अब योगी के के बाद के यह भी आम लोगों को नहीं बांट पाएंगे क्योंकि योगी सरकार ने पनीर समेत नकली डेयरी प्रोडक्ट पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। डेयरी प्रोडक्ट के नाम पर मिलावट मिली तो माल ज्त भी किया जाएगा। यूनिट बंद किया जाएगा। होगा और गंभीर मामलों में तक दर्ज होगी। यानी अब सेहत से खिलवाड़ किया तो सलाखों के पीछे जाना बिल्कुल तय है।
दगी मिरज की देगी मिरर देगी मिररच का तड़का अंग अंग सेहत से किया खिलवाड़ तो हवालात से तैयार योगी का ऐलान मिलावत यूपी छोड़ यूपी में मिलावटखोरों के खिलाफ योगी सरकार का एक्शन प्लान तैयार है। पनीर हो, खोया हो या फिर दूध और दूध से बने दूसरे प्रोडक्ट। अगर इनमें या वसा मिली तो सिर्फ जुर्माना नहीं सीधे माल ज्त होगा। यूनिट बंद होगी, होगा। और जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज होंगे। क्योंकि योगी ने क्लियर कर दिया है कि यूपी में अब मिलावटखोरी भारी पड़ेगी। पकड़े जाने पर यूनिट का होगा। गंभीर धाराओं में सीधे होगी। उत्पाद बेचने वालों पर सख्त सजा होगी। 10 लाख का जुर्माना 3 साल की का प्रावधान होगा। यूपी में 11.5 करोड़ से ज्यादा की मिलावटी खाद्य सामग्री जप्त की गई है। डेरी प्रोडक्ट इकाइयों पर छापेमारी भी जारी है। देखिए ये अंशु मिल्क प्रोडक्ट्स की दुकान काफी पुरानी है और इस समय अंकल जो है पनीर यहां पर काट रहे हैं।
इनसे बात करते हैं हम कि क्या सच्चाई रहती है? किस तरीके से यहां पर पनीर वगैरह और सारा रेट क्या है? अंकल पनीर का रेट क्या है आपके यहां? ₹340 और जो मार्केट में लोग 250 ₹220 का बेच देते हैं यह नकली है। इसका मतलब कुछ ना कुछ तो अल्टरनेट करते हैं। कुछ ना कुछ अल्टेशन उसमें मिलाते हैं तभी और मतदान देते हैं। अच्छा जो निर्देश सरकार का जारी हुआ है। कभी एफएसडीए के लोग अधिकारी यहां पे आते हैं चेकिंग वगैरह आते हैं। आते हैं। अभी पिछले छ महीने पहले जो सैंपल भरा गया है। यानी सरकार का संदेश बिल्कुल साफ है।
मिलावट करो तो मुनाफे से पहले कानून का सामना करना। लेकिन सवाल यह है कि आखिर मिलावटखोर दूध और दूध से बने प्रोडक्ट में मिलाते क्या हैं? जांच में कई जगह रिफाइंड तेल और वसा, सोयाबीन प्रोडक्ट, डिटर्जेंट, टेलकम पाउडर, टाइटेनियम और दूसरे हानिकारक पदार्थों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। यानी दूध के नाम पर आपकी सेहत के साथ ऐसा खेल जिसका असर सीधे शरीर पर पड़ता है। और अब बात उस प्रोडक्ट की जिसे लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। पनीर। नाम पनीर, शक्ल पनीर जैसी। लेकिन जरूरी नहीं कि यह पूरी तरह दूध से बना हो। यह डेयरी प्रोडक्ट की तरह दिखता है। पूरी तरह या फिर दूध से बिल्कुल नहीं बनता। वेजिटेबल ऑयल, डेयरी फ्री प्रोटीन का इस्तेमाल किया जाता है। स्टार्च पाउडर मिलाकर तैयार किया जाता है।
असली पनीर से सस्ता होता है। प्रोटीन की भारी कमी, ट्रांस फैट, स्टार्च से भरा होता है। , दिमाग की बीमारी और पर असर करता है। यही वजह है कि सरकार अब ऐसे उत्पादों पर शिकंजा कस रही है। हालांकि यहां एक जरूरी फर्क समझना होगा। हर या नॉन डेयरी उत्पाद अपने आप में नहीं होता। लेकिन उसे अगर गलत तरीके से डेयरी प्रोडक्ट बताकर बेचा जाए या उनमें हानिकारक मिलावट हो तो कारवाई हो सकती है। इस बीच लखनऊ के चारबाग से लेकर बलिया की कुआ मंडी तक दुकानदार भी सरकार के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। त्योहारों में मांग बढ़ेगी तो मिलावटखोरी रोकने की चुनौती भी बढ़ेगी और इसी चुनौती के बीच योगी सरकार ने साफ कर दिया सेहत से खिलवाड़ किया तो सलाखों के पीछे जाना तय है। लखनऊ से मयूर शुक्ला के साथ