और उसके अंदर आठ फिल्म फेयर और उनके ऊपर इतनी ही धूल थी कि मैंने उसको हाथ से छुआ तो मेरे हाथ में मुझे झाड़ना पड़ा। यह वही हॉल है जहां पे एक जमाने में प्रोड्यूसर्स की लाइन होगी। बैठे होंगे वेट कर रहे होंगे कि अरे मनोज जी आएंगे। तो लोगों ने उनका बस मौका लुढ़ा दिया कि वो ऐसे करके ही बस बोले मेरा सब गिरवी पड़ा हुआ है। और मुझे पता नहीं कि ये घर मेरे पास कब तक रहेगा। तुम्हें तो लगता है ना कि यार इतना बड़ा स्टार रह चुका है। दस्तरखान सजा होगा। टेबल पे अलग-अलग व्यंजन होंगे, डिशेस होंगी। बट ऐसा है नहीं। मेरी जो वाइफ है ना शशि वो मुझे उबली लौकी जीरे के साथ उसमें छौंक लगा के देती है। आई हैड अ फीलिंग कि दिस मैन इज सो वेरी लोनली इन सच सो वेरी लोनली। वेलकम टू आवर न्यू पडकास्ट डाउन द मेमोरी लेमन। आज हमारे साथ हैं सीनियर जर्नलिस्ट फिल्म मेकर और हिस्टोरियन अजय शुक्ला। हाय अजय। वेलकम टू आवर पडकास्ट। थैंक यू फनी। हाय हाउ आर यू? आई एम गुड। थैंक यू सो मच। आप इतने सालों का आपका करियर है और आप एक बहुत ही एक पॉपुलर शो भी होस्ट करते थे 90ज और अर्ली 200 में वो बहुत एक पॉपुलर था शिखर दत्त। इस दौरान आपने कितने मेरे ख्याल से सैकड़ों लोगों से मिले होंगे और हर करियर के हर जो भी प्रोफेशन हो उसके जितने भी लीडिंग लोग थे उनसे आपकी मुलाकात हुई होगी। इस दौरान आपकी मुलाकात मनोज कुमार जी से भी हुई थी। मनोज कुमार जी से जिनका देहांत हो गया। आज हम शुरुआत उन्हीं के से करेंगे। कैसी थी पहली मुलाकात? आपने जैसे अपने इस शो का नाम है डाउन द मेमोरी लेन। तो एक्चुअली आई वेंट डाउन द मेमोरी लेन। तो ये बात है व्हेन आई स्टार्टेड माय करियर एंड दिस वास अर्ली 90ज। दिल्ली गवर्नमेंट एक प्रोग्राम लेकर के आई थी पल्स पोलियो करके। तो डॉक्टर हर्षवर्धन हेल्थ मिनिस्टर थे और उनके साथ मैं उसके ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री बना रहा था। पल्स पोलियो कैसे शुरू हुआ और क्या-क्या हो रहा है। काफी सारे मैं सेलिब्रिटीज को फोन कर रहा था, टाई अप कर रहा था। मनोज कुमार जी के मैंने फोन किया। उन्होंने किसी ने उनके यहां से फोन उठाया। वो फोन पे आए और बोले कि हां ये तो बहुत अच्छा काम है। और डॉक्टर साहब ने उनको फोन भी कर दिया था मनोज कुमार को।
डॉक्टर साहब भी उनके बहुत बड़े फैन डॉक्टर अश्वधन तो बोले कि ठीक है आप कल आ जाओ और मैं अपनी टीम के साथ क्रू के साथ मनोज कुमार जी के यहां पहुंचा। अब मेरे दिमाग में एक जो उनकी इमेज थी ना जैसे हम सब देखते हैं कि हमने उनकी फिल्में देखी हैं। लार्जर देन लाइफ उनकी एक इमेज है कि कितना मतलब आलीशान फिल्में बनाने वाले आदमी। बंगला भी बाहर से एकदम शानदार आलीशान बंगला एकदम। बंगले में मैं जैसे ही अंदर एंटर किया ड्राइव बना हुआ था। मुझे अभी तक याद है उसमें जो