बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान ऐसा मामला सामने आया जिसने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ तस्करी के तरीकों पर भी सवाल खड़े कर दिए। दुबई से बेंगलुरु पहुंचे एक यात्री के मुंह में अंदर छिपाकर रखे गए दो कैप्सूल बरामद किए गए। इन कैप्सूल के अंदर करीब 82 ग्राम पीली धातु मिली है। यात्री की पहचान मोहम्मद सिराज के तौर पर हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह पीली धातु क्या थी और इसे मुंह के अंदर छिपाकर ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी?
दरअसल मामला बेंगलुरु के कैंपागोडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है। जानकारी के मुताबिक मोहम्मद सिराज दुबई से इंडिगो की फ्लाइट के जरिए बेंगलुरु पहुंचा था। यहां से उसे इंडिगो की ही दूसरी उड़ान से गाजियाबाद जाना था। यानी सिराज का सफर अभी पूरा नहीं हुआ था। लेकिन सिक्योरिटी होल्ड एरिया में हुई एक नियमित जांच के दौरान उसकी यात्रा अचानक जांच के दायरे में आ गई। सीआईएसएफ के मुताबिक स्क्रीनिंग के दौरान एक अधिकारी को यात्री का व्यवहार कुछ संदिग्ध लगा। अधिकारी ने जब उससे पूछताछ की तो वह सवालों के उचित तरीके से यानी ठीक तरीके से जवाब नहीं दे पाया। उसकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ और इसके बाद उसकी आगे की जांच की गई। यहीं से इस पूरे मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू सामने आया। जांच के दौरान सिराज के मुंह के अंदर छिपाकर रखे गए दो कैप्सूल बरामद कर लिए गए।
इन कैप्सूल को देखकर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें कब्जे में ले लिया और जब उनकी जांच की गई तो उनके अंदर सोना मिला। दोनों कैप्सूल में मिली धातु का कुल वजन करीब 82 ग्राम बताया जा रहा है। सोशी एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच से बचने के लिए किसी यात्री ने कथित तौर पर पीली धातु को अपने मुंह के अंदर छिपा लिया। आमतौर पर एयरपोर्ट पर यात्रियों के समान शरीर और संदिग्ध गतिविधियों की कई लेवल्स पर जांच होती है।
लेकिन इस मामले में सुरक्षाकर्मी को यात्री के बिहेवियर पर शक हुआ और उसी शक ने इस पूरी बरामदगी तक पहुंचाया। सीआईएसएफ ने बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लेने के बाद यात्री को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए कैंपागोड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि बरामद की गई पीली धातु की वास्तविक प्रकृति क्या है? क्या यह सोना है? अगर सोना है तो इसकी शुद्धता और कीमत कितनी है? अगर यह सोना है तो इसे दुबई से भारत लाने और फिर मुंह में छिपाने के पीछे क्या मकसद था?
इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आ ही जाएंगे। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि मोहम्मद सिराज ने यह कैप्सूल खुद तैयार किए थे या किसी और ने उसे यह दिए थे। क्या वह अकेले इस पूरे मामले को अंजाम दे रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था? एयरपोर्ट पर उसकी गतिविधियों, यात्रा के रिकॉर्ड्स और कांटेक्ट्स की भी जांच की जा सकती है। हालांकि इस मामले में अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी क्योंकि बरामद की धातु की आधिकारिक पहचान और उसकी कीमत की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
फिलहाल इतना साफ है कि एक यात्री दुबई से बेंगलुरु पहुंचा। सुरक्षा जांच के दौरान उसके व्यवहार पर सीआईएसएफ को शक हुआ और आगे की जांच में उसके मुंह के अंदर छुपाए गए दो कैप्सूल्स बरामद हो गए। इन कैप्सूल में करीब 82 ग्राम पीली धातु मिली। सीआईएसएफ ने कार्यवाही करते हुए यात्री को पुलिस के हवाले कर दिया है। अब जांच एजेंसियों के सामने दो ही सवाल है। पहला यह कि अब 82 ग्राम पीली धातु आखिर क्या है? और दूसरा सवाल यह कि अगर यह सोना निकला तो इसे इतनी असामान्य तरीके से छिपाकर भारत लाने की वजह क्या है?