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राहुल गांधी को सवाल करने वाले मोहम्मद इरफान का youtub चैनल हुआ सस्पेंड, वजह चौंका देगी।

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एक झुमकी झोपड़ी में रहने वाला आम नौजवान जो अपनी बुलंद आवाज से रातोंरात पूरे देश का हीरो बन जाता है। कल ही उसने अपने समर्थकों के साथ YouTube चैनल की शुरुआत की। सिर्फ कुछ ही घंटों में उस चैनल पर 70 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर्स का तूफान आ गया। लेकिन आज सुबह अचानक ऐसा क्या हुआ कि YouTube ने उस चैनल को ही बिना किसी ढील के टर्मिनेट कर दिया।

जी हां, हम बात कर रहे हैं सीजेपी आंदोलन से वायरल हुए मोहम्मद इरफान की। आखिर 70,000 से ज्यादा सब्सक्राइबर्स पाने वाले एक मजदूर वर्ग के युवा के चैनल पर यह गाज क्यों गिरी? आइए जानते हैं यह पूरा मामला। इससे पहले कि हम सस्पेंशन की बात करें। यह जानना बेहद जरूरी है कि मोहम्मद इरफान कौन है। दिल्ली के सावदा जे जे कॉलोनी के रहने वाले 35 वर्षीय इरफान एक साधारण बर्फ बेचने वाले दिहाड़ी मजदूर हैं। जंतरमंतर पर नीट पेपर लीक और युवाओं के मुद्दे को लेकर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में इरफान ने अपनी सीधी और बेबाक आवाज से सबका ध्यान खींचा।

इरफान ने बिना किसी राजनीतिक दल से जुड़े सड़क पर खड़े होकर संविधान की प्रस्तावना सुनाई और मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी और शिक्षा के अधिकार पर ऐसे तर्क दिए कि उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। उनकी इस सादगी और विचारों की वजह से हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इरफान की इस लोकप्रियता को देखते हुए उनके समर्थकों ने कल ही उनका ऑफिशियल YouTube चैनल शुरू करवाया था।

एक दिन भी पूरा नहीं हुआ था कि शाम से सुबह तक ही 70 हजार से ज्यादा लोगों ने उनके चैनल को सब्सक्राइब कर लिया। एक आम कामगार युवा के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन आज सुबह अचानक इरफान का चैनल सस्पेंड मिला। जैसे ही चैनल पर यह कार्यवाही हुई, समर्थकों और आम जनता में गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया पर अब YouTube इंडिया से जवाब मांगा जा रहा है कि आखिर अचानक इतना बड़ा एक्शन क्यों लिया गया? अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों हुआ? इसके दो बड़े तकनीकी और राजनीतिक एंगल सामने आए हैं। सबसे पहले मास रिपोर्टिंग।

ऐसा अंदेशा है कि इरफान के वायरल होने और उनकी बेबाक बयानबाजी से असहमत कुछ विरोधी समूहों ने मिलकर उनके नए चैनल को स्पैम या अब्यूज की कैटेगरी में भारी मात्रा में रिपोर्ट कर दिया। दूसरा YouTube एल्गोरिदम अलर्ट। YouTube का ऑटोमेटेड सिस्टम जब किसी नए चैनल पर अचानक 12 घंटे के भीतर 70 हजार सब्सक्राइबर और असामान्य ट्रैफिक देखता है तो बॉट एक्टिविटी मानकर उसे सुरक्षा कारणों से अस्थाई रूप से फ्लैग कर देता है। कारण चाहे तकनीकी एल्गोरिदम हो या फिर रिपोर्टिंग लेकिन एक मजदूर वर्ग के युवा की आवाज को इस तरह रातोंरात खामोश कर देना कई सवाल खड़े करता है।

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