मनोज कुमार जी की पुरानी फिल्में हुआ करती थी जिसमें एक उस जमाने में एक कार हुआ करती थी कैडलेक और इमाला जो होती थी वो इम्पाला खड़ी थी काले रंग की उस पे लिखा होता था इमाला तो मुझे बड़ा नस्टाल्जिक अरे तुम देखते रहते मनोज कुमार की फिल्मों में खुली इमाला और ये वो और उस इमाला से पहले एक छोटी सी गाड़ी खड़ी थी Maruti एक रेड कलर की मुझे कलर भी याद है रेड कलर का मेरा कैमरामैन बोला कि यार बोला सर ये जो है ना लगता है कि इनके घर में कोई असिस्टेंट डायरेक्टर हो या कोई प्रोडक्शन वाला हो इसकी देखो गाड़ी इसने अंदर तक खड़ी कर ली जो छोटी सी Maruti हम थोड़ा सा आगे बढ़े तो एक और गाड़ी खड़ी थी जो कि कवर्ड थी और तब तक एक लड़का उतर के आया तो जैसे वो जो पोर्च था इसके आगे थोड़ा सा बढ़के एक लेफ्ट में एक गेट था बहुत अच्छा दरवाजा था उसका शीशम काफी उसमें कार्विंग वार्विंग अच्छी करी थी और लड़का निकल के आया 17 18 साल का और बोला आप अजय शुक्ला मैंने कहा तो बोलता कि आइए सर ने आपको ऊपर बुलाया तो जैसे मैं अंदर एंटर किया तो वो मार्बल का बना हुआ जैसे फिल्मों में देखते थे ना बड़े से जीने होते थे ना वो स्टेयर्स थी वो जीने थे और उस पे जैसे आप मुड़ के ऊपर चढ़ते हैं तो बीच में एक स्टैचू रखा हुआ है तो उससे हम ऊपर मैंने कहा यार बहुत मतलब ऐसा लग रहा था मुझे कि लार्जर देन लाइफ अरे कहां मतलब एकदम ऐसी जगह पहुंच गया हूं है ना बहुत मतलब मतलब वो लगती है ना कि ड्रीम वर्ल्ड खैर साहब मैं ऊपर चढ़ा और फर्स्ट फ्लोर पे लेफ्ट में पहुंचते ही एक और गेट था तो उन्होंने बोला कि आप इसके अंदर आ जाइए तो एक बहुत बड़ा हॉल था बहुत बड़ा हॉल और उस पूरे हॉल में ऐसे साइड में यहां पे सोफे लगे हुए हैं और साइड में यहां सोफे लगे हुए हैं और उस तरफ विंडोज़ थी तो हम अंदर पहुंच गए। अब जब मैं अंदर पहुंचा तो मेरा एकदम से सारा भ्रम टूट गया। वो जो सोफे पड़े हुए थे उनके ऊपर धूल जमा दी और एक सोफे पे कुछ लेदर जैकेट्स पड़ी हुई थी। उसके पीछे खुली जगह सी थी। कुछ कब टाइप की और उसके अंदर आठ फिल्म फेयर रखे हुए थे।
आठ मैंने गिने हैं। आठ फिल्म फेयर रखे हुए थे। और उनके ऊपर इतनी ही धूल थी कि मैंने उसको हाथ से छुआ तो मेरे हाथ में मुझे झाड़ना पड़ा। तो आई वास शॉक टू सी दिस कि यार यह क्या चक्कर है और मैं जो आगे ऐसे विंडो बनी थी मैं वहां गया तो मैंने नीचे झांका तो नीचे उनका एक लॉन था और उसके अंदर लॉन के बीच में एक मार्बल का फाउंटेन फाउंटेन उसमें पत्तियां पड़ी हुई थी पूरा लॉन उजाड़ था तब तक वो लड़का आ गया मैंने कहा यार ये जैकेट्स कैसे हुई लड़का वो कोल्ड ड्रिंक्स लेके आया था तो मैंने बोला ये जैकेट्स बोला वो जो बड़े वाले भैया हैं यानी कि जो उनका बड़ा बेटा है जो हीरो भी बनके आया था किसी पिक्चर में वो एक बड़ी उसकी अच्छी