आपका सिक्का चलता है फिल्म इंडस्ट्री में। मंडी में मैं आपका भाषण सुन रहा था। आपने कहा कि इतना प्यार, इतना सम्मान जितना अमिताभ बच्चन को मिलता है उतना सम्मान मुझे मिलता है फिल्म इंडस्ट्री में। सर, मैंने कहा था कि इंडिया से मुझे उतना सम्मान मिलता है। इंडस्ट्री वाले और मुझे सम्मान देंगे। आप मतलब थोड़ा सोचो तो सही आप।
आप अपनी आंखें बंद करके सोचिए। आंखें बंद करके सोचिए कि आज अगर भारतवर्ष किसी का दिल से इज्जत करता है कि ठीक है पैसे लोगों के पास जितने हो हिट फिल्में जो जो भी है.
लेकिन दिल से अगर कोई भारतवर्ष की चीज किसी की इज्जत करता है ना तो कौन ऐसे एक्टर है एक तो मिस्टर बच्चन किसी और की इज्जत रहने ही नहीं देती है बढ़ाने की अब देखिए आपने ये मुझे बहुत गलत बहुत गलत इल्जाम ये मुझ पे लग रहे हैं मैं नहीं आई विल नॉट मैं आपको सुनाता हूं आप मुंबई फिल्म वालों के बारे में क्या कहते हैं आपने कहा बॉलीवुड के लोग सिर्फ गाड़ियों पैसों और पर्ससेस की बात करते हैं।
उनकी बातों का ना सिर होता है ना पैर। बॉलीवुड के लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। वो पागल हैं, बेवकूफ हैं, स्टूपिड है, डंप हैं और वो सिर्फ प्रोटीन खाते हैं और इस तरह से उनका दिमाग भी खराब हो जाता है। सर नहीं आप आप उनको डिफेंड कर रहे हैं। आप उनके आपने ये कहा कि नहीं कहा? मैंने बिल्कुल कहा और मैं इस पे बिल्कुल अडिग हूं पूरे तरीके से।
बॉलीवुड वाले आपको क्या लगता है कि कोई शेक्सपियर की बात करते हैं या कोई बड़े आर्ट या कल्चर की बात करते हैं या वो प्रिजर्वेशन ऑफ फोक म्यूजिक या प्रिजर्वेशन ऑफ आर्ट या टेक्नशियंस राइट्स टू लाइफ या किसी और तरीके की बात करते हैं। मुझे बताइए किस तरह की बातें वो करते हैं।
अगर आप उन्हें मिले तो वो गॉसिप किसका अफेयर किसके साथ और या तो वो गॉसिप करते हैं या तो मैंने यह वॉच खरीदी, मैंने यह कार खरीदी या मैंने यह ट्रीटमेंट कराया फेस पे जो भी है वो सब इस तरह की बातें होती है। अब उसे भी मुझे कसूरवार माना जाता है कि मैंने ऐसा क्यों कहा?
मैंने वहां 20 साल गुजारे हैं और वहां पे अगर पार्टीज में जाकर और इस तरह की जो मैंने हां मुझे पता है कि आप वहां पे जब जाते होंगे तो आपके साथ वो जाहिर सी बात है अलग बातें करेंगे। वो आपके साथ प्रोटीन शेक की थोड़ी बातें करेंगे। आपके साथ स्किन ट्रीटमेंट की बातें थोड़ी करेंगे। तो पता है क्या है? लेकिन वो करते तो करें आप करण जौहर को कहती हैं यह चाचा चौधरी हैं। सर क्या होता है ना कि जब आप ऐसा नहीं है कि मैं जब 2006 में मेरी पहली फिल्म आई थी। ठीक है।
2014 तक तो मुझे किसी ने पूछा नहीं। तब मैं महा बेचारी वो बेचारी बड़ी टैलेंटेड है। इसका कुछ होता नहीं है। मैं मैं सबसे बड़ी बेचारी थी। आप देख लीजिए। कभी आपने मेरा नाम सुना कि यह भई कंगना खुराफाती है, यह है, वह है?
