व्हाट हैज़ द मेका पैक डन इन रिस्पांस टू दैट? भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने अपने सारे अधिकार बंगाल सरकार के आठ कलेक्टरों को दे दिए हैं। भारत के गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर दोनों ने एक ही दिन में ऐसे बयान दिए हैं जो कई देशों को उनकी असली हैसियत दिखाने के लिए काफी हैं। जो देश भारत के खिलाफ बनाने और उसे बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं, उन्हें पहले डॉक्टर एस जयशंकर का बयान सुनना चाहिए।
बयान के बाद डॉक्टर एस जयशंकर का इशारा देखना चाहिए। इसके बाद इन लोगों को अमित शाह का बयान भी सुनना चाहिए। अमित शाह ने बताया कि अगले 6 महीने में क्या होने वाला है उस पर ध्यान देना चाहिए। हम आपको दोनों के बयान सुनवाएंगे। लेकिन उससे पहले यह समझ लीजिए कि ऐसे बयान दिए क्यों गए हैं। दरअसल पाकिस्तान और तुर्की ने सऊदी अरब के साथ मिलकर साइन किया जिसके तहत एक देश पर तीनों देशों पर माना जाएगा।
इस lको बढ़ाने की तैयारी हो रही है ताकि ये हिंदू बहुल भारत और यहूदी देश इजराइल के खिलाफ में बदल जाए। इसी ग्रुप में शामिल होने के लिए बांग्लादेश ने भी अपनी अर्ज़ लगा दी है। इसी कड़ी में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान और तुर्की को निपटाया। तो वहीं अमित शाह ने में शामिल होने के लिए तड़प रहे बांग्लादेश को ठिकाने लगाया है। सबसे पहले हम आपको विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान सुनवाते हैं।
डॉक्टर एस जयशंकर से सवाल पूछा गया कि पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने साइन कर लिया है। इसका भारत पर क्या असर पड़ने वाला है? इस सवाल का जवाब देते हुए डॉक्टर एस जयशंकर ने कहा कि तीनों देशों के सामने मौजूदा समय में सैन्य परिस्थितियां बनी हुई है।
यानी एस जयशंकर के कहने का मतलब है कि तीनों देश मौजूदा समय में किसी दूसरे देश से रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि समझौते ने इन हालात से निपटने के लिए इन तीनों देशों के लिए अभी तक किया क्या है? यहां पर डॉक्टर एस जयशंकर के बयान को समझे तो पाकिस्तान को रहे हैं। अफगानिस्तान रहा है। भारत पानी नहीं दे रहा। इसके अलावा तुर्की के पर इजराइल रहा है। तो वहीं सऊदी अरब को यमन के हुदी रोज ठोक रहे हैं। ऐसे में मक्का एग्रीमेंट की क्या हैसियत रह गई है।
आइए आपको पहले मक्का पर डॉक्टर एस जयशंकर का पहला बयान सुनवाते हैं। उसके बाद आपको अमित शाह का बयान सुनवाएंगे जो बांग्लादेश को सोने नहीं दे रहा। यू रेफर टू इट एस अ डिफेंस पैक्ट। देयर आर लाइव मिलिट्री सिचुएशन वि ईच ऑफ द फसेस। व्हाट हैस द मेका पैक डन इन रिस्पांस टू दैट?
बहरहाल अब आते हैं बांग्लादेश पर। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि गृह मंत्रालय ने अपने सारे अधिकार बंगाल सरकार के आठ कलेक्टरों को दे दिए हैं। अगले 6 महीनों के भीतर बांग्लादेश से आए हिंदू, जैन और सिख शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी। लेकिन आने वाले दिनों में बांग्लादेशी का क्या होगा वह अमित शाह ने अपने बयान में बता दिया है।
आइए अब आपको गृह मंत्री अमित शाह का बयान सुनवाते हैं। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने अपने सारे अधिकार बंगाल सरकार के आठ कलेक्टरों को दे दिए हैं.
सीएए को फाइनल करने के लिए। जितने भी शरणार्थी हैं वह सारे यहां पर सुनिश्चित रूप से सम्मान के साथ भारत की नागरिकता प्राप्त करेंगे। मगर मेरे भाषण को सुनकर खुश ना हो जाए क्योंकि हमारी बंगाल सरकार का अटल फैसला है डिटेक्ट डिलीट और डिपोर्ट एक-एक को चुन चुनकर पश्चिम बंगाल से निकालने का मैं फिर से एक बार बंगाल की जनता को वादा करना चाहता हूं।