फिल्म थी श्रीदेवी के साथ जिसमें एक गाना था नीले नीले अंबर में कुछ ऐसा था नीले नीले अंबर में चांद जब छाए तो तो हम लोग कोल्ड ड्रिंक पीने लगे फिर वो लड़का बोला कि खड़ा था वहीं पे बोला आपको सर बुला रहे हैं तो फिर मैं उसके साथ बाहर निकला फिर वो सेकंड फ्लोर की सीढ़ियां चढ़ के हम जब ऊपर पहुंचे बेडरूम था उस बेडरूम में एक बेड पड़ा हुआ था बड़ा सा और मनोज कुमार जी इसके ऊपर इतने भारी से मनोज कुमार जी उस पे बैठे हुए बोले आओ आओ आओ अजय और उन्होंने इस तरीके का एक चश्मा लगाया हुआ था थोड़ा बड़ा इसी तरीके के फ्लेम पे थोड़ा बड़ा चश्मा लगाया हुआ था और पीछे जो टेबल्स थी जो अलमीरास थी उनमें होम्योपैथी की जाने कितनी दवाइयां रखी हुई छोटी-छोटी गोलियां जो होती हैं उसमें वो रखी हुई बोले मुझे बहुत शौक है ये होम्योपैथी का और आपको हां तो सब मुझे बाद में पता चला कि वो होम्योपैथी की उन्हें बहुत अच्छी जानकारी थी और मनोज कुमार जी ने मुझे बताया कि आडवाणी जी उनसे सलाह लेते थे मेडिसिन के लिए मेडिसिन होम्योपैथी की दवाओं के बारे में आडवाणी जी उनसे सलाह लेते थे ये खुद मनोज कुमार जी ने मुझे मतलब बताया था तो बातत होने लगी दुनिया जान की बातें करने के बाद बोले ठीक है मैं समझ गया हूं और मुझे तो ये हमारे मुझे मेरी बहुत दिल की करीब बात है क्योंकि मैं चाहता हूं कि देश में ऐसा हो बीमारी ना हो और ही वास अ वै स्वीट मैन वेरी स्वीट मैन और जब व्हेन ही वास टॉकिंग टू मी ही वास वेरी नाइस टू मी वै नाइस मतलब मुझे लग ही नहीं रहा था कि ये आदमी इतना बड़ा था कि इतना मतलब कितना क्रेज रहा होगा क्योंकि आज की जो जनरेशन है और जो बाद में फिल्में आई तो लोगों ने उनका बस मौका लुढ़ा दिया कि वो ऐसे करके ही बस बट ही वास मच मच बिय्ड दैट तो मतलब मैं कितना 212 साल का था और वो मेरे लेवल पर आकर मुझसे बात कर रहे थे कंफर्टेबल फील करा रहे थे तो बोले ठीक है मैं आता हूं तो आप अपना कैमरावमरा लगा लो तो मैंने अपना कैमरावमरा लगाया शुरू किया नीचे मनोज कुमार जी आए और मनोज कुमार जी आए और बोले यार ये जो आपने स्क्रिप्ट दी है पल्स पोलियो के बारे में क्या मैं इसमें अपनी तरफ से एक कविता ऐड कर सकता हूं हूं। तो मैंने कहा बिल्कुल आप बिल्कुल ऐड करिए उसमें। तो उन्होंने उसमें कोई कविता भी उसमें बोली थी कि जीवन जियो तो ऐसे जिसमें कोई बात तो हो। कृष्ण की थोड़ी लीला हो और राम का कुछ अभ्यास सा हो या कुछ ऐसे एक मैं लास्ट का उसमें भूल रहा हूं। बड़ा अच्छे से उन्होंने पांच छह तरी अलग-अलग तरीके से टेक दिए। और फिर मुझसे पूछते रहे क्या करते हो ये वो? तो सर हम निकलेंगे हम जाएंगे तो ठीक है वो मनोज कुमार जी मुझे वहां तक छोड़ने आए नीचे तक तो सर आप प्लीज आप आप मत उतरो आप बैठो तो फिर वो वापस चले गए तो भाई दिस वास ह ग्रेटनेस इतने बड़े