दिल्ली में छात्र आंदोलन की अगुवाई करने वाले अभिजीत दीपके अबअगले कदम की तैयारी कर रहे हैं। अभिजीत दीपके से यह सवाल कई दफा पूछा जा चुका है कि क्या वह राजनीति में आना चाहते हैं? क्या वह किसी पार्टी में शामिल हो जाएंगे?
राजनीति में वह अपने भविष्य को लेकर क्या सोचते हैं? एक मीडिया हाउस को दिए गए इंटरव्यू में एक बार फिर अभिजीत दीपके ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह किसी पार्टी के एमएलए या एमपी नहीं बनना चाहते। वही पुराना जवाब लेकिन इस दफा अभिजीत की जुबान पर अचानक उस पदउस पोजीशन का जिक्र आ गया जिसकी चाह उन्हें बहुत पहले से है।
जवाब में दीपके ने कुछ ऐसा कहा जिसने सभी को हैरान कर दिया। आपको बता दें अभिजीत दुबके ने यह भी साफ किया कि सीजेपी और उनकी आगे की रणनीति क्या होगी। आइए सबसे पहले बात करते हैं उस डेजिग्नेशन उस पद की जो अभिजीत दीपके का सपना है। अभिजीत ने कहा कि वह राजनीति तो नहीं करना चाहते लेकिन वह उनके गांव के लिए कुछ करना चाहते हैं। अभिजीत का कहना है कि मैं एमपी एमएलए नहीं बल्कि गांव का सरपंच बनना चाहता हूं। मीडिया हाउस को दिए गए इंटरव्यू के दौरान अभिजीत दीप्ति ने कहा मेरी कोई राजनीतिक महतकांक्षा नहीं है। अगर ऐसी होती तो मैं अमेरिका नहीं जाता।
मेरे मन में गांव शांतुक पिंपरी के सरपंच बनने की चाह जरूर है जो महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में आता है। गांव के लिए कुछ किया जाना चाहिए और इसलिए मैं अपने परिवार से कहता था कि मुझे गांव का सरपंच बनना है। अभिजीत ने आगे कहा मैं वहां के स्कूल रोड नालों को सुधारना चाहता हूं और सपना है कि एक अस्पताल का निर्माण करवाऊं। मैं हर बार गर्मियों में दो से तीन महीने गांव में रहता था। मैंने अच्छी शिक्षा हासिल की। लेकिन मेरे जानने वाले और रिश्तेदारों के बच्चे टूटे स्कूल में जाते थे और टूटे फर्श पर बैठते थे।
गौर करने वाली बात यह है कि अभिजीत दीपके का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब बड़े नेता और मंत्री उनसे मुलाकात करने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। आगे क्या करेंगे अभिजीत दीपके? इंटरव्यू के दौरान अभिजीत दीपके ने आगे की रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास वॉलंटियर्स हैं। वह एक समूह यानी ग्रुप बनाकर अलग-अलग स्तर पर काम करना चाहते हैं। अभिजीत दीपके ने कहा, हम एक पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेंगे।
जितने ज्यादा प्रेशर ग्रुप होंगे, उतना अच्छा होगा। फिर 5 सालों में वह पुराने हो जाएंगे और फिर किसी और आंदोलन की शुरुआत करेंगे। यानी अभिजीत दीपकी ने यह साफ कर दिया है कि वह किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं बनेंगे।
सीजेपी किसी पॉलिटिकल पार्टी में विलय नहीं करेगी बल्कि अपने स्तर पर आगे काम करेगी। अभिजीत दीपके करेंगे बड़ी बैठक। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीजेपी के प्रमुख सदस्य 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में बैठक करेंगे। यह बैठक अभिजीत दीप्ति के घर होने वाली है। संगठन की भविष्य की रणनीति और कार्य योजना पर यहां चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के जंतरमंतर पर पिछले महीने नीट परीक्षा लीक के विरोध में 1 महीने तक चली आंदोलन के बाद सीजेपी के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से कहा गया है कि वे कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताएं। साथ ही पार्टी के सदस्यों से यह भी कहा गया है कि वे स्वयंसेवकोंऔर विद्यार्थियों से बातचीत करें।
उनके विचार, उनके सुझाव जानने की कोशिश करें और उसे लेकर ही बैठक में पहुंचे। गौरतलब है अभिजीत दीपके भले ही अपने घर चले गए हो, लेकिन वह लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि आने वाली 5 तारीख को सीजेपी की बड़ी बैठक में किन-किन चीजों को लेकर चर्चा होती है। पार्टी की ओर से अब किस मुद्दे पर काम किया जाएगा। सीजेपी से जुड़ी हर लेटेस्ट अपडेट और देश और दुनिया की बाकी अहम खबरों के लिए आप देखते रहिए लाइव हिंदुस्तान। लेकर गए उन्हें करके लेकर गए उन्हें। के गुस्से ने देश के शिक्षा मंत्री को कुर्सी छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का अगला कदम क्या होगा? क्या आंदोलन खत्म हो गया है या फिर कोई नई रणनीति बन रही है? आगे की रणनीति तय करने के लिए सीजेपी के कोर मेंबर्स की एक अहम बैठक छत्रपति संभाजी नगर में अभिजीत दीपके के आवास पर होने जा रही है।
