राजेश खन्ना और लता मंगेशकर का है राजेश खन्ना के वह दो आखिरी शब्द जिसे सुनकर लता मंगेशकर एक तरीके से हैरान रह गई थी राजेश खन्ना के आखिरी दिनों का एक हिस्सा है राजेश खन्ना ने 80 के दशक में अपनी फिल्मों और अपने गानों से खूब धूम मचाई थी किशोर कुमार और रोड बर्मन के संगीत में भी उन्हें बड़ा हीरो बना कर पेश किया
दोनों के बीच आपस में बहुत प्यार था लता मंगेशकर ने यह भी बताया की राजेश खन्ना के निधन से पहले आखिरी बार लता दीदी से बात की थी लता मंगेशकर ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था की 15 20 रोज पहले की बात है जाने से पहले उनकी मेरी बात हुई थी मुझे पता चला था की उनकी तबीयत बहुत खराब है तो मैंने उन्हें फोन किया था जो मैंने फोन किया तो उनका उसे वक्त बेहोशी जैसा आलम था काका होश में नहीं द
लता मंगेशकर आगे बताती हैं की मुझे कहा गया की डिंपल जी आपसे बात करेंगे इसके बाद मेरी आधे घंटे बाद उनसे बात हुई डिंपल जी फोन उठाया फिर से तो उन्होंने आराम कर रहे हैं काका से कहा की लता जी फोन पर है और वह आपसे बात करना चाहती हैं यह सुनते ही फटाफट बेहोशी और बीमारी उसे गंभीर हालत में भी राजेश खन्ना ने फोन अपने हाथ में ले लिया.
लता मंगेशकर आगे बताती हैं की जब वह तब होश में द जब मेरी उनसे बात हुई और उन्होंने बहुत धीमी आवाज़ थी उनकी उसे वक्त और उन्होंने कहा की आपने फोन किया बहुत अच्छा लगा भगवान आपको हमेशा खुश रखे तो मैंने पूछा की कैसी तबीयत है आपकी तो वह बोले ठीक हूं बस चल रहा लता मंगेशकर आगे बताती हैं की मैंने कहा की बड़ी चिंता हो रही है मुझे आपकी तो वह बोले आपने कहा तो बस सब ठीक हो जाएगा मुझे ताज्जुब हुआ उसे वक्त जब मैंने उनको नमस्ते कहा तो उन्होंने मुझे कहा जय माता दी है तो मतलब उसे वक्त उन्हें देवी का ही सुमिरन वह कर रहे द तो यह उनके मुंह से निकले हुए शब्द मुझे वह बात उसे वक्त दिल पर लगी ऐसा क्यों कहा उन्होंने फिर मैंने सोचा की हो सकता है की वह आजकल आराधना करते होंगे पूजा पाठ करते होंगे इसलिए क्योंकि हमेशा जब भी मैं राजेश खन्ना से मिलती थी या फोन पर हमारी बात होती थी तो कभी इस तरह से वो बात नहीं करते द लता जी आगे बताती है की जब वह बहुत पॉप्युलर द और सेट पर द तो मेरी और उनकी कभी मुलाकात ही नहीं हुई राजेश जी से मेरी मुलाकात ज्यादा से ज्यादा 5 या 6 बार हुई है एक दो बार रिकॉर्डिंग में एक बार वह कहीं जा रहे द तब और एक बार वो एक फिल्म भी बना रहे द तो उन्होंने मुझसे बात की थी की मुझे यकीन है की आप गाना संभल लेंगे ऐसा गाना है जब वो प्रोड्यूसर नहीं बने द तो मेरी कभी उनसे मुलाकात नहीं हुई थी उनका और हमारा साथ लंबा था लेकिन अलग-अलग धाराओं में था बहुत कम मुलाकात हुई कम अलग-अलग था हम दोनों का हीरो द उन्हें सांस लेने तक की फुर्सत नहीं रहती थी लेकिन आखिरी दिनों में जब वह बहुत बीमार हुए और फोन पर मैंने बात की तो नमस्ते के जवाब में उन्होंने नमस्ते सरस्वती मैन लक्ष्मी मैन दुर्गा पहुंच चुकी थी बहुत अच्छी दोस्ती थी रोड बर्मन राजेश खन्ना और किशोर कुमार के मिलने से जो गाने उभरकर आते द उनसे फिल्में सुपरहिट जो होते द निर्माता प्रोड्यूसर्स उसे फिल्म में पैसा जरूर लगाया करते द जिस फिल्म में .