आदमी की ग्रेटनेस ही है कि वो मेरे जैसे बच्चे को छोड़ने जा रहे हैं हम तो वहां जब मैं खड़ा था तो मेरे दिमाग में पता नहीं क्या यार मैं फिर वापस उस रूम में गया उसी हॉल में हम और मैं उस रूम में पहुंच के पूरा खाली पड़ा पड़ा था। मैंने ऐसे देखा तो मेरा कैमरामैन पीछे से आया। कहता सर क्या हुआ? तो मैंने कहा सोचो यह वही हॉल है जहां पे एक जमाने में प्रोड्यूसर्स की लाइन होगी। बैठे होंगे। वेट कर रहे होंगे कि अरे मनोज जी आएंगे। हीरो हीरोइन सब यहां बैठे हुए हैं।
नीचे वो जो लॉन है वहां पे कितनी पार्टीज हुई होंगी। यहां इस हॉल में कितनी पार्टीज हुई होंगी। कितनी शामे यहां पे, कितनी बड़ी-बड़ी डील्स हुई होंगी, डिस्ट्रीब्यूटर्स आ रहे हैं। और उस जमाने के हिसाब से मतलब लाखों करोड़ों रुपए का यहां पे लेनदेन हुआ होगा और आज। सो आई वास फीलिंग लिटिल सैड कि यार मतलब लगता है ना कि अरे वक्तव की बात है। हां एक्चुअली आपने सही कहा। तो थोड़ा मुझे मायूसी सी हुई और मैं निकला और मैं गाड़ी में बैठने के लिए उसमें आया ड्राइवे में तो जब हम ड्राइवे में जा रहे थे बाहर निकल रहे थे तब तक उनका जो वो जो छोटा वाला बेटा है कुणाल गोस्वामी वो आया एंड टू आई यू नो दिस वास रियली अ सरप्राइज फॉर मी दैट टाइम वो बैठा वहां पे आकर के एंड ही स्टार्टेड दैट Maruti 800 हैं वो Maruti 800 उसने स्टार्ट करी और बाहर बाहर निकल के वो चला गया। तो मुझे लग रहा था यार वही आई लोग सोचते हैं ना आप लोग तो आम लोग हैं। मिडिल क्लास मेंटालिटी हमारी हम तो ये सोचते हैं कि भाई इतने बड़े लोग हैं उनके इतनी बड़ी-बड़ी हिट फिल्म्स हैं तो इनका लड़का भी Mercedes उसमें चलता होगा। लेकिन वो उसने Maruti 800 स्टार्ट करी और वो निकल के चला गया। मैं बाहर आकर के अपनी गाड़ी में बैठने लगा। तब तक एक आदमी अंदर से फिर से आया दौड़ता हुआ। अच्छा। अब जो हुआ उसने मुझे हिला दिया। दाढ़ी वाला आदमी था छोटे से कद का दुबला बदला बोला मैं आपसे एक मिनट बात कर सकता हूं तो मैंने कहा जी बताइए तो बोला नहीं आप गाड़ी से इधर आ गए तो मैं उतर के बाहर गया तो बोलता आप सीरियल वीरल भी बनाते होएंगे तो मैंने कहा तो बोलता आप साहब को लेओ ना तो मैं एकदम शॉक्ड मैंने कहा अरे वो इतने बड़े इतने बड़े आर्टिस्ट हां सुपरस्टार कितने बड़े मतलब स्टार तो मैंने आप क्या कह रहे हैं बोला हां आप साहब को लेओ ना सीरियल हम तो मैंने कहा वो टीवी करेंगे। हम तो मैंने कहा मेरे मन में तो मतलब ये आया भी नहीं कि मैं सर से पूछूं और आप कह रहे हो मैं कहीं उनसे पूछूं और वो बुरा मान जाए। बोला नहीं नहीं आप बुरा नहीं मानेंगे। आप मेरे को बताओ आप अगर उनको लेना चाहो तो ले लो। तो मैंने कहा पैसे बोला पैसे कुछ भी हो जाएगा। पैसे की परवाह मत करो। आप उनको लो बस। तो मैंने उनसे पूछा क्या नाम है आपका? तो