मेंबर्स ऑफ माय ओन फैमिली हुम आई लॉस्ट ऑन 15th अगस्त 1975 भारत में शरण लेकर रह रही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवाज दुनिया ने 2 सालों बाद सुनी। शेख हसीना ने भारत में बैठकर बांग्लादेश को संबोधित किया। सुरक्षा कारणों की वजह
से शेख हसीना ने अपना चेहरा नहीं दिखाया। कैमरे के सामने उनके बैकग्राउंड लोकेशन या सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी उजागर होने का खतरा था। इसीलिए शेख हसीना ने ऑडियो के जरिए एक धमाकेदार भाषण दे दिया। शेख हसीना ने पहली बार बताया कि उन्हें जबरदस्ती बांग्लादेश से भगाया गया था। छात्र आंदोलन की आड़ में उनका तख्ता पलट किया गया।
भाषण शुरू करने से पहले अपने पिता, भाई और बांग्लादेश की आजादी में भाग लेने वाले 30 लाख शहीदों को याद करके शेख हसीना कई बार रो पड़ी। शेख हसीना ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह किसी भी कीमत पर बांग्लादेश जाएंगी, चाहे मुझे जेल में डाल दिया जाए या मार दिया जाए, लेकिन मैं बांग्लादेश वापस जा रही हूं। शेख हसीना ने भारत को मित्र देश बताते हुए कहा है
कि भारत हमेशा बांग्लादेश का अच्छा दोस्त रहा है। जब भी बांग्लादेश किसी मुश्किल हालात में फंसा है हमेशा भारत ने बांग्लादेश की मदद की है। शेख हसीना ने बताया कि मुझे 81 83 85 87 और 2007 में बांग्लादेश आने से रोका गया था। लेकिन मैं हर बार बांग्लादेश पहुंची। इस बार भी मैं बांग्लादेश आ रही हूं। आइए अब आपको शेख हसीना का यह बयान सुनवाते हैं।
आई आल्सो रिमेंबर वि प्रोफाउंड ग्रीप एंड मेंबर्स ऑफ माय ओन फैमिली हुम आई लॉस्ट ऑन 15th अगस्त 1975 टुडे इज आल्सो द बर्थडे ऑफ माय बिलव ब्रदर कमल हु वास टू इयर्स यंगर देन मी आई एम टेलिंग वन थिंग 1981 व्हेन आई रिटर्न होम दैट टाइम आल्सो दे ट्राई टू स्टॉप मी रहमान वाज़ इन पावर बट आई वेंट द बट 1983 आई वाज़ अरेस्टेड एंड अगेन इन 1985 1987 देयर सेवन टाइम्स इवन 2007 दैट टाइम आल्सो आई वास आउटसाइड द कंट्री बट व्हेन आई वांटेड टू रिटर्न होम दे ट्राई टू स्टॉप मी बट दे कुड नॉट आई रिटर्न होम सो आई नो दैट दे मे पुट मी इन द जेल और दे मे किल मी दे एनीथिंग मे हैपन बट स्टिल आई हैव टू बुक