां पर उससे बोला जाता है कि तुमने केतन को कैसे धकेला? क्या यह वही जगह है जहां पर तुमने प्रैक्टिस की थी और सिया इस बात को कबूलती भी है।
इसके बाद पुलिस की जितनी भी जो टीम थी वो सिया को लेकर उसके घर पहुंचती है और वहां पर करीब-करीब आधे घंटे तक छानबीन की जाती है। कपड़े जब्त किए जाते हैं और साथ ही साथ एक ऐसा सीक्रेट फोन भी पुलिस के हाथ लगता है। यानी कि वो सिया का ही दूसरा फोन था जो पुलिस जब्त करती है। अब सिया और चेतन दोनों ने बहुत कोशिश की कि वो जो चैट कर रहे हैं जो भी मैसेजेस वगैरह हैं सब डिलीट कर दें। कॉल लॉक डिलीट कर दें। कोई भी ऐसा प्रूफ ना रह जाए।
लेकिन वो भूल गए थे कि सिया के पास एक और फोन है और उसमें उसने Google पर क्या सर्च किया है वो भी उन्हें हटाना है या उस फोन को भी हटाना है और यह चीज जो चूक थी यह पुलिस के लिए बहुत बड़ा सुराग बन गई और जब पुलिस को घर के अंदर वो फोन मिलता है और उस फोन को खंगाला जाता है उसकी सर्च हिस्ट्री खंगाली जाती है तो एक-एक करके कई सारी चीजें पता लगती हैं। उसमें सिया ने सर्च किया था कि अगर आप कोई अपराध करते हैं और उसके बाद अगर किसी फीमेल को पुलिस डिटेन करती है.
तो क्या पुलिस कस्टडी में उसके साथ मारपीट की जा सकती है? क्या महिला पुलिस अधिकारी उस महिला को यानी जिसे आरोपी बनाया गया जिसे पकड़ा गया क्या उसे मार सकती है? अगर कोई घटना घटती है, कोई वारदात होती है जिसमें कोई महिला लिप्त है तो जो पुलिसकर्मी उसे अरेस्ट करते हैं क्या वो डायरेक्टली उसे जेल में डाल सकते हैं?
तो ऐसे कई सारे सवाल जो थे वो जो क्वेश्चंस थे वो सारे Google में सिया के फोन में देखे गए। इसके अलावा पुलिस ने जब और ज्यादा बारीकी से जांच की तो उन्हें पता लगा कि जो सोनम और राजा रघुवंशी का केस था जो मेघालय का केस था जो इंदौर की एक सोनम थी उसने अपने हस्बैंड को ठीक उसी तरीके से मारा था।
वो बकायदा उसकी भी डिटेलिंग उसने पढ़ी है कि कब किस तरह से सोनम ने प्लान किया। उसके साथ कितने लोग शामिल थे। किस तरह से उसने राजा को मारा। क्या उसने कोई वेपन यूज़ किया और किस तरह से सोनम जो है वह पकड़ी गई। अब यहां पर जो सिया है उसने क्या ध्यान दिया कि सोनम रघुवंशी के केस में उसने अपने पति को मारने के लिए एक खुरे का इस्तेमाल भी किया था और सिया उसी चीज से बच गई।
सिया ने बकायदा इसे सिर्फ घटना दिखानी चाही और इसीलिए केतन को वह पहाड़ी पर लेकर गई और इसीलिए इसने वहां से उसे धक्का दिया ना कि किसी हथियार का यूज़ किया कि कल को अगर पुलिस पकड़ती है तो कोई भी ऐसे मार्क ना मिले, कोई भी फिंगरप्रिंट्स ना मिले और कहीं भी ऐसी चीज सीसीटीवी में ना दिखे कि मैंने कोई हथियार खरीदा है, ऑनलाइन मंगाया है।
कोई भी ऐसा प्रूफ ना रहे। तो बकायदा इन सब की स्टडी करने के बाद जब पुलिस को ये सारी चीजें मिली तो उसमें ये भी पता लगता है कि उसने करीब 10 से 12 एपिसोड क्राइम पेट्रोल के भी देखे हैं। चेतन के साथ मिलकर बकायदा उसमें उसने प्लानिंग की है। ने देखा है कि अगर किसी का कत्ल करना है, किसी को मारना है तो कौन-कौन से तरीके होते हैं और यह सब देखने के बाद पुलिस को उसमें यह भी दिखता है Google हिस्ट्री के अंदर यह भी पुलिस को पता लगा कि सिया ने यह भी सर्च किया था कि अगर किसी शख्स को पहाड़ से धक्का दे दिया जाए तो क्या मर्डर चार्जेस लगते हैं? कितनी सजा होती है? पुलिस कैसे अरेस्ट करती है?
