रवीना टंडन ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है, जिसमें उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि आवाज सुनी गई और जायज मांगें पूरी हुईं। पर वह इस बात पर बिफर गईं कि कुछ जगहों पर शांतिपूर्ण आंदोलन को गुंडों और राजनीतिक पार्टियों ने हाइजैक कर लिया, जबकि कुछ लोग सिर्फ लाइमलाइट पाने और रील बनाने पहुंचे थे।
सीजेपी प्रोटेस्ट की जीत हुई और एजुकेशन व्यवस्था में बदलाव आएगी इस तरह की एक उम्मीद जागी है। लेकिन सीजेपी प्रोटेस्ट में गए उन छात्रों पर भड़की है एक्ट्रेस रवीना टंडन जो मुद्दे से हटकर वहां पर सिर्फ और सिर्फ कंटेंट शूट करने गए, कंटेंट बनाने गए, रील्स बनाने गए ताकि उनके कुछ फॉलोवर्स बढ़ जाए।
लेकिन इसी प्रोटेस्ट में कुछ उपद्रवी घुस गए और उन्होंने पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और आंदोलन को भटकाने की कोशिश की और इनमें से कुछ लोग तो ऐसे थे जो सिर्फ और सिर्फ वहां पर रील्स बनाने के लिए आए थे और कुछ लोग अटेंशन पाने के लिए भी आए थे। आखिरकार जो मांगे जायज थी उन्हें सुनी गई। रवीना टंडन ने कहा कि यह जो
गैर छात्र लोग इस आंदोलन में घुसे थे यह इस आंदोलन को पटरी से उतार सकते थे। लेकिन फाइनली हमारी शिक्षा व्यवस्था की जीत हुई और जो स्टूडेंट्स हैं उनकी आवाज सरकार ने सुनी और जो बदलाव स्टूडेंट्स चाह रहे थे उन बदलाव की शुरुआत ऑलरेडी हो चुकी है और इसी के साथ अब उम्मीद जगती है कि हमारे समाज में और भी किसी फील्ड में अगर व्यवस्थाएं भटकी हुई है सही नहीं है तो यह स्टूडेंट्स ताकत रखते हैं ।
उन व्यवस्थाओं को ठीक करने की तो रवीना टंडन का यह स्टेटमेंट काफी वायरल हो रहा है क्योंकि हमने देखा है कि कई इन्फ्लुएंसर्स को प्रोटेस्ट से कोई लेना देना नहीं था। ना ही नीट पेपर लीक से उनका लेना देना था। वो वहां पर रील्स शूट करने गए थे और कुछ पॉलिटिशियंस, एक्टर्स, फिल्म इंडस्ट्री के लोग, कॉमेडियंस वहां पर सिर्फ इसलिए गए ताकि वो लाइमलाइट में आए ताकि वो न्यूज़ पेपर की हेडलाइन में आ सके ताकि उनकी तस्वीर न्यूज़ पेपर के फ्रंट पेज पर आए और ऐसा हुआ का भी