बोले मेरा नाम सलीम है। तो मैंने कहा कि सलीम भाई आप उनके सेक्रेटरी हैं हम। तो बोलता है नहीं मैं सा ड्राइवर हूं। तो मैं आके गाड़ी में बैठ गया। मैंने कहा ठीक है मैं आपको बताऊंगा। अब मैं गाड़ी में आके बैठ तो गया। तो मेरी यूनिट वाले दूसरे लोग क्रू के लोग पूछे क्या कह रहा था? क्या कह रहा था? तो मैंने किसी को बोला नहीं। तो लेकिन शायद हमारा उसी टाइम जैकी श्रॉफ के साथ भी हम लोगों ने टाइम लिया हुआ था। तो मुझे जाना था वो भी एक बड़ा अजीब किस्सा है। मैं आपको बताऊंगा वो उनकी वो क्लिप काफी ज्यादा वायरल भी है जो उसी पे है पल्स पोलियो के अभियान के ऊपर लेकर के उनकी मैंने ही शूट करी थी उसको और हमने जिस स्टूडियो में जहां पे हमने उसको कन्वर्ट कराया था उन्होंने इसको बाद में किसी को कैसेट मिली उन्होंने लीक कर दी वो खैर बहाल तो कमिंग बैक टू द स्टोरी मैं दिल्ली आ गया दिल्ली आकर के मैंने उनके एक लिरिसिस्ट है ना उनके लिए उन्होंने बहुत गाने लिखे शो और पूरब पश्चिम बहुत सारी फिल्में उन्होंने करी उनका नाम है संतोष आनंद वो भी लीजेंड है अच्छे उनके कई गाने आपने सुने होंगे कि वो एक प्यार का नगमा है एक प्यार का नगमा उनका बहुत फेमस है बहुत ज्यादा फेमस है मैंने फोन किया उनको तो मैंने कहा कि ऐसेसे बात हुई तो बोले हां हां सलीम तो मैंने कहा आप आपको कैसे उसका नाम पता है बोले वो उस जमाने में बोले वो 40 साल से उनका ड्राइवर है अच्छा हां ठीक है साहब फिर हम अपने दूसरे प्रोग्राम्स करते रहे। बात इधर-उधर हो गई। मेरे ज़हन से भी निकल गया। कट्टू आई वास मेकिंग अ सीरीज शिखर तक और उसमें इंडिया के जितने क्रीम थे वो डिफरेंट प्राइम मिनिस्टरर्स सेलिब्रिटीज इंडस्ट्रिस्ट सबके साथ में उसमें मैं एपिसोड्स करता था और वो आता था उस जमाने में होता था डीडी पे एक प्रोग्राम उनका चैनल आया था डीडी मेट्रो हम तो उस पे आता था तो बहुत ज्यादा फेमस वो शो होता था उसमें हमारी सीरीज में सुब्रत राय सहारा थे तो उनका मैं लखनऊ में पिता उनके साथ कर रहा था और वो काफी मतलब दो दिन तक हमने उनके साथ शूट कर रहे थे।
तो बोले यार आप एक काम करो बड़े प्यार के साथ वो बहुत ही अच्छे तरीके से पेश आ रहे थे। बोले अजय जी आप एक काम करो इसको ना आप एडिट कहां करोगे? तो मैंने कहा दिल्ली में बोले नहीं नहीं आप ऐसा करो ना आप मुंबई जाओ। आप तब तो बॉम्बे कहते थे। बोले बॉम्बे जाओ और उन्होंने अपने उसको जो उनका सेक्रेटरी था उसको बोल रखा था। बोले इनके लिए सारा मैनेज करिए हम और ये हमारा जो अपना स्टूडियो है और जो सबसे अच्छा एडिटर है वो इसको एडिट करेगा तो मुंबई चला गया उस टाइम का बॉम्बे तो सर हम पहुंचे वहां पे उनका जो जहां सहारा श्री ठहरते थे उन्होंने वहां मुझे ठहराया तो वो मुझे एक दिन केयरटेकर वहां का जो आए बोला कि आपके लिए फोन आया