ये सारी चीजें जो है उसकी सर्च हिस्ट्री में मिली और इसके बाद पुलिस को समझ में आ रहा है कि अब हो ना हो ये जो कत्ल किया गया है केतन का ये फुल प्रूफ प्लानिंग थी और अब जो पुलिस है वो सारे सीक्वेंस जोड़ना शुरू करी है क्योंकि अब तक हम भी आपसे कह रहे थे कि डायरेक्टली कोई मैसेज नहीं मिला है। पुलिस को कोई भी ऐसे चैट नहीं दिखे। कहीं भी ऐसे फोन कॉल पे बात नहीं मिल लग मिली। कैफे में बैठकर जो उन्होंने प्लानिंग की थी उसमें भी कहीं पर भी उनकी वॉइस नहीं आई। कहीं पर भी डायरेक्टली सिया ने ऐसा नहीं लिखा कि केतन को रास्ते से हटाना है।
तो ऐसे में पुलिस के लिए कई सारी जो चीजें हैं वो धूमिल हो रही है और सिया को लग रहा है कि वो बड़ी आसानी से बच जाएगी। चाहे वो पैसे दे, चाहे किसी भी तरीके से वो अपने आप को कानून के शिकंजे से बचा लेगी।
लेकिन लगातार पुलिस ने जैसे एक-एक सीक्वेंस ढूंढा, मैसेजेस ढूंढे और जब ये Google सर्च हिस्ट्री मिल गई तो सारी कहानी एक तरह से क्लियर हो गई है और समझ में आ रहा है कि पहले सिया ने प्लानिंग की है। बकायदा उसने सोचा और समझा है। अपनी सहेली को भी उसने मैसेज किया है कि शादी नहीं होनी। यानी वह जानती थी कि वह कुछ ऐसा करेगी और इसके बाद उसने चेतन को इस प्लान में शामिल किया और इसी के तहत उसने केतन का मर्डर कर दिया। इसके अलावा बात तो यह भी सामने आ रही है कि जिस तरह से जब सिया को पुलिस की टीम उसके घर से लेकर निकलते हैं और जिस तरह से वो मीडिया के साथ बदतमीजी करती है। कहा जाता है उसने हरकत की तो उस पर उसके पिता ने भी सफाई दे दी और कह दिया है कि दरअसल जब सिया को पुलिस वाले लेकर जा रहे थे, गाड़ी में बिठा रहे थे और दरवाजा बंद करते वक्त उसकी जो उंगली थी उसमें चोट आ गई थी।
वह दब गई थी और सूझ गई थी। और शायद इसीलिए वो इस तरह से अपनी फिंगर दिखा रही है। वो चोट दिखाने की कोशिश कर रही है ना कि कोई अश्लील इशारा कर रही है। लेकिन अगर आप गौर भी करेंगे और जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर तस्वीर देखी होगी तो वहां पर कहीं भी जो सिया है उसकी उंगली में चोट नहीं दिखाई दे रही है। वो साफ समझ में आ रहा है जो उसका एटीट्यूड है जो उसका रवैया है जिस तरह से वो मीडिया को दिखा रही है वो साफ समझ में आ रहा है कि वो जानती है कि आने वाले टाइम पे वो बच जाएगी क्योंकि उसके खिलाफ कोई भी पुलिस को पुख्ता सबूत नहीं मिला। लेकिन एक-एक करके अब पुलिस के पास सारी चीजें मिल रही है और हमने आपसे पहले भी कहा था कि जिस तरह से सिया का जो परिवार है वह सामने आ रहा है और कहीं ना कहीं सिया की इमेज को अब सही करने की कोशिश की जा रही है।