नहीं सुना आपने। 2014 में जैसे ही मेरी फिल्म क्वीन आई, तो मैं अनप्रोफेशनल, मैं यह, मैं वो धीरे-धीरे ऐसा लगा जैसे सब मुझे कॉर्नर करने लगे। फिर जब तनु एट्स मन्नू आई और जिसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। उसके बाद केसेस। साइको खून पीती है, स्टॉकर है। इसको जेल में डालो। इसको ये अचानक से 10 साल बाद एक इंसान इतनी कैसे हो गया? वो साइको चुड़ैल विच बन गया वो। तो आप खुद सोचिए तो इसका मतलब जब ये लोग मुझे चैन से नहीं रहने देंगे जब इन्हो ये लोग मुझे चैन से रहने देते थे मैं भी इन्हें चैन से रहने देती थी।
अब अगर ये मुझे चैन से नहीं रहने देंगे तो मैं भी इनकी नाक में दम करके रखूंगी। तो आप रणबीर कपूर को सीरियल स्कर्ट चेजर कह देगी। आप तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे वो स्वामी विवेकानंद हो।
आप नहीं आप आप ऐसे इनकी वकालत कर रहे हैं जैसे आ हा हा महान से महान हस्तियां हो ये और खुद भी हंस रहे हैं खुद भी हंस रहे हैं उन्होंने आपको फिल्म ऑफर की थी रोल अरे मेरे घर आ गया था तो तो कहने का मतलब ये है कहने का मतलब ये है कि ठीक है इंडस्ट्री में आप किसी को सिंगल आउट नहीं कर सकते वो लोग कितने कितने पानी में है सबको पता है और अभी से ही नहीं 90ज की 80ज की आप चाहे बातें सुने सबको पता है वो लोग कितने पानी में है ड्रग केसेस उन पे हैं। ठीक है।
टाटा से लेके आप दलाली से लेके अभी भी हवाला से लेके फ्लैश से ट्रेड से लेके मीठू से लेके कोई केस इन पे नहीं है जो नहीं है। लेकिन बुरा कौन है? मैं। बुरी हूं मैं। सबके बारे में कुछ कहा। आयुष्मान खुराना चापलूस। [हंसी] नहीं अगर वो मुझपे उंगली उठाएंगे। आयुष्मान खुराना का इंटरव्यू पढ़िए जब वो सक्सेसफुल नहीं थे। उनका इंटरव्यू आया था कि मेरी रोल मॉडल कंगना है। ठीक है? अब उनको कुछ काम मिलने लगा। यह ऑन रिकॉर्ड उन्होंने कहा था। तो वो मुझ पे अटैक कर रहे हैं। तो क्या हुआ? क्यों इतनी भावनाएं उनकी बदल गई? किसी की चापलूसी करके काम चाहिए होगा। तो सीधा इंसान सीधी बात कर दे तो बस वो सबसे खराब बन जाता है।
इस महान इंडस्ट्री में पुण्य पवित्र इंडस्ट्री में किसी को किसी से प्रॉब्लम नहीं है। सिर्फ मैं ही एक प्रॉब्लम हूं। बस आपके भी डायलॉग चुन चुन के मारे जाते हैं। आपने कहा जो स्टार किड्स हैं ये उबले हुए अंडे हैं। सर देखिए क्या होता है ना के एक जो लोग होते हैं ठीक है। हम हम लोग स्क्रीन पे भी ना इस तरह के लोग देखना चाहेंगे जो धूप में गए हो। जिनमें किसी तरह का कोई कैरेक्टर हो जैसे हमारे जो छोटे शहरों के बच्चे होते हैं, लड़के होते हैं, लड़कियां होती हैं। यह लोग अपनी स्किन के ट्रीटमेंट करा करा के करा के करा करा के हद से ज्यादा इतना ज्यादा उसको वाइटनिंग करके इतना ज्यादा इंजेक्शंस लेके इतना ज्यादा उसकी पीलिंग करके हद से ज्यादा ये लोग उसको ग्लास स्किन बना के अभी जैसे फॉर एग्जांपल जब मैं दत्तों का रोल कर रही थी तो मैंने अपना सारी स्किन ट्रीट और फिर मिसेज गांधी के रोल के लिए तो मैंने एजिंग वाली चीजें जो मुझे चाहिए जो मुझे उससे उस तरह की करी ये सभी रोल के लिए जिम जाते हैं।
ये सभी रोल के लिए जो है अपने फेस में वो बोटक्स भरवाते हैं। कोई भी इनका रोल हो इनका मेकअप वही रहता है। बाल पीछे उड़ते रहते हैं। तो इनकी शक मैं ऑनेस्टली सर मैं किसी को क्रिटिसाइज नहीं कर रही हूं। थोड़ा इनको नेचुरल होना पड़ेगा। धूप में निकलो थोड़ा सा देखो बाहर दुनिया कैसी है वो एसी गाड़ी से घर घर से गाड़ी और फिर ये लोग निकलते हैं। फिर बात कैसे करते हैं? हाय आई वांट दिस। औरऔर सबसे बड़ी बात जो लोग 40-40 साल के हो चुके हैं जो लड़कियां 35 35 32 थी वो स्टार किड्स किड्स और वो बातें भी किड्स की तरह सोचो एक 40 साल का आदमी किड की तरह बात कर रहा है। कैसा लगेगा आपको? और वो लड़कियां 30-30 साल की वो भी किड बनी है।
वो पिंक ग्लासेस उन्होंने हाथ में उठाए होते हैं। और जिनमें वो ना बच्चों की तरह सर आप ये नहीं देखते। आप ये आप ये देखते हैं कि मैं उनको क्या ये नहीं कहते कि मुझे कितना ट्रॉमा होता है उनके साथ में मिलके। मैं सोचती रहती हूं ये क्या था? ये क्या देखा मैंने? माय गॉड।