ऑनलाइन पे चला रहे हैं कॉकरो जनता पार्टी प्रोटेस्ट के दौरान अनापशनाप लिखा और इसी के साथ मिसइफेशन फैलाई तो अब ऐसे लोगों पर होने जा रहा है एक्शन। नमस्कार आप देख रहे हैं एबीपी लाइव पर श्वेता शर्मा की खास रिपोर्ट। महाराष्ट्र ने दावा किया है कि पिछले हफ्ते कॉकरो जनता पार्टी यानी कि सीजेपी के प्रोटेस्ट के दौरान सोशल मीडिया पर चलाए गए.
एक बड़े कोऑर्डिनेटेड डिसइफेशन कैंपेन का पता लगाया गया है। एजेंसी के मुताबिक जांच में 429 आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट और इसी के साथ प्रोफाइल्स की पहचान की गई है। यह पोस्ट Instagram, एक्स, Facebook [संगीत] और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए गए थे। महाराष्ट्र साइबर का कहना है कि इन अकाउंट्स का मकसद लोगों की पब्लिक परसेप्शन को मैनपुलेट करना, भ्रम फैलाना, अशांति भड़काना और पब्लिक ऑर्डर को प्रभावित करना था।
पुलिस के मुताबिक करीब 100 सोशल मीडिया अकाउंट्स भारत के बाहर से ऑपरेट हो रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि 140 से ज्यादा पोस्ट्स और प्रोफाइल्स में एआई जनरेटेड या एआई असिस्टेड कंटेंट का इस्तेमाल किया गया था। महाराष्ट्र ने दावा किया है कि इसकी पुष्टि उसके एडवांस्ड ऑडियो वीडियो फॉरेंसिक एनालिसिस टूल से की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक कई पोस्ट में डिजिटल एडिटिंग के जरिए भीड़ को वास्तविक रूप से कहीं ज्यादा दिखाया गया है। कुछ जगह साइंथेटिक वॉइस टोन ऑडियो और इसी के साथ पब्लिक फिगर्स के नाम पर फेक वीडियोस भी शेयर किए गए। महाराष्ट्र साइबर का यह भी दावा है कि भारत के बाहर मौजूद कुछ एंटीसोशियल एलिमेंट्स खासकर पाकिस्तान और मिडिल ईस्टर्न कंट्रीज से इन भ्रामक नैरेटिव्स को एंपलीफाई कर रहे थे और भारतीय दर्शकों को निशाना बना रहे थे। एजेंसी ने कहा है कि ऐसे अकाउंट्स के खिलाफ लीगल एक्शन शुरू कर दिया गया है।
साथ ही सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज की मदद से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। दूसरी ओर मुंबई पुलिस ने सीजेपी प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में 20 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में 1000 से ज्यादा युवक, युवतियों और कई प्रोटेस्ट ऑर्गेनाइज़र्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि युवाओं को समंस और नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आगे क्या कार्यवाही होगी इसका फैसला खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे।