राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देने के साथ अपनी मां सोनिया गांधी के लिए एक बेहद इमोशनल मैसेज लिखा। राहुल गांधी ने राजीव गांधी के निधन के बाद अपनी मां के संघर्ष, साहस और मजबूती को याद किया। उन्होंने लिखा कि जिस दिन उनके पिता चले गए उसके बाद से उन्होंने अपनी मां को जिंदगी की तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए देखा है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता को आखिरी बार 35 साल से भी ज्यादा समय पहले एक साथ देखा था। इसके बाद राजीव गांधी के निधन ने परिवार की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया।
राहुल ने लिखा कि सिर्फ वह अब प्रियंका गांधी ही जानती हैं कि उनके पिता के जाने के बाद उनकी मां ने किन परिस्थितियों का सामना किया और किस तरह उन्होंने परिवार को संभाला। राहुल गांधी ने सोनिया गांधी के साहस और गरिमा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मां को हमेशा मजबूती के साथ खड़े देखा है।
उनके मुताबिक निजी जीवन पसंद करने वाली सोनिया गांधी के लिए अपनी जिंदगी और अनुभवों को दुनिया के सामने रखना आसान नहीं रहा होगा। राहुल गांधी के मैसेज का सबसे भावुक हिस्सा वो रहा जहां उन्होंने राजीव गांधी की जयंती के इस खास दिन को अपनी मां से जोड़ते हुए लिखा कि उन्हें लगता है कि उनके पिता ऊपर से अपने सुंदर सोनिया को देखकर मुस्कुरा रहे होंगे और उन पर गर्व कर रहे होंगे। इस व्यक्तिगत टिप्पणी ने राहुल गांधी के पोस्ट को राजनीतिक बयान से अलग एक पारिवारिक भावनात्मक संदेश बना दिया। अपने मैसेज में राहुल गांधी ने सोनिया गांधी की आने वाली किताब बिलोंगिंग अ जर्नी ऑफ लव का भी जिक्र किया जो 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी और गर्व है कि उनकी मां की कहानी अब उन लाखों लोगों तक पहुंचेगी जो उनसे प्यार करते हैं। राहुल ने अपनी मां की इस कहानी को सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि उनके जीवन और अनुभव की झलक के तौर पर पेश किया। इस मैसेज पर आम लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा इतनी गहरी बात इतने आसान शब्दों में बयां कर दी।
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि आईटी सेल की अगुवाई वाली राइट विंग ट्रोल आर्मी ने सोनिया गांधी पर बेहद भद्दी गालियां बरसाई लेकिन उन्होंने कभी भी सार्वजनिक मंचों पर इसका जवाब नहीं दिया। उनका चरित्र वाकई बहुत ऊंचा है। राहुल के इस पोस्ट पर एक और यूजर ने लिखा, आपकी मां ने बहुत सारी मुश्किलों का सामना बहुत ही शालीनता और गरिमा के साथ किया है। हमारे कुछ देशवासियों की संकीर्ण सोच को देखते हुए यह और भी तारीफ के काबिल है। उनकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करता हूं। आपको बता दें कि राजीव गांधी की जयंती के मौके पर राहुल गांधी ने दिल्ली के वीरभूमि पहुंचकर अपने पिता को श्रद्धांजलि भी दी थी। सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद किया।
राजीव गांधी की जयंती को कांग्रेस की ओर से सद्भावना दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। अब जब बात राजीव गांधी की हो रही है तो उनके बारे में भी थोड़ा सा जान लीजिए। राजीव गांधी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और नेहरू गांधी परिवार के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में से एक थे। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और फिरोज़ गांधी के बड़े बेटे और संजय गांधी के बड़े भाई थे। राजीव गांधी का शुरुआती जीवन राजनीति से दूर रहा और वह पेशे से पायलट थे। उन्होंने इंडियन एयरलाइंस में भी काम किया।
1980 में छोटे भाई संजय गांधी की विमान दुर्घटना में के बाद राजीव गांधी ने राजनीति में कदम रखा। वह अमेठी से लोकसभा सांसद बने और कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने लगे। इसके बाद 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला। उस समय उनकी उम्र करीब 40 साल थी और वह भारत के सबसे युवा प्रधानंत्रियों में शामिल हुए। लेकिन 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्री परमदूर में एक चुनावी सभा के दौरान राजीव गांधी की आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई। जांच में एलटीटीई से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई।
उस समय राजीव गांधी की उम्र सिर्फ 46 साल थी। ऐसे में राहुल गांधी का संदेश राजनीतिक भाषण से ज्यादा एक बेटे की भावनाओं के रूप में सामने आया।
पिता की जयंती पर उन्होंने अपने पिता की राजनीतिक विरासत के साथ-साथ उस दौर को भी याद किया जब राजीव गांधी के निधन के बाद उनकी मां सोनिया गांधी ने परिवार को संभाला। राहुल गांधी के इस भावुक संदेश में एक तरफ पिता राजीव गांधी की याद है तो दूसरी तरफ मां सोनिया गांधी का संघर्ष और मजबूती के प्रति सम्मान। यही वजह है कि राजीव गांधी की जयंती पर लिखा गया राहुल गांधी का यह मैसेज राजनीतिक चर्चा से अलग एक पारिवारिक और भावनात्मक मैसेज के तौर पर भी सामने आया। निष्पक्ष मतलब