दिल के टुकड़े-टुकड़े करके मुस्कुरा के चल। आज यह कहानी है 80 के दशक की एक ऐसी हीरोइन की जिसे दूसरी हेमा मालिनी कहा जाता था। वो हीरोइन जो इतनी खूबसूरत थी कि केवल 14 साल की उम्र में वो फिल्मी मैगजीन पर छा गई थी। ये मुलाकात एक बहाना [संगीत] है। एक समय था जब हर बड़ा एक्टर उनके साथ काम करना चाहता था। तो हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के एवरग्रीन दौर की बेहतरीन हीरोइंस में से एक रही बिया गोस्वामी की। तुमसे मिला था प्यार कुछ। कैसे 14 साल की बिया अचानक से बॉलीवुड की हीरोइन बन गई थी। कैसे उस पर घर तोड़ने वाली महिला का ऐसा ठप्पा लगा कि लोग उन्हें कोसने लगे थे। क्यों उन्होंने एक शादीशुदा मर्द से संबंध बनाए और अपनी जिंदगी खराब कर ली। बिया गोस्वामी अचानक से बॉलीवुड से गायब क्यों हो गई थी? आज यह हीरोइन कहां और किस हाल में हैं? जानेंगे और भी बहुत कुछ। तो चलिए शुरू करते हैं। वेलकम टू फिल्मी विचार। बिया गोस्वामी का जन्म 6 जनवरी 1962 को राजस्थान में हुआ था। हालांकि उनका परिवार राजस्थानी नहीं था। उनके पिता का नाम था वेणुगोपाल गोस्वामी जो तमिल यंगर थे और उनकी मां का नाम था डॉली जो कैथोलिक थी। कहा जाता है कि बंदिया के पिता यानी कि वेणुगोपाल अय्यर मतलब गोस्वामी ने सात शादियां की थी और बिया की मां उनकी सात बीवियों में से एक थी। इसलिए बिया पर परिवार का कोई खास ध्यान नहीं रहा। मतलब बंदिया को कभी अपने पिता से वह प्यार नहीं मिल पाया जो वो चाहती थी। है दुनिया रंग बदलती जा। बंदिया गोस्वामी कभी फिल्मों में नहीं जाना चाहती थी और ना ही कभी हीरोइन बनने का उन्होंने सपना देखा था। उनका सपना एक एयर होस्टेस बनने का था। लेकिन उनकी किस्मत में ठुमके लगाना और कमर मटकाना लिखा था तो वह फिल्मों में आ गई। [संगीत] [संगीत] वाओ बहुत कम लोग यह जानते होंगे कि बिया गोस्वामी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर की थी और उन्होंने सबसे पहले एक असमिया भाषा की मूवी में काम किया था जिसका नाम था चिकचिक बिजली जो 1969 में आई थी। इस समय बिया केवल 7 साल की थी। इसके बाद बिया ने ललिता और दृष्टि जैसी मूवीज में भी काम किया और इनमें भी वो बाल कलाकार के तौर पर ही दिखाई दी।
बोलो एक [संगीत] दो तीन दुनिया क्या है और यह मूवी भी असमिया भाषा की थी मतलब उनके करियर की शुरुआत बचपन में ही हो गई थी। बिया गोस्वामी के घर के पास ही उस समय के जानेमाने संगीतकार प्यारेलाल का घर था और वह बिया के परिवार के साथ उठते बैठते थे। एक दिन प्यारेलाल जी बिया को अपने साथ किसी पार्टी में ले गए। जहां बिया पर नजर पड़ी हेमा मालिनी की मां की। हेमा मालिनी की मां को बंदिया में जवान हेमा मालिनी दिखाई दी और उन्होंने कहा कि यह लड़की तो मेरी बेटी हेमा मालिनी जैसी दिखती है। इसे काम जरूर दिलवाना चाहिए। आने [गाना गाने की आवाज़] वाला वाला और इसके बाद हेमा मालिनी की मां ने ही बिया को फिल्मों में काम दिलवाने का ठान लिया था और उन्होंने ही बंदिया को उनकी पहली फिल्म दिलवा दी। 