जो उनकी माताजी थी उन्होंने पहले बोल दिया था कि अगर सिया अगर उन्होंने कुछ ऐसा किया है तो उन्हें भी उस पहाड़ी से धकेल दिया जाए। लेकिन बाद में जो उनके भाई हैं उन्होंने चेतन और सिया के रिश्ते से मना कर दिया। उन्होंने यह कह दिया कि सिया की इसमें कोई गलती नहीं है। वो चेतन को जानती तक नहीं वो तो सिर्फ दोस्त ही थी और हम जानते थे कि वो सिर्फ केतन से शादी करना चाहती है। तो ये सारी चीजें जब सामने आ रही है तो उससे यह भी लग रहा है कि अब जो सिया है वो समझ गई है कि उसका परिवार कहीं ना कहीं उसे बचा लेगा और इसीलिए वो इस तरह से जो रवैया है वो सारी चीजें मीडिया के सामने अपना रही है और उसे पता है कि बड़ी ही आसानी से उसे जमानत मिल जाएगी। अब सिया की जो सोच है उस पर तो पुलिस किस तरीके से उन पर भट्टा लगाती है यह तो देखने वाली बात है लेकिन उससे पहले समझिए कि पुलिस को साबित करना बेहद जरूरी है कि उस किले पर चढ़कर वहां पर जब केतन था तो सिर्फ उस जगह पर यही दो लोग मौजूद थे| कोई तीसरा शख्स नहीं था।
पुलिस का दावा है कि चेतन के क्लासमेट को पूरी जानकारी थी। मर्डर होने से पहले मर्डर होने के बाद ये दोनों मर्डर कर देते हैं। उसके अपने दोस्त से मिलने जाते हैं। उसे पूरी बात बताते हैं तो पुलिस उनसे भी खंगालना चाह रही है कि क्या आपको जब सारी जानकारी थी तो आपने पुलिस को क्यों नहीं बताई? क्या आपको कहीं पे भी भनक लगी तो आपको पुलिस को बताना चाहिए था। अब इस पूरे कड़ी में कोई भी अहम गवाह नहीं है पुलिस के सामने। पुलिस के सामने ये साबित करना बेहद जरूरी हो जाता है क्योंकि जो पुलिस थ्योरी लेकर चल रही है उसमें कोई भी प्रैक्टिकल सबूत नहीं मिला है। अब दूसरी जो चीज है जो इस पे पूरे कड़ी में निकल कर सामने आ रही है। पहले तो सिया की बात जो सिया का जो एटीट्यूड है हर किसी ने देखा। अब चेतन के जो वकील हैं खुद उनका ऑन कैमरा बाइट है जहां पर वो बता रहे हैं कि शादी वर्दी में पुणे पुलिस ने किस तरीके से अरेस्ट किया और कागजी कार्रवाही में किस तरीके से दिखाया कि अरेस्ट इतने इतने वक्त को किया गया था। रात के 12:00 बजे अरेस्ट किया गया।
4:00 बजे का अरेस्ट दिखाया गया। क्या है पूरी बात? पहले पूरी सुनिए फिर आपको आगे की कहानी समझाते हैं। एप्लीकेशन सी फाइल एन एप्लीकेशन यस्टरडे सीकिंग डिक्लेरेशन दैट चेतन अरेस्ट इन द प्रेजेंट मैटर वास इललीगल। वी हैड फाइल्ड इट ऑन टू ग्राउंड्स बेसिकली द फर्स्ट बीइंग दैट ऑन द फर्स्ट ड्यूरिंग द फर्स्ट पीसीआर जो पहली पीसीआर दी गई थी फ्रॉम 23 टू 29 ड्यूरिंग दैट टाइम वी वर अनेबल टू मीट चेतन और टेक इंस्ट्रक्शंस बट आफ्टर वी मेट हिम ऑन द 30थ वी डिड टेक इंस्ट्रक्शंस फ्रॉम चेतन उसमें वी गॉट टू नो दैट ही वाज़ नॉट अरेस्टेड एट 4:30 पीएम ऑन द 23 ऑफ़ जून एज़ इज़ क्लेमड इन द रिमांड रिपोर्ट्स बाय द पुलिस बट इनफैक्ट ही वाज़ पिक्ड अप फ्रॉम हज़ रेजिडेंट्स एट 12:15 इन द नाइट दैट्स 015 आवर्स इन द नाइट बाय अन नॉन यूनिफॉर्म पुलिसमैन एंड ब्रॉट टू दी ऑफिस ऑफ दी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस पुणे रूरल।
