धर्मेंद्र ने किया अपने दोस्त मनोज कुमार की पत्नी शशि कुमार से एक बड़ा वादा। क्या मनोज कुमार की मौत के बाद अब धर्मेंद्र अपना दिया हुआ वादा निभाया? क्या सचमुच इतनी ज्यादा गहरी थी धर्मेंद्र और मनोज कुमार की दोस्ती? क्या अब धर्मेंद्र अपने जीते जी रखेंगे मनोज कुमार की पत्नी और उनके परिवार का ध्यान? जी हां, 4 अप्रैल यह वो तारीख थी जब मनोज कुमार इस दुनिया को अलविदा कह गए। मनोज कुमार मुंबई की कोकिला बहन अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली और आज उनका अंतिम संस्कार किया जाना है।
लेकिन ऐसे में जो इंसान सबसे ज्यादा मनोज कुमार की मौत के बाद टूटा है वो कोई और नहीं बल्कि उनके जिगरी दोस्त धर्मेंद्र हैं। जरा सोचिए धर्मेंद्र की हाल ही में हुई। लेकिन इसके बावजूद भी धर्मेंद्र अपना सारा दर्द भुलाकर पहुंच गए मनोज कुमार के घर और मनोज कुमार की पत्नी यानी अपनी भाभी शशि कुमार से धर्मेंद्र ने एक बहुत बड़ा वादा कर दिया।जी हां, आज बहुत ही दुखद दिन है क्योंकि आज मनोज कुमार को अंतिम विदाई दी जा रही है। आज उनका मुंबई में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। बॉलीवुड के बड़े-बड़े सेलेब्स इस मौके पर पहुंच रहे हैं।
लेकिन सबसे ज्यादा कोई इंसान इस बात में कोई शक नहीं है कि मनोज कुमार की मौत के बाद उनका परिवार बहुत बुरी तरह से टूट गया है। उनकी जो पत्नी है शशि कुमार उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। वो बार-बार बेहोश हो रही हैं। जो मनोज कुमार के बेटे हैं वो भी बहुत ज्यादा अपने पिता के जाने से दुखी है। लेकिन एक और शख्स है जिसे मनोज कुमार के जाने का एक सदमा लगा है और वो है बॉलीवुड के हीन कहे जाने वाले धर्मेंद्र।
जरा सोचिए 89 साल के धर्मेंद्र की हाल ही में आंखों की सर्जरी हुई। लेकिन जैसे ही 4 अप्रैल को उन्हें ये बात पता चली कि उनके दोस्त धर्मेंद्र के दोस्त मनोज कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे तो वो अपना दर्द भुलाकर सब कुछ भूलभाल कर सीधा पहुंच गए मनोज कुमार के घर में और साथ ही उनके पूरे परिवार से मुलाकात की।
सिर्फ इतना ही नहीं रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मनोज कुमार ने क्योंकि जो मनोज कुमार की पत्नी है शशि कुमार उनका रो-रो कर बुरा हाल था। वो बार-बार बेहोश हो रही थी। तो वैसे में धर्मेंद्र ने मनोज कुमार की पत्नी शशि कुमार से एक वादा कर डाला। उन्होंने कहा कि भले ही मेरा जिगरी दोस्त मन्नू आपको बता दूं कि धर्मेंद्र प्यार से मनोज कुमार को मन्नू बोलते थे क्योंकि ये दोनों बहुत ही खास दोस्त थे। तो धर्मेंद्र ने बोला कि भले ही मेरा जिग्गी दोस्त भाभी मनु अब इस दुनिया में ना नहीं रहा हो लेकिन इसके बावजूद भी जब भी आपको किसी भी चीज की जरूरत होगी किसी भी मदद की जरूरत होगी या मेरी किसी काम की जरूरत होगी तो आप बिना संकोच किए आप कभी भी मुझे फोन कर सकती हैं या मुझे मिलने के लिए बुला सकते हैं या मैं दौड़ा चला आऊंगा।
यह कहना है 89 साल के धर्मेंद्र का जरा सोचिए अब आप इस बात से इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि धर्मेंद्र और जो मनोज कुमार थे उनकी दोस्ती कितनी गहरी हुई होगी की। दरअसल ऐसा कहा जाता है कि मनोज कुमार और धर्मेंद्र स्ट्रगल के साथी थे। जब धर्मेंद्र और मनोज कुमार फिल्मों में अपना नसीब ट्राई कर रहे थे, किस्मत ट्राई कर रहे थे तो क्या आप जानते हैं कि वो मनोज कुमार ही थे जिनकी वजह से धर्मेंद्र सुपर हीरो बने थे।
