किसी डिस्को में जाए किसी होटल में खाए कोई 21 दिसंबर 1923 को विरार महाराष्ट्र में जन्मे गोविंदा के बारे में कम ही लोग जानते होंगे कि जब वह पैदा हुए तो उनके पिता अरुण अभुजा ने उन्हें गोद तक लेने से इंकार कर दिया था यह बात खुद गोविंदा ने एक इंटरव्यू के दौरान कही थी गोविंदा ने इस इंटरव्यू में बताया था जब मैं गर्भ में था तो मां निर्मला देवी साधवी बन गई थी वह पापा के साथ ही थी लेकिन बिल्कुल साधवी की तरह कुछ महीनों बाद मेरा जन्म हुआ तो पापा ने मुझे गोद लेने से इंकार कर दिया दरअसल उन्हें ऐसा लग रहा था कि मेरे कारण मां उनसे अलग होकर साधवी बनी है कुछ समय बाद जब लोगों ने उन्हें मेरे बारे में कहा कि कितना सुंदर बच्चा है कितना अच्छा लड़का है तब उन्होंने मुझे प्यार करना शुरू किया गोविंदा की माने तो उनकी मां कभी नहीं चाहती थी कि वह एक्टर बने हालांकि पिता का उन्हें बराबर सहयोग मिला गोविंदा के अनुसार मां चाहती थी कि मैं बैंक में जॉब करूं यह मेरे पापा थे जिन्होंने मुझे एक्टिंग फील्म में आने के लिए प्रेरित किया उन्होंने मुझे कहा तुम अच्छा लिख सकते हो अच्छे दिखते हो एक्टिंग कर सकते हो तुम्हें फिल्मों में जाना चाहिए
क्यों जॉब खोज रहे हो तू डायलॉग बोलेगा ठीक है साब आप बोलते तो बोल के बताता हूं चल देखता हूं तुझे हा हा मैं मुजरिम हूं जुम की काली दुनिया के लोग मेरे नाम से भी कापते हैं कुछ समय तक मैं मां को बता ए बगैर राजश्री प्रोडक्शन के चक्कर लगाता रहा यह सोचकर कि शायद कोई काम मिल जाए फिर एक दिन मैंने मां से रिक्वेस्ट की कि वो मुझे फिल्मों में जाने की परमिशन दे दे तब उन्होंने परमिशन देने के साथ-साथ मुझसे कहा नो शराब नो सिगरेट यदि तुम ट्राई करना चाहते हो तो करो लेकिन यह चीजें लाइफ में नहीं आनी चाहिए मस्का मार मार के के मम्मी एक साल का मुझे मौका दीजिए ना मैं शराब पिऊंगा ना सिगरेट पिऊंगा बदमाशी करूंगा मुझे चांस दीजिए मैं जाता हूं ला कुछ करता हूं एक साल का मौका दीजिए लकेरी भगवान ने सुन इसके बाद में रोशन तनेजा जी के एक्टिंग इंस्टिट्यूट चला गया और मैं लकी था कि उन्होंने मुझसे फीस भी नहीं ली सरोज खान जी ने मुझे डांस सिखाया जिसके लिए कुछ चार्ज नहीं किया फाइट मास्टर राम ने फाइट सिखाने के लिए कोई फीस नहीं ली इसका कारण सिर्फ इतना था कि वे सभी मेरे काम से प्रभावित थे
गोविंदा ने 21 साल की उम्र में पहली फिल्म की थी फिल्म का नाम था हत्या मैं प्यार का मुझे प्यार चाहिए ओम प्रोडक्शन की इस फिल्म को उनके बड़े भाई कीर्ति अहुजा ने डायरेक्ट किया था यहां गोविंदा ने इस बात का जिक्र भी किया था कि वह 21 की उम्र में 50 दिन के अंदर उन्होंने 49 फिल्में साइन की थी गोविंदा ने 1986 में फिल्म इल्जाम से बॉलीवुड डेब्यू किया [संगीत] था इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी 90 के दशक में उनकी पॉपुलर चर्म पर थी जब उन्होंने राजा बाबू कुली नंबर वन दूल्हे राजा बड़े मिया छोटे मिया और हसीना मान जाएगी जैसे हिट फिल्में [संगीत] दील कहता है दिन हसीना मान जाएगी 2000 के बाद से गोविंदा का बुरा दौर शुरू हुआ उन्होंने भागम भाग और पार्टनर जैसी फिल्मों से वापसी करने की कोशिश की लमी लमी से ऐसे ऐसे आ बोल या सुन तो सही बताता हूं
