तो गुजरात क्या बांग्लादेश में? गुजरात पाकिस्तान में? 26 जनवरी की परेड दिल्ली में होती है ना? तो पॉलिटिक्स का तो काम है सवाल उठाना। हमको लगता है आदमी जवान है लेकिन वो जवानी के अंदर कुछ गलतियां फिर जैसा मैंने कहा ये बड़ा अच्छा कदम है। स्कूल कॉलेजेस के अंदर ऐसा जब डिपार्टमेंट हो नहीं तो नॉर्मली हम ज्यादा ओवरलुक करते हैं। ओवरलुक इसके लिए करते बिकॉज़ हमारे पास कोई एक्सपर्ट ओपिनियन नहीं रहता है। लेकिन अली भाई जैसे डॉक्टर हो, बाकी जैसे डॉक्टर हो तो आपका सही डायग्नोसिस किया जाता है। कहां पे चोट कितनी गहरी है, कितनी सुपरफिशियल वो भी पता चलता है।
उस हिसाब से उसका निदान किया जाता है। हमको लगता है आदमी जवान है लेकिन वो जवानी के अंदर कुछ गलतियां फिर जिंदगी भर बरकरार रहती है। तो वो नहीं होना चाहिए। तो ये उस हिसाब से बड़ा बेहतरीन कदम है। ये सर एक अलग सवाल है जो नेशनल फिल्म फेस्टिवल जो अवार्ड हो रहा है वो दिल्ली की जगह गुजरात में हो रहा है उसको लेके लोग सवाल उठ तो गुजरात क्या बांग्लादेश में? गुजरात पाकिस्तान में गुजरात तो हमारे ही देश का हिस्सा है। तो कौन सी बड़ी बात है?
गुजरात में क्यों नहीं होना चाहिए? गुजरात में भी होना चाहिए। नहीं हमेशा से दिल्ली में होता हुआ आया है इस वक्त। अब हां तो हां तो मैं वही कहता हूं ना। दिल्ली में होती है ना। 26 जनवरी की परेड दिल्ली में होती है ना। मैं तो यह कहता हूं कि जो अह जो ये फंक्शन होते हैं हर स्टेट में होने चाहिए। कोई बुरी बात नहीं है। इतने सालों से दिल्ली में हो रहा है। लेकिन अब गुजरात में तो इस पे सवाल उठा रहे हैं। पॉलिटिक्स हो रही है। पॉलिटिक्स का तो काम है सवाल उठाना। उनका क्या कह सकते हैं? मेरे हिसाब से कोई गलत बात नहीं। से जुड़े हुए क्या इस पे क्या क्योंकि अलग-अलग बातें आ रही हैं सबकी। नहीं मैं कहता हूं ना मेरी बात अलग नहीं है। मैं ये कहता हूं कि गुजरात में होना कोई गलत बात नहीं है। मैं वही कहता हूं गुजरात हमारे देश का हिस्सा नहीं है। तो गुजरात क्या बांग्लादेश में? गुजरात पाकिस्तान में 26 जनवरी की परेड दिल्ली में होती है ना पॉलिटिक्स का तो काम है सवाल उठाना हमको लगता है
आदमी जवान है लेकिन वो जवानी के अंदर कुछ गलतियां फिर जैसा मैंने कहा बड़ा अच्छा कदम है स्कूल कॉलेजेस के अंदर ऐसा जब डिपार्टमेंट हो नहीं तो नॉर्मली हम ज्यादा ओवरलुक करते हैं। ओवरलुक इसके लिए करते हैं बिकॉज़ हमारे पास कोई एक्सपर्ट ओपिनियन नहीं रहता है। लेकिन अली भाई जैसे डॉक्टर हो बाकी जैसे डॉक्टर हो तो आपका सही डायग्नोसिस किया जाता है। कहां पे चोट कितनी गहरी है, कितनी सुपरफिशियल वो भी पता चलता है।
उस हिसाब से उसका निदान किया जाता है। हमको लगता है आदमी जवान है लेकिन वो जवानी के अंदर कुछ गलतियां फिर जिंदगी भर बरकरार रहती है। तो वो नहीं होना चाहिए। तो ये उस हिसाब से बड़ा बेहतरीन कदम आई है। सर एक अलग सवाल है जो नेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड हो रहा है वो दिल्ली की जगह गुजरात में हो रहा है। उसको लेके लोग सवाल उठ तो गुजरात क्या बांग्लादेश में? गुजरात पाकिस्तान में गुजरात अब तो हमारे ही देश का हिस्सा है। तो उसमें कौन सी बड़ी बात है? गुजरात में क्यों नहीं होना चाहिए? गुजरात में भी होना चाहिए। नहीं हमेशा से दिल्ली में होता हुआ आया है इस वक्त। अब अभी हां तो हां तो मैं वही कहता हूं ना दिल्ली में होती है ना। 26 जनवरी की परेड दिल्ली में होती है ना। मैं तो यह कहता हूं कि जो जो ये फंक्शन होते हैं हर स्टेट में होने चाहिए। तो कोई बुरी बात नहीं है।