था तो बोला किसका फोन आया था बोला मनोज जी का तो बोला कौन मनोज जी तो बोला मनोज कुमार जी का हैं तो बोला हां आप कल सुभाष ग जी के यहां गए थे। तो मैंने कहा हां तो बोला वहां पर शायद कोई इनका आदमी था। उसने आपके साथ आपकी और सुभाष ग जी की बातचीत हो रही थी। वो भी अलग एक इंटरेस्टिंग किस्सा है मेरा और सुभाष ग का। तो बोले वो मनोज जी को पता लगा होगा और उन्होंने वो पता किया हमारे उससे हेड ऑफिस है और आपको यहां पे फोन किया। तो मैंने कहा नंबर तो उन्होंने बोला ये नंबर है। तो कहा ठीक है लगा के दो। तो उसने नंबर लगा करके मुझे दिया। तो मैंने कहा मैंने फोन किया। किया। मैंने कहा सर मैं अजय बोले अरे हां मैंने आपको फोन किया था और मुझे पता चला आप आए हुए हो और मैं आपसे बात करना चाह रहा था और आपको याद है आप मेरे घर आए थे तो उन्होंने बोले सर मुझे याद है वो तो मेरे इसमें छप गई है वो बोले थैंक यू सो मच आपने मुझे और बहुत अच्छा किया कि आपने मुझे कॉल बैक किया और फिर उसके बाद मेरे ख्याल से हमने शायद 9:00 बजे के आसपास बात करनी शुरू करी और रात के 11:30 बजे तक मैं उनके साथ फोन पर बात कर रहा था। 2ाई घंटे। 2ाई घंटे। उन्होंने पता नहीं कहां-कहां की बातें एंड आई वास आई हैड अ फीलिंग कि दिस मैन इज सो वेरी लोनली इनसाइड। सो वेरी लोनली। फिर तीन-चार दिन तक उनका भी कोई फोन नहीं आया। फिर मैंने फोन किया उनको एक दिन कि चलो तो उन्होंने बड़े नॉर्मली बात करनी शुरू करी। फिर इधर-उधर। मैंने कहा सर बताइए मैं आपके लिए कुछ कर सकता हूं क्या? तो बोले यार मैं तुमसे यह कहना चाह रहा था कि तुम सहारा में ही ठरे हुए हो ना? तो मैंने कहा जी बोले ये लोग ना पहले मिठाई भेजते थे। अब यार ये लोग दिवाली पे मुझे मिठाई नहीं भेजते। और बोले कि वो बहुत अच्छी मिठाई होती थी। बहुत स्पेशल होती थी। तो मैंने कहा ठीक है सर मैं आपको ये बात मैं आगे बता आपकी कह दूंगा। तो मैंने बोला सर कल मेरी एक शूट है। दूसरे दिन मेरी शूट थी उनके साथ टिप्स वाले रमेश तोरानी के साथ। तो सर मैं आपको कल करूं बोले बेटा याद से कल जरूर लेना। अरे जी दूसरे दिन मुझे रात में मैं शूट से आया। थका हुआ था और काफी लोग आए थे मिलने आने। तो बड़े-बड़े लोग काफी इधर-उधर से आते थे और आप बैठे हुए हो और पार्टीज चल रही। तो मुझे बहुत लेट याद आया अचानक से मनोज जी को फोन करें कि नहीं करें इतने बड़े आदमी तो मैंने फिर वहां पर उनको एक्सक्यूज बोल करके करा आपने फोन मैंने करीब 10:30 बजे मैंने उनको फोन किया मैं सोचा उनका कोई पिए कुछ वो उठाएगा उन्होंने खुद फोन उठाया अच्छा हां तो मैं जी मैं मनोज जी से बात कर बोले हां मैं बोल रहा हूं कौन तो मैं ऐसेसे अजय शुक्ला बोले आपने तो फोन ही नहीं किया था मैंने कहा सर मैं ऐसे आज शूट पे बिजी था और अभी मैंने नहीं अच्छा किया ये वो तो इस तरीके से पांच छ दिन मेरी उनसे बातें होती रही। फिर मैंने बोला अच्छा सर ऐसा करते हैं कि बहुत हो गया फोन पे बात मैं आपका मिलने आता हूं