पिछले एक महीने से जंतरमंतर पर डटे एक्टिविस्ट और वालंटियर्स से फिलहाल अपने परिवार के साथ वक्त बिताने को कहा गया है। लेकिन कोर मेंबर्स को एक बड़ा टास्क मिला है। उन्हें वालंटियर्स और छात्रों से बात कर उनके सुझाव जुटाने। इस बीच अभिजीत दीपके भी स्थानीय लोगों और छात्रों के साथ फ्रेंडशिप डे मनाते और उनसे फीडबैक लेते नजर आए।
राजनीतिक पारा तब और चढ़ गया जब दीपकी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया। दरअसल शुक्रवार को पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि वह उन भटके हुए बच्चों को माफ करना चाहते हैं जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिगवंत मां को अपशब्द कहे थे। इस पर पलटवार करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा उन्हें उम्मीद है कि पीएम मोदी एक और वीडियो जारी करेंगे और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस या लाठीचार्ज के लिए भी माफी मांगेंगे।
सूत्रों के मुताबिक कोर कमेटी की बैठक में मंथन के बाद 5 अगस्त को सीजीपी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। इसी दिन संगठन अपने भविष्य के फैसलों और अगली बड़ी रणनीति का आधिकारिक ऐलान करेगा। अब सबकी निगाहें 5 अगस्त पर टिकी है। मैंने तो यही कमेंट किया था कि उनका जो स्किन है वो फ्यूचर देश के फ्यूचर से ज्यादा ब्राइट लगता है क्योंकि बहुत ज्यादा रिलीज बना रहे हैं आजकल मोदी जी और उसमें उनकी स्किन जो है बहुत ही खुलकर निखर कर आ रही है।
जंतरमंतर पर सर बड़े-बड़े अभी जो बैरिकेड्स हैं वो कहीं ना कहीं बिल्डिंग किए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पे काफी तौर पर लगाया जा रहा है। फिर से एक बार आप आंदोलन करने की तैयारी है या जंतरमंतर पर आंदोलन ना हो इसके लिए वो यह तो उसकी तैयारी है कि जंतरमंतर पर आंदोलन ना हो क्योंकि ये लोग तो डेमोक्रेसी में बिलीव ही नहीं करते। अगर ये लोग डेमोक्रेसी में बिलीव करते तो स्टूडेंट्स पर इतनी से नहीं चलाते।
अगर डेमोक्रेसी में बिलीव करते तो देश भर में स्टूडेंट्स को ये लोग तंग नहीं करते। दीज़ पीपल डोंट बिलीव इन डेमोक्रेसी। सर दिल्ली जंतरमंतर पर पथराव हुआ है। लेकिन सारे देश में स्टूडेंट्स पे कारवाई की जा रही है। क्या कहेंगे उसके बारे में? मैं वही कह रहा हूं। तो पूरे देश के स्टूडेंट्स को ये लोग डराने की कोशिश कर रहे हैं कि कोशिश हिम्मत कर मत करना फिर से बीजेपी की सरकार से सवाल करने का हिम्मत मत करना फिर से प्रोटेस्ट करने का आदत नहीं है यार मुझे ना पंजाब में पेपर लीक होता है और बीजेपी दिल्ली में आंदोलन करती है आपके ऑफिस के बारे में तो करें वो उनका वो अधिकार है मैं कौन होता उसमें कुछ बोलने वाला उनका वो अधिकार है जिसके पास जो अधिकार है वो करना चाहे डेमोक्रेटिक राइट है और मैं उम्मीद करता हूं दिल्ली पुलिस उन पर ना चलाए जैसे हम पर चलाई थी बीजेपी का आईटी सेल महिलाओं को गंदी गंदी देता है। रेप की धमकियां देता है।
और इनका बायो आप देखोगे तो बायो में लिखा रहता है फॉललोड बाय पीएम मोदी। जंतरमंतर में नीट परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाने और कई छात्रों पर केस दर्ज होने के मामले पर अब कॉकरोच जनता पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक ही सुर में सरकार का विरोध कर रहे हैं। दरअसल पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म Instagram पर रील बनाकर उन छात्रों को माफ करने की बात कही जिन्होंने उन्हें और उनकी मां को दी।
हालांकि इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि उन पर केस अभी भी चल रहा है। पुलिस उनके घर आ रही है। उन्हें सोशल मीडिया पर मिल रही हैं। और इसी पर सीजेपी और राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज उठाते हुए लगभग एक ही बात कही है।