ना आके मुझे बोलती है पानी मैंने हाथ पकड़ लिया हां फिर हां आगे बोल बताना बताना भाई भाई भाई मेरा भाई बता गोविंदा की पिछली फिल्म रंगीला राजा थी जो कि बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटी [संगीत] थी कम ही लोग जानते होंगे कि गोविंदा का पाकिस्तान से गहरा नाता है उनके पिता अरुण अहुजा का जन्म गुजरान वाला पाकिस्तान में हुआ था अरुण वहां से मुंबई आए और 1940 में महबूब खान के फिल्म औरत से बॉलीवुड में एंट्री ली वे एक सक्सेसफुल एक्टर साबित हुए कार्टर रोड पर उनका एक खूबसूरत बंगला भी था गोविंदा की माने तो एक बार उनके पिता ने एक फिल्म प्रोड्यूस की जो भारी घाटे में चली गई फाइनली उन्हें बंगला बेचकर विरार में शिफ्ट होना पड़ा उनके पिता अरुण अहुजा ने तकरीबन 40 फिल्मों में काम करने के बाद इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया था वहीं गोविंदा की मां निर्मला देवी जानी मानी क्लासिकल सिंगर और अभिनेत्री थी इसके बावजूद गोविंदा का बचपन गरीबी में बता और उन्हें काफी स्ट्रगल करनी पड़ी दरअसल गोविंदा के जन्म से पहले पिता के डूबते फिल्मी करियर ने पूरी फैमिली को बर्बादी के रास्ते पर पहुंचा दिया था घर की खराब आर्थिक स्थिति के चलते गोविंदा जब बड़े हुए तो
उन्होंने नौकरी पाने के लिए बहुत पापड़ बेले कॉमर्स में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद एक बार वो मुंबई के होटल ताज में स्टीवर्ड की नौकरी का इंटरव्यू देने गए लेकिन उन्हें यह नौकरी नहीं मिली गोविंदा ने बताया था मुझे यह नौकरी नहीं मिली क्योंकि मैं इंग्लिश नहीं बोल पाता था मैंने इंटरव्यू में इंग्लिश में बात नहीं की ताज में भी एक बार स्टर्ट की नौकरी के लिए भी ट्राई किया फिर यह सवाल उठता था कि मेरे इंग्लिश ठीक आती ही नहीं थी तो कैसे अच्छी नौकरी मिलेगी कहां जाऊ कुछ समझ में नहीं आता था क्या करू कहा जाता है कि फिल्मों में साथ काम करते करते गोविंदा को एक्ट्रेस नीलम से प्यार हो गया था एक एंटरटेनमेंट पोर्टल में छपे आर्टिकल के मुताबिक गोविंदा नीलम से शादी करना चाहते थे
नीलम के प्यार में गोविंदा ने एक बार सुनीता से अपनी सगाई तक तोड़ दी थी हालांकि गोविंदा की मां चाहती थी कि वह डायरेक्टर अनंत सिंह की साली यानी सुनीता से शादी करें गोविंदा कभी मां की बात नहीं डालते थे इसीलिए उन्होंने नीलम को छोड़ सुनीता से शादी की गोविंदा ने मां के कहने पर मार्च 1987 में सुनीता से शादी की उन्होंने अपनी शादी की बात सभी से छिपा कर रखी थी ऐसा इसलिए ताकि उनका करियर प्रभावित ना हो गोविंदा की शादी की बात तब सामने आई थी जब बेटी टीना का जन्म हुआ था मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोविंदा ने 1990 में एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अपनी शादी के बाद भी वो नीलम को भूले नहीं थे उन्होंने नीलम के साथ कई फिल्में की वह चाहते थे कि नीलम सिर्फ उनके साथ ही स्क्रीन शेयर करें