और आई जस्ट वांटेड टू यू नो लेट हिम फील दैट ही इज़ वेरी स्पेशल फॉर मी। तो सर मैं कल आपके पास आता हूं और कल मैं आपके साथ डिनर करूंगा। तो बोले हां आ जाओ बेटा। मोनू जी ने फोन ये बात हो गई। उसके बाद उन्होंने काटा। मैंने फोन काट दिया। लैंडाइन होती थी। थोड़ी देर बाद उनका फोन आया मेरा सेलफोन पे। तो बोले बेटा मैं बहुत शर्मिंदगीगी के साथ एक बात कहना चाह रहा हूं। मैंने कहा अरे सर बताइए ना आप क्या मेरे लायक कोई काम हो तो बताइए। तो बोले तुमने कहा था ना कि तुम मेरे यहां कल खाने पे आना चाहते हो। मैंने कहा जी तो बोले कि तुम्हें तो लगता है ना कि यार इतना बड़ा स्टार रह चुका है उसके घर जाऊंगा पूरा दस्तरखान सजा होगा टेबल पे अलग-अलग व्यंजन होंगे डिशेस होंगी और फिर बोले बेटा ऐसा है नहीं तुमने कहा सर कोई बात नहीं मैं तो आपसे मिलने के लिए कह रहा था मुझे बस थोड़ा ये लग रहा था कि यार उनको गिल्ट लग रहा है मैंने कहा सर ऐसी कोई बात नहीं बोले नहीं बेटा मेरी जो वाइफ है ना शशि उन्होंने नाम लिया वो मुझे उबली लौकी जीरे के साथ उसमें छौक लगा के देती है हम एक बात बताऊं तो मैंने कहा जी बताइए अब मैं थोड़ा आई वास टेकन अ बैक कि ये क्या हो रहा है तो बोले बेटा मेरा वो जो घर है ना जिसमें आए थे आपने कहा जी बोले वो घर छोड़ के मेरा सब गिरी पड़ा हुआ है आई वास शॉक्ड। बोले मेरा सब गिरी पड़ा हुआ है और मुझे पता नहीं कि यह घर मेरे पास कब तक रहेगा। उनकी आवाज में एक अजीब सी जैसे एक मतलब कांपने लगती है ना आवाज हम बोले कि माफ करना। मैं बहुत शर्त मिलता हूं। उन्होंने खटाक से फोन काट दिया। अरे और आप यकीन जानिए मतलब तीन चार दिन तक मुझे ऐसा लग रहा था कि क्यों कहा मैंने उनसे मतलब इतना गिल्ट लग रहा था ना मुझे और सच बताऊं उसके बाद मैंने उनको बहुत बार मिस किया बहुत अच्छे आदमी बहुत अच्छे इंसान और बहुत मतलब उनका जो अकीदा था वो बहुत बहुत बड़ा बहुत मतलब मेरी नजर में वो इंसान हमेशा बड़ा ही रहेगा बहुत सिंपल एक इनोसेंट तो मनोज जी आपको मेरा सलाम है। हम सब मिलकर बस यह प्रार्थना कर सकते हैं कि ईश्वर उनको अपने श्री चरणों में जगह दे। एंड दिस आल्सो ओपन्स थाउजेंड स्टोरीज अबाउट दी डार्कनेस ऑफ बॉलीवुड आल्सो। एक्सक्ट्ली उगते सूरज को सलाम है। सलाम है। बिल्कुल सही कह रहे हैं आप। ऐसे बहुत सारे मैंने केसेस देखे हैं जो कभी चमकते हुए सितारे हुआ करते थे और अभी आगे हम लोग इसमें जैसे-जैसे हमारी सीरीज बढ़ेगी तो ऐसे बहुत सारे हमारे पास किस्से हैं जो मैं आपके साथ शेयर करूंगा एंड आई होप द ऑडियंस इस गोइंग टू लाइक दैट। थैंक यू सो मच फॉर मी इट। थैंक यू सो मच फॉर। थैंक यू।