मेकअप से छुपाए के निशान। मशहूर टीवी एक्ट्रेस ने पति पर लगाए गंभीर आरोप। बेटी को साथ लेकर छोड़ा ससुराल। कार में बिताई कई रातें। हसीना का बयान हो रहा जबरदस्त वायरल। गुस्से में टूटा सब्र का बांध। यहां हम बात कर रहे हैं टीवी की दुनिया की मोस्ट कॉन्फिडेंट और बेबाक एक्ट्रेस कामयाब पंजाबी की।
उन्होंने अपनी जिंदगी के उस दौर का दर्द बयां किया है जिसे सुनकर किसी का भी दिल भारी हो जाए। एक्ट्रेस ने अपनी पहली शादी के दौरान का सामना करने का खुलासा किया है। बाहर की दुनिया के सामने वह मुस्कुराती जरूर थी लेकिन अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी। से बताते हैं। काम्या ने बताया कि महज अब 25 साल की उम्र में उन्होंने बिजनेसमैन बंटी नेगी से शादी कर ली थी।
दोनों शादी से पहले करीब 3 साल तक रिलेशनशिप में थे। हालांकि उनके मुताबिक रिश्ते में शादी से पहले ही काफी परेशानियां थी। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे और काम्या के माता-पिता भी इस रिश्ते के खिलाफ थे।
लेकिन पहला प्यार और उस रिश्ते को लेकर उनका भरोसा इतना ज्यादा था कि उन्होंने किसी की बात नहीं मानी। शादी के बाद भी काम्या ने रिश्ते को बचाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि लोग भले ही आज कहते हैं कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 13 साल बर्बाद कर दिए लेकिन वह इसे इस तरह नहीं देखती हैं।
उनका मानना है कि उन्होंने इस रिश्ते को बचाने के लिए अपना सब कुछ दिया ताकि जिंदगी में कभी यह पछतावा ना रहे कि उन्होंने कोशिश नहीं की। काम्या ने का जिक्र करते हुए बताया कि एक समय ऐसा आया जब घर से बाहर निकलने से पहले उन्हें अपने चेहरे पर ज्यादा मेकअप करना पड़ता था ताकि के निशान किसी को दिखाई ना दें। एक अवार्ड फंक्शन का किस्सा याद करते हुए उन्होंने बताया था कि उस वक्त वह चेहरे पर लगे निशान छिपाकर अवार्ड लेने पहुंची थी।
हाथ में अवार्ड था लेकिन मन में एक ही सवाल चल रहा था कि आखिर मैं किस तरह की जिंदगी जी रही हूं। एक्ट्रेस के मुताबिक उनके पति चाहते थे कि वह एक्टिंग छोड़ दें लेकिन उन्होंने अपना काम छोड़ने से इंकार कर दिया। उनके लिए एक्टिंग सिर्फ करियर नहीं बल्कि अपने माता-पिता और परिवार की मदद करने का जरिया भी था।
इसके साथ ही उन पर हर छोटी बड़ी बात को लेकर शक किया जाता था। फोन क्यों नहीं उठाया? किसके साथ हो? क्या पहन रखा है? हर सवाल का जवाब देना पड़ता था।
लेकिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उनकी बेटी ने उन्हें और उनके पति को लड़ते हुए देख लिया। बेटी को रोता देखकर कामिया को एहसास हुआ कि अब इस रिश्ते का असर सिर्फ उन दोनों पर नहीं पड़ रहा। बल्कि उनकी बच्ची भी इस दर्द का हिस्सा बन रही है। बस फिर क्या था?
उन्होंने फैसला कर लिया कि अब बहुत हो चुका। काम्या अपनी बेटी को साथ लेकर घर से निकल गई। कुछ समय दोस्तों के घर रही और कुछ रातें कार में गुजारी। तलाक के वक्त भी काम्या ने गुजारा भत्ता या किसी तरह की आर्थिक मदद की मांग नहीं की। उन्होंने अपनी बेटी की जिम्मेदारी खुद उठाने का फैसला किया।