सो व्हाट हैज़ हैपेंड इज़ बेसिकली वी हैव फाइल्ड एन एप्लीकेशन क्लेमिंग दैट दी 12 आवर्स ऑफ अरेस्ट व्हिच वर देयर बिफोर द लॉजिंग ऑफ़ द एफआईआर एट 12:30 अह इन द नून। दोज़ आर इललीगल एंड देयर फॉर द एंटायर अरेस्ट एंड डिटेंशन ऑफ चेतन इन दिस मैटर इज इललीगल एंड वी सॉट द कोर्ट्स असिस्टेंस टू डिक्लेअर इट दैट वे। वी हैव आल्सो फाइल्ड अनदर एप्लीकेशन टू हैव दी कोर्ट ऑर्डर दी प्रोडक्शन एंड प्रिजर्वेशन ऑफ़ सीसीटीवी फुटेज फ्रॉम द ऑफिस ऑफ़ द सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस फॉर द कंसर्न पीरियड एंड फ्रॉम द रेजिडेंशियल सोसाइटी फ्रॉम वेयर केतन चेतन वाज़ डेटिंग। सर एज ऑफ नाउ नो अंटिल एंड अनलेस दी पुलिस फर्स्ट रिसोंड टू आवर एप्लीकेशन रिगार्डिंग इललीगल डिटेंशन एंड अरेस्ट टुडे दे वर सपोज टू फाइल देयर से इन द मैटर बट द इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर हैज़ फाइल्ड एन एडजनमेंट एप्लीकेशन द कोर्ट हैज़ फिक्स्ड दी हियरिंग फॉर वेडनेसडे।
तो सुना है आपने कि किस तरीके से चेतन के वकील बार-बार ये दलील दे रहे हैं कि पुणे पुलिस से तो गलती हो गई है और आने वाले वक्त में जो चेतन की गिरफ्तारी है वो भी गैरकानूनी साबित हो जाएगी। अब पुलिस भी अपनी-अपनी दिमाग लगा रही है। पुलिस ने कहा है कि जो चेतन और जो सियादो दोनों बातचीत किया करते थे इन दोनों के बीच में कोड लैंग्वेज में बातचीत हुआ करती थी। मसलन बात किसी और चीज की हो रही होगी आपको लग रहा होगा। लेकिन वो बात असल में मर्डर प्लानिंग की हो रही थी। क्योंकि दोनों ने सोच लिया था कि अगर आने वाले वक्त में अगर दुनिया को पता लग जाएगा कि उन्होंने केतन की हत्या की है तो पुलिस चाहकर भी उन तक नहीं पहुंच सकती है और बार-बार इसी कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जा रहा था। लेकिन पुणे पुलिस ने भी अपना दिमाग लगाया। जब केतन को धक्का देने के बाद चुपचाप सिया के पास जाकर कहते हैं कि देखो केतन की बॉडी रिकवर हो चुकी है। केतन जिंदा है। जब पुलिस को पता था कि केतन की मौत हो चुकी है। केतन की मिली है। लेकिन सिर्फ गुमराह करने के इरादे से बताया ये गया है कि सिया को बताया ये गया कि केतन जिंदा है और उसके हावभाव को देखा गया। सिया के चेहरे की हवाइयां उड़ चुकी थी।
उसे लग रहा था कि अब भेद खुल जाएगा। खुद केतन बता देगा कि धक्का देने वाले कोई और नहीं। ना पैर फिसला ना कुछ हुआ। सिर्फ सिया और उसकी बॉयफ्रेंड ने धक्का दिया और यही जो परेशानी थी पुलिस एक-एक हावभाव को पढ़ रही थी, समझ रही थी और पता लगा लिया था कि इन सारी कड़ी के पीछे सिर्फ और सिर्फ एक ही मास्टरमाइंड है वो है 20 साल की सिया जिसने अपने बर्थडे पर इस मर्डर प्लानिंग को अंजाम दिया और जो मर्डर प्लान किया रिहर्सल किया वो तब 19 साल की थी। यह भी अपने आप में अचंभित करने वाली बात है। लेकिन सबसे बड़ी जो दिक्कत आने वाली है वो है कि कोर्ट में आप कैसे साबित करेंगे कि ये जो मर्डर है ये सिया और चेतन ने ही किया और कहीं ना कहीं सिया और चेतन ये चीज समझ चुके हैं और बार-बार अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बता रहे हैं। अपने आप को फंसाने की बात कह रहे हैं।
पुलिस भी अपनी एक थ्योरी लेके आ रही है और थ्योरी से किस तरीके से केस प्रूफ होगा ये कोर्ट में आने वाले वक्त में हर किसी को समझ में