बड़ी खबर आपको देते हैं। गृह मंत्री अमित शाह का पहला बयान भी सामने आया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर गृह मंत्री अमित शाह ने एक पोस्ट लिखा और ये धर्मेंद्र प्रधान के पोस्ट को ही उन्होंने जो है उस पर कोट किया लिखा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं [संगीत] के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं।
आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का जो अपने पद से जो उन्होंने इस्तीफा दिया है वो इसी को दर्शाता है। मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है। पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है। पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले इसके लिए पीएम मोदी के द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय है। ये उन्होंने लिखा और नीट परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय भी होगा। ये उन्होंने लिखा। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का जिक्र करते हुए कहा कि
अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था करना। पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना तमाम तरह के उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके कार्य की सराहना भी की और कहा कि उन्होंने अपने काम के प्रति अपने समर्पण को दर्शाया अपने संकल्प को दर्शाया तो यह गृह मंत्री
अमित शाह का पोस्ट धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कई घंटों के बाद आया लगभग 9 घंटों के बाद और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने उनके कार्य को भी सराहा और अपने सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई कि हमारे लिए पद बहुत महत्वपूर्ण नहीं हमारे लिए देश महत्वपूर्ण है। हमारी युवा पीढ़ी और स्टूडेंट्स विद्यार्थी हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
और यह इस्तीफा इसी बात को दर्शाता है। गृह मंत्री अमित शाह का यह पोस्ट, यह ट्वीट और इसमें वो धर्मेंद्र प्रधान की सराहना भी करते हुए दिखाई दिए कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान चाहे वो मातृभाषाओं को आगे बढ़ाना हो, उसमें परीक्षाओं परीक्षाएं आयोजित करवाना हो, राष्ट्रीय शिक्षा नीति का इंप्लीमेंटेशन हो, कौशल विकास और उद्योग एकेडमिक समन्वयन को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाए गए कदम हो। उन्होंने आगे इसमें लिखा है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में भी धर्मेंद्र प्रधान ने काफी उल्लेखनीय काम किया है।