मैंने जो करा वो माफी के लायक नहीं था। मैंने बहुत गंदी चीजें बोली है। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। इतनी शर्मिंदा हूं। मैं अपनी नजर भी नहीं उठा पा रही हूं। मैं सबसे माफी मांग रही हूं। मुझे प्लीज माफ कर दीजिए प्लीज। इन बच्चों को गले लगा के राह दिखाने का। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं।
जंतरमंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का मामला लगातार चर्चा में बना है। इस मामले में नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल होने के बाद उसकी काफी आलोचना हुई है। शिकायत के आधार पर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में अपमानजनक टिप्पणी के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने एक राजनेता के बजाय एक पिता और अभिभावक की तरह अपनी बात रखते हुए कहा कि कुछ गुमराह बच्चों ने उन्हें उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे। उन्होंने चिंता जताई कि देश की बेटियां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं। लेकिन उसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बचपन में गलतियां हो जाती हैं और उन्हें सुधारने का अवसर मिलना चाहिए। सुनिए क्या कुछ कहा।
हाय फ्रेंड्स, आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं। जंतरमंतर पर जो कुछ भी हुआ देश और दुनिया ने देखा है। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी भद्दी बोली। किसी भी सभ्य समाज को शोभा ना दें। ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया। मुझे तो दी गई। मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गई। ना जाने कितना भदा स्वरूप था। लेकिन मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती है।और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है और यही तो बचपना है और इसलिए मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है उसको भलीभांति समझ सकता हूं। एक कल्चरल शौक है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती है? लेकिन समय है इन बच्चों को गले लगा के राह दिखाने का। यह गुमराह बच्चे हैं। उनको राह दिखाना हमारा काम है।
उनको सजा देना, अदालतों के चक्कर कटवाना, समाज में उनको प्रताड़ित करना इससे हम परिस्थितियां नहीं बदल पाएंगे। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। समाज भी मेरी इस बात को स्वीकार करें।
तो पीएम मोदी ने इन बच्चों को माफ करने की बात कही और उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में गलती सुधारने का अवसर हमेशा रहना चाहिए। वहीं पीएम के वीडियो आते ही इस बीच सोशल मीडिया पर रुचिका सिंह का एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में वह हाथ जोड़कर माफी मांगती नजर आ रही हैं। रुचिका का दावा है कि वह अपने दोस्त के साथ कनोट प्लेस घूमने गई थी।
जहां प्रदर्शन चल रहा था और उसके अनुसार वहां मौजूद लोगों ने पीएम के खिलाफ नारेबाजी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे भी ऐसा करने के लिए उकसाया गया। सुनिए क्या कुछ कहा। जुलाई को मैं सीपी गई थी अपने फ्रेंड्स के साथ। फिर वहां पे प्रोटेस्ट हो रहा था। मैंने वहां पे फोक दी। वहां पे ग्रुप्स बने हुए थे बहुत सारे। वो लोग बहुत चीजें बोल रहे थे। बहुत गालियां दे रहे थे प्रधानमंत्री जी को। उन लोगों के इन्फ्लुएंस में आके कि तुम लोग भी बोलो, तुम लोग भी बोलो। कोई सब बोलो, सब बोलो। करके मैंने बहुत चीजें बोली। मैं भी मारा सिर्फ 15 साल की हूं। मैंने जो करा वो माफी के लायक नहीं था।
मैंने बहुत गंदी चीजें बोली है। बट यह मेरी पहली और आखिरी गलती हो गई। इसके बाद मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी और ना ही वो चीज मैंने कभी पोस्ट की थी। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं।
मेरे मैं इतनी शर्मिंदा हूं। मैं अपनी नजर भी नहीं उठा पा रही हूं। मैं सबसे माफी मांग रही हूं। मुझे प्लीज माफ़ कर दीजिए प्लीज। तो सुना आपने रुचिका ने यह भी दावा किया है कि उसकी उम्र महज 15 वर्ष है और उसने जो कहा वो माफी के योग्य नहीं। उसने पूरे देश से क्षमा मांगते हुए कहा कि वह अपनी गलती पर शर्मिंदा है और भविष्य में कभी ऐसी हरकत नहीं करेगी। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल इस माफी वाले वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं है। लेकिन वहीं पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। देश दुनिया की ताजा खबरें और वीडियोस के लिए अभी डाउनलोड करें पत्रिका ऐप।