1976 में आई थी मूवी जीवन ज्योति और इसी मूवी से बिया गोस्वामी ने बॉलीवुड में हीरोइन बनकर कदम रखा था। जिस द्वारे पे घर की बहू रंगोली सजाती है उस द्वारे बड़ी बात यह थी कि इस समय बिया केवल 14 साल की थी और एक नाबालिक लड़की होने के बाद भी उसने हीरो के साथ ऐसा रोमांस किया कि हर कोई उनका दीवाना हो गया। हमारी शादी भी एक कहानी जैसी है। गया तो था अपने दोस्त की बहन की शादी में शरीक होने [हंसी] और वहां खुद दूल्हा बन बैठा। इस मूवी में बिया का हीरो था रावण पुत्र मेघनाद मतलब विजय अरोड़ा और बिया गोस्वामी ने इंद्रजीत के साथ रोमांस किया। [संगीत] मौजों की [गाना गाने की आवाज़] डोली चल रे चल। यह मूवी तमिल मूवी का रिमेक थी। लेकिन फिर भी इसमें बिया की खूबसूरती रातोंरात वायरल हो गई और वह लाखों लोगों की चहेती बन गई। कितनी बड़ी-बड़ी आंखें बंद करने पर और भी सुंदर। इसके बाद आई मुक्ति जिसमें शशि कपूर बच्चों को सुलाने वाला यह गाना गा रही थी। लल्ला लल्ला लो दूध की कटोरी [संगीत] दूध मूवी में सोले के ठाकुर यानी कि संजीव कुमार भी थे वो अलग बात है कि यहां वो टुन होकर घूम रही थी। मैं जो चला पीकर वो [संगीत] चीज बुरी है। इस मूवी में भी बिया ने अच्छा काम किया। इसके बाद खेल किस्मत का जय विजय दुनियादारी छोटा बाप जैसी कई मूवीज में विधिया ने काम किया। 1977 में ही अंग्रेजों के जमाने के जेलर यानी कि असरानी भी हीरो बनने निकले और मूवी आई चला मुरारी हीरो बनने और असरानी को भी एक साथ दो-दो हीरोइन मिली और सच में इस मूवी को देखकर पता चलता है कि असरानी सिर्फ एक कॉमेडियन नहीं थे। वो एक बेहतरीन एक्टर थे। लेकिन बॉलीवुड ने उन्हें कॉमेडी से ज्यादा कभी कुछ दिया ही नहीं। जैसे कहीं [गाना गाने की आवाज़]
रेत पे [संगीत] चमके कुछ बूंदे बिया ने असरानी की हीरोइन बनकर भी सबका दिल जीता। लवेबल फूल मतलब बुद्धू लेकिन प्यारे से इसके बाद आई खट्टामीठा और यह मूवी भी बड़ी यादगार बनी। इसमें बंदिया गोस्वामी रितिक रोशन के पप्पा यानी कि राकेश रोशन की हीरोइन बनी थी। तुमसे मिला था प्यार कुछ अच्छे नसीब [संगीत] थे। मूवी के गाने भी बड़े हिट हुए और बिया को इस मूवी से भी खूब पहचान मिली। थोड़ा [संगीत] है जरूरत। इसके बाद बिया कॉलेज गर्ल बनी और उनके हीरो बने नदिया के पार वाले चंदन यानी कि सचिन पिलगांवकर और इसी मूवी का गाना था प्यार [गाना गाने की आवाज़] मांगा है तुम्ही [संगीत] से इनकार [गाना गाने की आवाज़] करो जिसे दशकों तक लोगों ने अपनी फेवरेट वाली लिस्ट में संभाल कर रखा। इसके बाद