दरअसल जब मनोज कुमार और धर्मेंद्र दोनों ही फिल्मों में ट्राई कर रहे थे और उनको फिल्में नहीं मिल रही थी। पंजाब से आए धर्मेंद्र बार-बार रिजेक्ट हो रहे थे। मुंबई में रहना बहुत मुश्किल हो गया था। या और जो धर्मेंद्र और जो मनोज कुमार है वो रूममेट थे। यानी एक ही रूम में मुंबई में एक ही कमरे वो दोनों आपस में शेयर करते थे। तो ऐसे में क्योंकि मनोज कुमार की कॉपी बहुत अच्छी थी। वो एक बहुत अच्छे स्क्रिप्ट राइटर थे तो वो तो किसी भी तरह से अपना खर्चा चला लेते थे मनोज कुमार।
लेकिन धर्मेंद्र पाजी जो थे उनको एक्टिंग के अलावा कुछ और नहीं आता था। और वो बार-बार फिल्मों में रिजेक्ट हो रहे थे। तो थक हारकर मनो जो धर्मेंद्र थे उन्होंने सोच लिया था कि अब वो फिल्मों में काम नहीं करेंगे और वो सब कुछ छोड़छाड़ के चले गए थे। वो ट्रेन में बैठ गए थे। लेकिन जब ये बात उनके रूम में मनोज कुमार को पता चली कि धर्मेंद्र सब कुछ छोड़छाड़ के मुंबई में जो फिल्म हीरो बनने का सपना है उसको छोड़छाड़ के वापस पंजाब लौट रहा है तो वो सीधा अपना सारा कामधाम छोड़कर पहुंच गए उसी रेलवे स्टेशन में जिस ट्रेन में जो धर्मेंद्र है पाजी वहां बैठे हुए थे और उन्होंने उनका हाथ पकड़ा धर्मेंद्र का और बोला तू चल मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन तू बहुत बड़ा हीरो बनेगा और हुआ भी यूं ही सोचिए मनोज कुमार ने बोला और उसके कुछ सालों बाद ही 1960 में एक फिल्म आई थी दिल भी तेरा हम भी दे रहे थे।
इस फिल्म ने धर्मेंद्र पाजी की किस्मत बदल दी और उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। तो यानी अगर मनोज कुमार नहीं होते, मनोज कुमार अगर उस ट्रेन में धर्मेंद्र पाजी का हाथ पकड़ के उन्होंने उन्हें रोका नहीं होता तो आज शायद धर्मेंद्र पाजी भी एक बहुत बड़े सुपर हीरो नहीं बन रहे होते। कहीं ना कहीं मनोज कुमार की ये चीज बहुत अच्छी थी कि वो अपने साथियों के साथ ही थे। ऐसा ही कुछ हाल अमिताभ बच्चन का भी था। अमिताभ बच्चन भी जब सब कुछ थक हार के मुंबई छोड़कर वापस दिल्ली लौट रहे थे। फिल्मों में बार-बार रिजेक्ट होकर जा रहे थे। तब मनोज कुमार ही थे जिन्होंने अमिताभ बच्चन को भी समझाया कि तेरी लंबी कद काठी है।
।तू तो इतना लंबा हाइट वाला है। तू देखना एक दिन बहुत बड़ा स्टार बनेगा। तो मनोज कुमार यारों के यार थे। यही वजह है कि आज उनके जाने के बाद हर कोई चाहे वो सलमान खान हो, शाहरुख खान हो, हर कोई दुखी है। कोई सोशल मीडिया पर अपना दुख जता रहा है। कोई मनोज कुमार के घर में आके अपना दुख जता रहा है। लेकिन ऐसे में सबसे खास चीज है धर्मेंद्र पाजी की।
धर्मेंद्र पाजी ने अपनी को भुलाकर, अपना आंखों का दर्द को भुलाकर वो ना सिर्फ जो उनके मनु जो दोस्त है मनोज कुमार के घर में आए बल्कि साथ ही उन्होंने उनकी पत्नी मनोज कुमार की पत्नी शशि कुमार से ये वादा भी किया कि अब आपको जब भी कोई जरूरत होगी तो मैं हमेशा आपके लिए आपके सामने उपलब्ध हूं अवेलेबल हूं और ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है।