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ये है GEN Z का पसंदीदा नेता, अभिजीत दीपके ने किया खुलासा, नाम चौंका देगा।

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सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके की छवि बीते महीनों एक पॉपुलर युवा नेता के रूप में उभरी है। चंद महीनों में वह देश भर में फेमस हो गए। उनके विचारों को तवज्जो दी जाने लगी। लेकिन जब खुद दीपके से सबसे पॉपुलर युवा नेता के बारे में सवाल किया गया तो उनकी जुबान पर थलापति विजय का जिक्र आया।

दरअसल चर्चा के दौरान अभिजीत दीपके ने थलापति विजय की राजनीति और युवाओंके बीच उनकी लोकप्रियता को लेकर अहम बयान दिया है। अभिजीत का तर्क था कि विजय को सिर्फ एक फिल्म स्टार के तौर पर देखना उनकी राजनीतिक ताकत को कम आंकने जैसा होगा। उनके मुताबिक विजय की पूरी राजनीतिक स्ट्रेटजी में युवा पीढ़ी की सोच और उनकी एस्पिरेशंस दिखाई देती हैं। अभिजीत दीपके ने इस दौरान सीएम विजय के डिजिटल कैंपेन और ग्रास रूट कनेक्ट का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा मुझे लगता है जो थलापति विजय ने किया ही कुल बी द वन वह एक हो सकती है क्योंकि उनका पूरा कैंपेन उसी पर था। दीपके के यह कहते ही सौरभ दास ने भी कहा कि साउथ में उनकी काफी फॉलोइंग है। हालांकि पसंदीदा युवा नेता के जिक्र पर दीपके ने एक ऐसा जवाब दिया जो काफी लोगों के लिए चौंकाने वाला था। दीपके का कहना था कि उन्हें लगता ही नहीं है कि राजनीति में यंग नेता बचे हैं। दीपके ने कहा ईमानदारी से कहूं तो मुझे ऐसा नहीं लगता क्योंकि आप उम्र देखिए ना बड़े हो गए सारे।

जिस उम्र में आप बाकी जॉब्स में रिटायर हो जाते हैं, उस उम्र में अब क्या? फिर उनसे सवाल किया गया कि देश में उनके फेवरेट चीफ मिनिस्टर कौन है? देश में अब तक के चीफ मिनिस्टर्स में आपके पसंदीदा कौन है? इस पर दीपके ने जो जवाब दिया, वो काफी चर्चाओं में बना हुआ है। अपने जवाब में दीपके ने कई नेताओं का नाम लिया और उसमें पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल एक थे। दीपके ने कहा, ऐसे तो कई सारे हैं फिर एम के स्टोलिन उन्होंने इकोनमी काफी अच्छी की थी। एक वह हो गए। पिन्राय विजयन ने केरल में एजुकेशन मॉडल हेल्थ केयर मॉडल काफी अच्छा किया था। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल जी ने भी काफी अच्छा काम किया था।

स्कूल और हेल्थ केयर का तो कई सारे। मैं ईमानदारी से कहूंगा कि अच्छा किया है तो किया है। खैर इस इंटरव्यू के दौरान दीपकी के जिस बयान की चर्चा सबसे ज्यादा है वो सीएम अरविंद केजरीवाल की नहीं है बल्कि सीएम थलापति विजय की है। इसका एक और कारण माना जा रहा है और वह यह कि कुछ ही दिनों पहले सीएम विजय की पार्टी टीवी की ओर से छात्रों और युवाओं को सीजेपी के आंदोलन में शामिल ना होने के निर्देश जारी किए थे। दरअसल 17 अगस्त को तमिलनाडु के कॉलेजेट एजुकेशन निदेशालय की तरफ से सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल्स को एक बेहद जरूरी निर्देश जारी किया था। इसमें स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, पुलिस और जिला प्रशासन को आपस में तालमेल बनाकर छात्रों और युवाओं को लेफ्ट पार्टियों, कॉकरो जनता पार्टी के प्रदर्शन और आंदोलनों में शामिल होने से रोकने के लिए कारवाई करने को कहा गया था। कॉलेज से यह भी कहा गया था कि छात्रों को इन प्रदर्शनों में जानेसे रोकने के लिए कारवाई की जाए और उसकी जानकारी अधिकारियों को भेजी जाए।

यानी सरकार ने सिर्फ अपील नहीं की बल्कि अलग-अलग विभागों को मिलकर कारवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि यह निर्देश बहुत लंबे समय तक टिक नहीं पाया। तमिलनाडु में छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने के आदेश पर विजय सरकार को यूटर्न लेना पड़ा। टीवी के इस आदेश को देश भर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस पर अभिजीत दीपके ने भी मुखर होकर अपना मत रखा था और इस पूरे बवाल के बाद टीवी ने अपने इस निर्देश को वापस ले लिया था।

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