भी बंदिया की कई मूवीज आती रही और वह सफलता के झंडे गाड़ती रही। इसके बाद सुनील दत्त और शत्रुघ्न सिन्हा ने भारीभरकम डायलॉग बोलकर मुकाबला किया। एक मयान में दो तलवारों का मतलब है एक का टूट जाना विक्की और विक्की फौलाद से बनी वो तलवार है चेनू जिसने सिर्फ काटना सीखा है मतलब मूवी आई मुकाबला और इसमें भी बिया ने बेहतरीन काम किया जिस पर फिल्माया गया यह गाना भी बड़ा हिट हुआ है ना सुबह [संगीत] मेरी नशा मेरी ना तू ही मेरा [संगीत] दिल ही 1979 में आई खानदान और बिया सिंिया जितेंद्र की हीरोइन बनी और जब उन्होंने जितेंद्र के साथ मिलकर यह गाया यह मुलाकात एक बहाना है [संगीत] तो इस गाने ने भी उनकी पॉपुलरिटी में चार चांद लगा दिए। इसके बाद आई जाने दुश्मन जिसमें शोले के ठाकुर सबके ऐसे जाने दुश्मन बने जिन्हें देखकर उस समय डर लगता था और अब वो एक मीम्स मटेरियल बन चुके हैं। हालांकि यह एक मल्टीस्टारर मूवी थी तो इसमें बंदिया पर कुछ खास फोकस नहीं किया गया लेकिन उन पर फिल्माया गया मूवी का यह गाना चलो [संगीत] रे डोली उठाओ कहां पिया मिले इतना बड़ा हिट हुआ कि आज भी इसके बिना दुल्हन की विदाई पूरी नहीं होती। 1979 में आई एक ऐसी मूवी जिसके रिमेक आज तक बनते हैं। मूवी का नाम था गोलमाल। गोलमाल है भाई साहब गोलमाल है गोलमाल [संगीत] गोलमाल है गोलमाल है भाई सब गोलमाल है इस मूवी में बिया ने अमोल पालकर के साथ काम किया और सच में इस मूवी में उनका मासूम चेहरा हर किसी के दिल में उतर गया आने [गाना गाने की आवाज़] वाला पल खाने वाला है और यह मूवी इतनी बड़ी हिट हुई कि इसे आज भी सबसे बेहतरीन मूवीज में से एक माना जाता है। एक बात कहो अगर मानो तुम सपनों [संगीत] में ना आना और मूवी के गाने भी बड़े हिट हुए। इसके बाद आई दादा और यह मूवी भी बहुत अच्छी थी। इसके गाने भी हिट हुए और खासकर मूवी का यह गाना दिल के [संगीत] टुकड़े टुकड़े करके मुस्कुरा के चल जिसे आज भी लोग दिल टूटने के बाद दो पैग लगाकर YouTube पर सर्च करते हैं। जाते ये तो बता जा हम [संगीत] जिएंगे किसके लिए मूवी में बंदिया के हीरो थे विनोद मेहरा जिसने आगे चलकर बिया की जिंदगी की ऐसी खिचड़ी बनाई कि वो सोचती रह गई जिसके बारे में हम आगे जानेंगे इसके बाद भी एहसास आत्माराम टक्कर और शान जैसी मूवीज आई बििया ने अमिताभ बच्चन संजीव कुमार शत्रुघ्नहन सिन्हा सुनील दत्त और शशि कपूर जैसे बड़े-बड़े दिग्गजों के साथ जोड़ी बनाई और हर एक्टर के साथ रोमांस किया। परमान को जान मेरी जान। शान में उनके हीरो थे शशि कपूर और उनके साथ भी बंदिया खूब बंदिया की तरह चमकी। मूवी के गाने भी बड़े हिट हुए। अरे मैं तेरा तू मेरी जान सारा हिंदुस्तान। और खासकर मूवी का यह गाना यम्मा [संगीत] यम्मा यम्मा यमा खूबसूरत समा इसके बाद भी बंदिया की लगातार मूवीज आती रही कुछ हिट हुई और कुछ फ्लॉप जिनमें बंदिश खूनखराबा सनसनी होटल और हकदार जैसी मूवीज शामिल रहीं। 