तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार 15 अगस्त को एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को टारगेट करते हुए एक बात कही। उन्होंने कहा कि अगर किसी को जानना है कि उनके पिता कहां है? तो इसका जवाब विधानसभा में नहीं मिलेगा।
इसके लिए घर जाकर उनकी मां से पूछना चाहिए। नैनार नागेंद्रन ने यह बात चेन्नई में मौजूद बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक प्रोग्राम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री विजय के उस कुट्टी कथई यानी कि शॉर्ट स्टोरी वाले बयान का जवाब दे रहे थे जो उन्होंने पहले विधानसभा में डीएम के अध्यक्ष एमके स्टालिन को टारगेट करते हुए कही थी।
दरअसल अप्रैल 2026 में हुएतमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके की हार के बाद मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में एक शॉर्ट स्टोरी सुनाई थी। इसमें उन्होंने उदयनिधि स्टालिन के पिता के विधानसभा में मौजूद ना होने को लेकर तंज किया था। यह बात डीएम के अध्यक्ष एमके स्टालिन के कोलाथूर में चुनाव हारने की तरफ एक इशारा मानी गई थी।
तब विजय के इस बयान की उस वक्त डीएमके समेत कई राजनीतिक दलों ने आलोचना की थी। इसके जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन का भी बयान आया था। उन्होंने कहा था कि वह विधानसभा में मौजूद नहीं है। लेकिन लोगों के दिलों में अब भी मौजूद हैं। इसी बयान का जिक्र करते हुए नैनार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में बार-बार पिता कहां है? पूछने से जवाब नहीं मिलेगा। अगर किसी को सच में जानना है कि पिता कहां है तो उसे घर जाकर अपनी मां से पूछना चाहिए। नैनार के इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। राज्य के मंत्री ए राजमोहन ने इसे असभ्य और अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय लगातार अपने साथियों से कहते रहे हैं कि उकसावे या निजी हमलों के बावजूद राजनीतिक मर्यादा बनाए रखी जानी चाहिए।
वहीं बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने भी नैनार नागेंद्रन के इस बयान की आलोचना की है। अन्नामलाई ने कहा कि इस तरह के कमेंट राजनीतिक मर्यादा की सीमा पार करती है।
अन्नामलाई के मुताबिक सरकार से सवाल करना और राजनीतिक मुद्दों पर असहमति जताना लोकतंत्र का हिस्सा है। लेकिन किसी नेता के परिवार खासकर उसकी मां को लेकर निजी कमेंट करना, प्राइवेट कमेंट करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने ऐसे बयान को राजनीति का गिरता हुआ स्तर बताया और कहा कि युवाओं के सामने इस तरह की राजनीति को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। यानी कि तमिलनाडु में विधानसभा के अंदर शुरू हुई कुट्टी कथाई यानी कि शॉर्ट स्टोरी की सियासत अब निजी बातों तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री विजय की टिप्पणी के जवाब में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि उनकी अपनी पार्टी यानी कि बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष अन्ना मलाई ने भी इस बयान को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया है और उनकी आलोचना की है। तो