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टूट गयी अभिजीत दीपके की पार्टी CJP? मनीष ब्रह्मभट्ट ने क्या एलान किया?

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अब यह टीम केजरीवाल बन चुकी है क्योंकि अरविंद केजरीवाल शुरू से ही धोखेबाज रहे हैं। आम आदमी पार्टी से जुड़े आठ लोगों को शामिल कर कॉलेज के मित्र इन सबको शामिल करके टीम बना दी। कॉकरोच जनता पार्टी बनी और टूटकर दो हिस्से में होने की कगार पर है। खबर है कि सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी डी का ऐलान कर दिया है। इसका मतलब डेमोक्रेटिक या लोकतांत्रिक से है। उन्होंने सीजेपी पर राजनीति करने के आरोप लगाए हैं। कौन है ब्रह्म भट्ट जो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के बाद अब अलग सीजेपी की शुरुआत कर रहे हैं।

ब्रह्म भट्ट के आरोप हैं कि संगठन अब आप यानी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी लोगों की मनमानी ढंग से चुनी गई टीम बन गई है। साथ ही कहा कि इसमें आंदोलन में शामिल रहे लोगों को प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिल रहा है। ब्रह्मभट्ट गुजरात के पालनपुर के हैं। उन्होंने हेमचंद्राचार्य यूनिवर्सिटी से साल 2006 में एलएलबी की है। इससे पहले इसी विश्वविद्यालय से साल 2005 में बीकॉम की थी।

खास बात यह है कि वह चुनावी राजनीति में भी किस्मत आजमा चुके हैं, लेकिन कुछ खास सफलता नहीं मिली। सीजेपी डेमोक्रेटिक के फाउंडर ब्रह्म भट्ट ने कहा, आज हम कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक लांच कर रहे हैं। हमें ऐसा क्यों करना पड़ा यह आंदोलन देश का आंदोलन था। यह इसलिए सफल हुआ क्योंकि लोगों ने इसमें अपना खून पसीना बहाया था। लेकिन आंदोलन की सफलता के बाद इसे बेच दिया गया और इसका राजनीतीरण कर दिया गया। अब यह टीम केजरीवाल बन गई है क्योंकि अभिजीत दीपके और अन्य लोगों ने अपने घरों में आराम से बैठकर 12 सदस्यों की टीम बना ली है। यह शुरुआत क्यों करनी पड़ी? आंदोलन देश का आंदोलन था। लोगों ने अपना खून पसीना बहाया तो आंदोलन सफल हुआ।

पर आंदोलन सफल होने के बाद इसका सौदा हो गया है। अब यह टीम केजरीवाल बन चुकी है। क्योंकि अभिजीत दीपके और जो 11 चेहरे 12 लोगों की जो टीम उन्होंने अपने घर पे बैठकर बना दी आंदोलन सफल होने के बाद। उन्होंने कहा आंदोलन की सफलता के बाद किसी भी वालंटियर या प्रदर्शनकारी को ना तो बुलाया गया और ना ही उनसे राय ली गई। सोशल मीडिया या Instagram से जुड़े लोगों से भी जरूरी शर्तों के बारे में नहीं पूछा गया। इसके बजाय उन्होंने आम आदमी पार्टी से जुड़े आठ लोगों, एक महिला मित्र और कॉलेज के दोस्तों को शामिल करके टीम बना ली। किसी वालंटियर और प्रोटेस्टर्स को बुलाया तक नहीं, उनकी राय तक नहीं ली गई। ना जितने भी लोग उनसे जुड़े हैं

सोशल मीडिया में Instagram से इनको पूछा गया कि क्या पैराटर्स होने चाहिए और उन्होंने आम आदमी पार्टी से जुड़े आठ लोगों को शामिल कर अपनी महिला मित्र कॉलेज के मित्र इन सबको शामिल करके टीम बना दी। उन्होंने कहा हम चाहते थे कि यह एक राष्ट्रीय टीम हो जिसमें हर राज्य से पांच लोग हो और उन क्षेत्रों से प्रदर्शनकारियों और वालंटियर्स को चुना जाए। हमने इच्छा जताई थी कि चयन प्रक्रिया हाई कमांड या किसी मनमाने अधिकारी के इशारे पर ना हो। लेकिन उन्होंने इस इच्छा को ठुकरा दिया और मनमाने ढंग से टीम बना ली। इस टीम को बनाने का विचार भी अरविंद केजरीवाल का ही था क्योंकि वे शुरू से ही धोखेबाज रहे हैं। जब अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था तो उन्होंने अन्ना का फायदा उठाया। इस अपडेट पर आपका क्या कहना है? कमेंट कर हमें जरूर बताएं।

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