एक फोन कॉल और पूरे गांव में मच गया हड़कंप। कहा गया कि जैसी नई बीमारी बालों से फैल रही है। जो सिर मुंडवाएगा उसे सरकार ₹15,000 देगी। सुनने में अजीब लगता है। लेकिन तमिलनाडु के एक गांव में लोगों ने इस बात पर यकीन भी कर लिया।
यह मामला तमिलनाडु के सलीम जिले के पु्थू कोथमपाड़ी गांव का है। रविवार रात गांव की रहने वाली पलानी अमल के मोबाइल पर एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को अतुर तहसील कार्यालय का तहसीलदार बताया। हैरानी की बात यह थी कि उसे पलानी अमल और उसके परिवार के लोगों के नाम भी पता थे। इसलिए उन्हें लगा कि कॉल सचमुच किसी सरकारी अधिकारी का है। इसके बाद ठग ने डर और लालच का ऐसा जाल बिछाया कि लोग उसकी बातों में फंसते चले गए। उसने कहा कि जैसी एक नई संक्रामक बीमारी बालों के जरिए फैल रही है। इससे बचने के लिए सरकार ने नई योजना शुरू की है।
जो महिलाएं सिर मुंडवाएगी उन्हें ₹15,000, छात्राओं को ₹45,000 और एक लैपटॉप जबकि पुरुषों को ₹6,000 दिए जाएंगे। ठग ने यह भी कहा कि गांव के लिए सिर्फ 18 टोकन मिले हैं और अगले दिन दोपहर 2:00 बजे सरकारी अधिकारी पैसे लेकर आएंगे। लेकिन शर्त सिर्फ एक थी। जिसने पहले से सिर मुंडवा लिया होगा वही इस योजना का लाभ उठ पाएगा। बस यही सुनकर गांव में अफरातफरी मच गई। करीब 20 लोग सिर मुंडवाने की तैयारी करने लगे।
इनमें 56 साल की कावेरी, 58 साल की रमाई और 60 साल की चित्रा ने बिना किसी जांच पड़ताल के अपने बाल मुनवा लिए। लेकिन अगले दिन ना कोई सरकारी अधिकारी आया और ना ही कोई पैसा मिला। जब महिलाओं ने उसी नंबर पर दोबारा फोन किया तो मोबाइल स्विच्ड ऑफ था।
तभी उन्हें समझ आया कि वे एक शातिर ठग के झांसे में आ गई है। इसके बाद बाकी ग्रामीणों ने भी सिर मुनवाने का फैसला रद्द कर दिया। अब अतुर ग्रामीण पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठग के पास गांव वालों की निजी जानकारी कैसे पहुंची।
यह घटना एक बड़ा सबक भी देती है। सरकारी योजना के नाम पर मिलने वाले किसी भी फोन कॉल पर आंख बंद करके भरोसा ना करें। पहले जानकारी की पुष्टि करें तभी कोई फैसला लें।