1981 में बंदिया मिथुन दा की हीरोइन बनी। मूवी आई जीने की आरजू जिसमें मिथुन दा एक इच्छाधारी नाग बनी थी। यह मूवी बहुत अच्छी थी और बंदिया जिस राकेश रोशन के साथ रोमांस कर चुकी थी इस मूवी में वो उनके भाई बने थे। ओह हो आज हमारे भैया बड़ी तेजी से जा रहे हैं। कहां? मैं वो झरने में नहाने जा रहा हूं। उसके बाद और उसके बाद मंदिर लक्ष्मी के दर्शन करने हां लक्ष्मी के महालक्ष्मी के। हां। इसके बाद भी बंदिया की कई बेहतरीन मूवीज आती रही। बिया की कुछ और बेहतरीन मूवीज की बात की जाए तो यह थी खुददार हीों का चोर हमारी बहू
अलका आमने-सामने डायल 100 लालच मेहंदी अविनाश मक्कार विशाल और मेरा प्यार मेरा दुश्मन ये ऐसी मूवीज थी जिनमें बिया के काम को बहुत पसंद किया गया। दिल सजन जलता [संगीत] है। ये बिया ने काम तो बहुत किया लेकिन फिर भी उन्हें वो मुकाम नहीं मिल पाया और जिसका मुख्य कारण रहा उनकी पर्सनल लाइफ में चल रही उथल-पुथल। तो अब हम बात करेंगे बंदिया गोस्वामी की पर्सनल लाइफ की। बिया गोस्वामी ने सबसे ज्यादा विनोद मेहरा की हीरोइन बनकर काम किया और उनके साथ ऐसी जोड़ी बनाई कि पर्दे पर रोमांस करते-करते वो असल जिंदगी में भी रोमांस करने लगे थे। दिल के टुकड़े-टुकड़े करके मुस्कुरा के चल दिए। विनोद मेहरा के साथ उनका इश्क ऐसे परवान चढ़ा कि उन्होंने विनोद से शादी कर ली। हालांकि विनोद मेहरा पहले से शादीशुदा थे। लेकिन फिर भी बिया ने उनके नाम की बिया अपने माथे पर लगा ली और विनोद के पत्नी की बिया मिटा दी। लेकिन बड़ी बात यह थी कि बिया और विनोद मेहरा ने चोरी छिपे शादी की थी। किसी को इस शादी की भनक भी नहीं थी और दोनों साथ में ही रहने लगे थे। जिंदगी का यह एहसान है। [संगीत] प्यार हम पर सालों तक यह सिलसिला चलता रहा और विनोद मेहरा दोहरी जिंदगी जीती रही। दुनिया की नजरों में उनकी शादीशुदा जिंदगी अच्छी थी। मां-बाप की मर्जी से उन्होंने मीना ब्रोका से शादी की थी और वह उनकी पत्नी थी। लेकिन असलियत में विनोद अब बंदिया के पति भी बन चुके थे। तेरी बाहों [संगीत] में सिमट तेरे कदमों से और यह रिश्ता दुनिया की नजरों से दूर था। बिया को भी इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि वह जिस आदमी के साथ रात के अंधेरे में पति-पत्नी वाली जिंदगी जी रही हैं, दिन के उजाले में वह किसी और का पति बन जाता है और वह खुद उसे सबके सामने अपना नहीं कह सकती। इस समय बिया पूरे 18 साल की भी नहीं हुई थी। मतलब वो एक नाबालिक ही थी। लेकिन फिर भी विनोद के साथ बिना शादी के शादीशुदा वाली जिंदगी जी रही थी। होके जवा दिल पे कहां जोर चला रे आ वो कभी होटल में चोरी छिपे मिलते और रात गुजारते