नीट पेपर लीक विवाद और लंबे समय तक चले छात्र आंदोलन के बीच देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी वरिष्ठ बीजेपी नेता और कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद प्रहलाद जोशी को सौंपी गई है।
प्रहलाद जोशी लंबे समय से पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं और कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। लेकिन राजनीतिक अनुभव के अलावा उनकी संपत्ति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक उनके पास करोड़ों रुपए की चल और अचल संपत्ति है। आइए विस्तार से जानते हैं कि नए शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी कौन है और उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है।
प्रहलाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक में हुआ था। उन्होंने वर्ष 2004 में पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था। इसके बाद से वे लगातार इसी सीट से जीत दर्ज करते हुए संसद पहुंचते रहे हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। जिसके चलते उन्हें पार्टी के अनुभवी नेताओं में शामिल किया जाता है। साल 204 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग में दाखिल किए गए शपथ पत्र के अनुसार प्रहलाद जोशी और उनके परिवार की कुल घोषित संपत्ति 21.9 करोड़ से अधिक है। इसमें करीब 8.97 करोड़ की चल संपत्ति शामिल है। हलफनामे के मुताबिक प्रहलाद जोशी के नाम लगभग 2.72 करोड़ की चल संपत्ति दर्ज है। जबकि उनकी पत्नी ज्योति जोशी के पास करीब 5.93 करोड़ और बेटी अनन्या वी जोशी के पास ₹32 लाख से अधिक की चल संपत्ति है। इन संपत्तियों में नगद राशि बैंक जमा फिक्स्ड डिपॉजिट म्यूच्यूल फंड शेयरों में निवेश, बीमा पॉलिसियां, पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ और सोने चांदी के आभूषण शामिल हैं।
हालांकि संपत्ति के साथ-साथ उनके ऊपर देनदारियां भी हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार प्रहलाद जोशी पर ₹8 करोड़ से अधिक की देनदारी दर्ज है। अगर निवेश की बात करें तो चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में प्रहलाद जोशी और उनकी पत्नी के बैंक खातों में कुल मिलाकर ₹92 लाख से अधिक जमा थे। इसके अलावा दोनों ने शेयर बाजार और म्यूच्यूल फंड में करीब 1.62 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया हुआ था। उनके निवेश पोर्टफोलियो में इनू चेम प्राइवेट लिमिटेड मिराकुलम मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और एबलेट डिज़ इंजीनियरिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के शेयर शामिल थे।
इसके अलावा उन्होंने SBI म्यूचल फंड की विभिन्न योजनाओं जैसे SBI ब्लूचिप फंड और मिडC फंड में भी निवेश किया था। हलफनामे में यह भी बताया गया है कि उनके पीपीएफ खाते में करीब ₹1 लाख जमा थे। वहीं लगभग ₹21 लाख की LIC पॉलिसियां भी उनके नाम दर्ज थी। आभूषणों की बात करें तो प्रहलाद जोशी के पास 180 ग्राम सोने की चैन और अंगूठियां तथा करीब 5 किग्र चांदी मौजूद थी। उनकी पत्नी के पास 500 ग्राम सोने के आभूषण और 2 किलग्र चांदी दर्ज की गई।
जबकि उनकी बेटी के पास 250 ग्राम सोने के आभूषण बताए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों रुपए की घोषित संपत्ति होने के बावजूद चुनावी हलफनामे में ना तो प्रह्लाद जोशी और ना ही उनकी पत्नी के नाम किसी कार या अन्य वाहन का उल्लेख किया गया है। अगर अचल संपत्ति की बात करें तो प्रह्लाद जोशी और उनके परिवार के पास करीब ₹12 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति दर्ज है। इसमें हुबली और बेंगलुरु में आवासीय संपत्तियां धारवाड़ में कृषि भूमि और कर्नाटक में गैर कृषि भूमि शामिल है। हलफनामे के अनुसार उनकी पत्नी के नाम धारवाड़ में 86.39 लाख से अधिक मूल्य की कृषि भूमि दर्ज है।
वहीं प्रहलाद जोशी के नाम हुबली के केशवपुर और बेंगलुरु में 5.25 करोड़ से अधिक मूल्य की गैर कृषि भूमि है। रिहायशी संपत्तियों की बात करें तो उनकी पत्नी के नाम कोई मकान दर्ज नहीं है। जबकि प्रहलाद जोशी के नाम हुबली के मयूरी स्टेट और बेंगलुरु के मलेश्वरम इलाके में घर और अपार्टमेंट है।
चुनावी हलफनामे के अनुसार इन दोनों संपत्तियों की कुल कीमत 5.99 करोड़ से अधिक है। अब शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालने के बाद प्रहलाद जोशी पर देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसलों की जिम्मेदारी होगी। वहीं उनके चुनावी हलफनामे में दर्ज संपत्ति और निवेश एक बार फिर चर्चा में है।