एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर रहे हैं। आइए जरा सुनते हैं क्या कह रहे हैं सिब्बल साहब सुनिए जरा। आसाम में हो, बंगाल में हो, महाराष्ट्र में हो, जहांजहां भी पीसफुल प्रोटेस्ट हुए हैं और जहांजहां छात्रों को टारगेट किया जा रहा है या प्रोटेस्टर्स को टारगेट किया जा रहा है, वहां हम चाहेंगे कि अगर कोई मुकदमा कोई डालेगा।
कोई भी सरकार तो हम फिर उसके लिए एक व्यवस्था बनाएंगे ताकि वहां कुछ हमारे वकील खड़े हो सके। तो इसी सोच के साथ हम चाहते हैं कि कोई कारवाई नहीं हो। अगर एफआईआर होती है तो एफआईआर विड्र हो और मैंने कहा है कि हम एक ये सीजेपी ढांचा बनाएगी के किस-किस जगह पे क्या हुआ है?
किस छात्र को किस प्रोटेस्टर के खिलाफ कार्रवाई हुई है? चाहे कि मुफसिल में हुई हो। वहां कौन वकील है जो हमारी मदद कर सकता है। ठीक है? फिर यह लोग वेबसाइट बनाएंगे। ये मैं नहीं करूंगा। यह लोग खुद वेबसाइट बनाएंगे। उस वेबसाइट पे जो वकील लोग मदद करना चाहते हैं, वह अपना नाम देंगे।
कहां मदद कहां वो रहते हैं, किस तरह से मदद करेंगे, प्रोबोनो मदद करेंगे या उनके पास कुछ थोड़ा बहुत देना पड़ेगा। तो इस संदर्भ में मैंने कहा है कि मैं अपनी ओर से अपनी ओर से ₹1 करोड़ दूंगा। सिविल साहब कह रहे हैं उन लोगों की मदद की जाएगी। की उन प्रोटेस्टर्स की छात्रों की जिन पर कानूनी कारवाई हो चुकी है या फिर होने वाली है या हो रही है।