और फिर अपने-अपने काम पर लौट जाते। कभी दोनों शूटिंग के बहाने कहीं दूर चले जाते और दो-तीन दिन तक एक साथ रहने के बाद अपने-अपने घर लौट जाते और ऐसे ही कई सालों तक चलता रहा। लेकिन यह राज भी ज्यादा दिन तक राज नहीं रहा और धीरे-धीरे उनके अफेयर की चर्चा बॉलीवुड गलियारों में होने लगी और दोनों की शादी की खबरें भी मीडिया ने धड़ल्ले से छापना शुरू कर दिया। बोलो [संगीत] ये भेद खोलो कैसे ये सब हो गया जब यह बात विनोद मेहरा के परिवार को पता चली तो हंगामा खड़ा हो गया। विनोद मेहरा की पहली पत्नी के भाइयों ने बंधियां को जान से मारने की धमकी भी दे दी और उसे विनोद से दूर रहने को कहा। बिया इन धमकियों से इतना डर गई कि वह होटलों में छिप-छिप कर रहने लगी। हालांकि बिया अभी भी विनोद मेहरा से मिलती रही और वह एक होटल से दूसरे होटल बदलते रहते और पति-पत्नी वाला प्यार भी दिखाते रहते। विनोद मेहरा की पत्नी के भाई बिया के जान के दुश्मन बन गए थे और बिया उनसे छिपते-छिपाते भागती रहती थी। लेकिन यह सब करने से बिया की प्रोफेशनल लाइफ बर्बाद होने लगी थी और वह ना काम कर पा रही थी और ना ही फिल्मों पर ध्यान दे पा रही थी। यही कारण रहा कि जब उनका करियर अच्छा खासा चल रहा था फिर भी उन्होंने काम करना कम कर दिया था। प्यार है एक निशान पदों [संगीत] का। विनोद मेहरा भी वो भवरा थे जो किसी एक कली पर नहीं रुके। उन्होंने दर्जनों अफेयर किए और चार-चार शादियां भी की तो वह लंबे समय तक बंदिया गोस्वामी के साथ भी ईमानदार नहीं रहे और उनकी जिंदगी में रेखा आ गई। नींद [संगीत][गाना गाने की आवाज़] उड़ी चैन लुटा फिर भी मजा आए [गाना गाने की आवाज़] रे रेखा ने विनोद और बिया के बीच में रेखा खींच दी और बंदिया के माथे की बिया वैसे ही छीन ली जैसे कभी बंदिया ने विनोद मेहरा की पत्नी की बिया छीनी थी और बिया गोस्वामी बिना पति की बिया के दर्द भरे गाने गाने लगी दुनिया रंग बदलती जा लेकिन खूबसूरती आखिर कब कब काम आती? तो थोड़ा बहुत रोना-धोना करके उन्होंने सोचा कि यह नहीं तो कोई और सही और इसके बाद उन्होंने जेपी दत्ता से नजदीकियां बढ़ाई। हालांकि अभी तक उनका विनोद मेहरा से तलाक नहीं हुआ था और विनोद भी उनसे पूरी तरह से अलग नहीं हुए थे। [गला साफ़ करने की आवाज़]
लेकिन अब बंदिया गोस्वामी को विनोद से ज्यादा अच्छे जेपी दत्ता लगने लगे थे और दूसरी तरफ वो विनोद मेहरा की पत्नी के परिवार वालों की धमकियों से भी थक चुकी थी। तो उन्होंने विनोद को उनके हाल पर छोड़ दिया और खुद जेपी दत्ता की गर्लफ्रेंड बनकर घूमने लगी। हम [संगीत] दिनों अमीर थे जब तुम करीब थे। जेपी दत्ता एक जानेमाने डायरेक्टर थे जिन्होंने बॉर्डर, रिफ्यूजी, बंटवारा, एलओसी कारगिल और यतीम जैसी कई बेहतरीन मूवीज बनाई। बिया और जेपी दत्ता की भी नजदीकियां इतनी बढ़ी कि उनके अफेयर की खबरें भी अखबारों की हेडलाइंस बनने लगी। पहली मुलाकात है। हाय जाने कैसी बिया यह समझ चुकी थी कि अब उनका करियर ढलान पकड़ चुका है। विनोद भी फ्लॉप हो चुके हैं। विनोद से चोरी छिपे शादी करके बिया की इमेज भी खराब हो चुकी है। परिवार का साथ बचा नहीं है और समाज में भी मानसान मिलना मुश्किल है। लोग उन्हें घर तोड़ने वाली औरत कहने [गला साफ़ करने की आवाज़] लगे थे। मतलब कहीं से भी उनका मानसान बचना मुश्किल था। इसलिए उन्होंने खुद के मन की सुनी और 1984 में विनोद मेहरा को तलाक दे दिया और जेपी दत्ता से 1985 में ही शादी कर ली। लगता है मेरा दिल [गाना गाने की आवाज़] ये कहता है शादी की शुरुआत है।
हालांकि जेपी दत्ता बिया से 12 साल बड़ी थी जो दिखने में बंदिया के बाप की उम्र के लगती थी। परिवार बहुत नाराज हुआ और इस शादी के खिलाफ भी रहा। लेकिन बिया गोस्वामी नहीं मानी और उन्होंने भागकर जेपी दत्ता से शादी कर ली और वह बिया गोस्वामी से बिया दत्ता बन गई। मुझको ऐसा लगता है मेरा दिल ये कहता है शादी की शुरुआत शादी के बाद बंधिया ने पूरी तरह से एक्टिंग को छोड़ दिया और फिल्म मेकिंग में अपने पति के साथ काम करने लगी। शादी के बाद उनके घर पर दो बेटियों का जन्म हुआ जिनका नाम निधि और सिद्धि रखा गया। बिया की दूसरी शादी सफल रही और वह अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी अपनी जिंदगी बिताने लगी। बंधिया की बेटी निधि की शादी भी खूब चर्चा में रही।
निधि ने जयपुर में उसी जगह पर शादी की जहां कभी उनके मां-बाप ने शादी की थी। यहां तक कि उसी मंदिर के सामने और उसी पेड़ के नीचे उन्होंने विनोय गांधी से शादी की और कमाल की बात यह थी कि विनोय गांधी भी एक डायरेक्टर थे। इस तरह से निधि ने अपनी ही मां बंदिया की शादी वाले सीन को रिकक्रिएट किया और खूब सुर्खियां भी बटोरी। उस द्वारे [संगीत] से [गाना गाने की आवाज़] घर के अंदर लक्ष्मी आती है। बिया गोस्वामी ने जेपी दत्ता की फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर भी काम किया। और जेपी दत्ता की जितनी भी बड़ी मूवीज रही फिर चाहे बॉर्डर हो उमराव जान हो रिफ्यूजी हो या फिर एलओसी कारगिल हो इन सभी मूवीज की कॉस्ट्यूम बिया ने ही डिजाइन की है और एक कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर बिया ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की और वह आज भी बॉलीवुड में सक्रिय हैं। बिया गोस्वामी अब लगभग 64 साल की हो चुकी हैं और अपने परिवार के साथ मुंबई में ही रहती हैं। आपको बंदिया गोस्वामी याद है और उनकी कौन सी मूवी या गाना आपका फेवरेट रहा हमें कमेंट में जरूर बताएं। प्यार मांगा [गाना गाने की आवाज़] है तुम्ही से [संगीत] ना इनकार [गाना गाने की आवाज़] करो